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Fatehabad News: पंचायत मंत्री के हलके में मनरेगा के हुए सबसे अधिक काम, फतेहाबाद व रतिया प्रभावित
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भूना खंड के गांव में मनरेगा के तहत ईंटों से रास्ता निर्माण करते मिस्त्री व मजदूर।
फतेहाबाद। जिले में पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के क्षेत्र को छोड़कर बाकी जगह मनरेगा के तहत हुए कार्यों की साढ़े आठ करोड़ रुपये की राशि रुक गई है। इस कारण ग्रामीण आंचल का विकास थम गया है। सरकार की नई शर्तों व पीछे से पेमेंट का भुगतान न होने के कारण फतेहाबाद व रतिया हलके के कई गांवों में काम प्रभावित हुआ है। सिर्फ पंचायत मंत्री के हलके टोहाना में पूरी पेमेंट आई है। यही नहीं मनरेगा के तहत होने वाले पक्के काम सीधे टोहाना हलके में जा रहे हैं, जिस कारण पेमेंट की कमी आ गई है। इसके चलते जिला परिषद ने पक्के कामों के मस्टररोल रोक दिए हैं।
दरअसल, जिले के 259 गांवों में मनरेगा का कार्य होता है। मनरेगा के तहत जहां गांवों में कच्चे कामों में फिरनियाें पर मिट्टी भराई व मिट्टी डालने से संबंधित काम होते हैं, वहीं पक्के कामों में गली निर्माण, शेड, खाल व सड़क निर्माण से संबंधित काम आते हैं। जिले में पक्के काम फतेहाबाद व रतिया हलके में कम तो टोहाना में अधिक शिफ्ट हो गए हैं। मनरेगा के तहत जो राशि आ रही थी, वह भी पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के क्षेत्र में अधिक जारी की गई है। जिस कारण ग्रांट कम होती गई और फतेहाबाद व रतिया हलके के गांवों में मनरेगा के करोड़ों रुपये रुक गए हैं। रतिया व फतेहाबाद हलके के सरपंचों का कहना है कि नवंबर माह तक की राशि तो आई, लेकिन इसके बाद कोई राशि नहीं आई है। लगभग साढ़े 8 करोड़ रुपये की राशि रुकी हुई है, जिसमें मनरेगा मजदूरों का वेतन भी शामिल है। मनरेगा मजदूरों के लिए सरकार ने शर्त लगाई है कि एक जनवरी से मनरेगा मजदूर अपने बैंक खातों में आधार कार्ड से केवाईसी करवाएं, इसके बाद ही उनके खातों में उनका वेतन आएगा।
दोनों हलकों में पक्के कामों का मस्टररोल भी रुका
-जिला परिषद ने फिलहाल रतिया व फतेहाबाद में पक्के कामों का मस्टररोल रोक दिया है। जिस कारण सरपंचों को गांवों में पक्के काम करवाने की परेशानी हो रही है। कच्चे कामों का मस्टररोल काटे जा रहे हैं। बताया गया है कि मनरेगा के तहत होने वाले अधिकांश काम टोहाना हलके में हो रहे हैं, जिसका असर फतेहाबाद व रतिया हलके पर पड़ रहा है।
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कोट
मनरेगा की पेमेंट पहले नहीं आ रही थी, लेकिन अब आनी आरंभ हो गई है। मगर पक्के कामों के मस्टररोल पिछले तीन माह से बंद पड़े हैं, जिस कारण गांवों में मनरेगा के तहत होने वाले काम रुके हुए हैं।
चंद्रमोहन पोटलिया, प्रदेश प्रवक्ता, हरियाणा सरपंच एसोसिएशन
कोट
फिलहाल पक्के कामों के लिए मनरेगा के तहत बजट कम है। कच्चे कामों के मस्टररोल तो निकाले जा रहे हैं, लेकिन पक्के कामों के मस्टररोल अभी एक बार रोके गए हैं।
सुनीता खिचड़, चेयरपर्सन, जिला परिषद फतेहाबाद
कोट
केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा के कामों व मजदूरों के लिए ग्रांट जारी कर दी गई है। मनरेगा मजदूरों का वेतन करीब डेढ़ माह से रुका हुआ है, इनमें 89 फीसदी मनरेगा मजदूरों की केवाईसी करवा दी गई है। वहीं जल्द ही मनरेगा मजदूरों की केवाईसी करवा दी जाएगी। इसके बाद उनके खातों में रुपये आ जाएंगे। मनरेगा के कामों के लिए भी पेमेंट आनी आरंभ हो गई है।
सौरभ कुमार, मनरेगा इंचार्ज
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दरअसल, जिले के 259 गांवों में मनरेगा का कार्य होता है। मनरेगा के तहत जहां गांवों में कच्चे कामों में फिरनियाें पर मिट्टी भराई व मिट्टी डालने से संबंधित काम होते हैं, वहीं पक्के कामों में गली निर्माण, शेड, खाल व सड़क निर्माण से संबंधित काम आते हैं। जिले में पक्के काम फतेहाबाद व रतिया हलके में कम तो टोहाना में अधिक शिफ्ट हो गए हैं। मनरेगा के तहत जो राशि आ रही थी, वह भी पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के क्षेत्र में अधिक जारी की गई है। जिस कारण ग्रांट कम होती गई और फतेहाबाद व रतिया हलके के गांवों में मनरेगा के करोड़ों रुपये रुक गए हैं। रतिया व फतेहाबाद हलके के सरपंचों का कहना है कि नवंबर माह तक की राशि तो आई, लेकिन इसके बाद कोई राशि नहीं आई है। लगभग साढ़े 8 करोड़ रुपये की राशि रुकी हुई है, जिसमें मनरेगा मजदूरों का वेतन भी शामिल है। मनरेगा मजदूरों के लिए सरकार ने शर्त लगाई है कि एक जनवरी से मनरेगा मजदूर अपने बैंक खातों में आधार कार्ड से केवाईसी करवाएं, इसके बाद ही उनके खातों में उनका वेतन आएगा।
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दोनों हलकों में पक्के कामों का मस्टररोल भी रुका
-जिला परिषद ने फिलहाल रतिया व फतेहाबाद में पक्के कामों का मस्टररोल रोक दिया है। जिस कारण सरपंचों को गांवों में पक्के काम करवाने की परेशानी हो रही है। कच्चे कामों का मस्टररोल काटे जा रहे हैं। बताया गया है कि मनरेगा के तहत होने वाले अधिकांश काम टोहाना हलके में हो रहे हैं, जिसका असर फतेहाबाद व रतिया हलके पर पड़ रहा है।
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मनरेगा की पेमेंट पहले नहीं आ रही थी, लेकिन अब आनी आरंभ हो गई है। मगर पक्के कामों के मस्टररोल पिछले तीन माह से बंद पड़े हैं, जिस कारण गांवों में मनरेगा के तहत होने वाले काम रुके हुए हैं।
चंद्रमोहन पोटलिया, प्रदेश प्रवक्ता, हरियाणा सरपंच एसोसिएशन
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फिलहाल पक्के कामों के लिए मनरेगा के तहत बजट कम है। कच्चे कामों के मस्टररोल तो निकाले जा रहे हैं, लेकिन पक्के कामों के मस्टररोल अभी एक बार रोके गए हैं।
सुनीता खिचड़, चेयरपर्सन, जिला परिषद फतेहाबाद
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केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा के कामों व मजदूरों के लिए ग्रांट जारी कर दी गई है। मनरेगा मजदूरों का वेतन करीब डेढ़ माह से रुका हुआ है, इनमें 89 फीसदी मनरेगा मजदूरों की केवाईसी करवा दी गई है। वहीं जल्द ही मनरेगा मजदूरों की केवाईसी करवा दी जाएगी। इसके बाद उनके खातों में रुपये आ जाएंगे। मनरेगा के कामों के लिए भी पेमेंट आनी आरंभ हो गई है।
सौरभ कुमार, मनरेगा इंचार्ज