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Fatehabad News: इस मानसून जिले में लगाए जाएंगे सात लाख से अधिक पौधे
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फतेहाबाद। वन विभाग ने मानसून सीजन में जिले के वन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए कमर कस ली है। वन विभाग इस बार वन क्षेत्र के बढ़ावा देने का प्रयास तो करेगा ही साथ ही स्कूलों, सामाजिक संस्थाओं व अपने स्तर पर जहां हरियाली कम है, वहां पर पौधे लगाएगा। साथ ही जिले में बने अमृत सरोवरों पर भी फलदार व छायादार पौधों का रोपण किया जाएगा। इस बार वन विभाग ने पिछले साल की अपेक्षा दो लाख पौधे अधिक लगाने का निर्णय लिया है। इस साल सात लाख 20 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस दिवस के बाद से ही वन विभाग भी पौधरोपण की तैयारी आरंभ कर देता है। अमूमन प्रदेेश में मानसून जून के अंत व जुलाई माह के आरंभ में आता है और यह समय पौधरोपण के लिए सबसे सही समय माना जाता है। इस बार भी वन विभाग ने मेगा पौधरोपण की तैयारी की है। फतेहाबाद में वनक्षेत्र पूरे प्रदेश में सबसे कम है। यह 2538 वर्ग किलोमीटर हिस्सों में फैला हुआ है। खासतौर पर वन विभाग की जमीन पर ही वनक्षेत्र है। ऐसे में इस बार वनक्षेत्र को बढ़ाने व जिले में हरियाली लाने के लिए वन विभाग ने मेगा प्लान बनाया है।
वन विभाग मुफ्त बांटेगा साढ़े तीन लाख पौधे
वन विभाग ने इस बार सात लाख 20 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। वन विभाग का मुख्य लक्ष्य उन स्थानों पर रहेगा, जहां पेड़ कटे हैं। विभाग की ओर से इस बार साढ़े तीन लाख पौधे मुफ्त वितरित किए जाएंगे। इनमें एक लाख पौधे आम आदमी के लिए, एक लाख स्कूलों के लिए व डेढ़ लाख पौधे जल शक्ति अभियान के तहत ग्राम पंचायतों को वितरित किए जाएंगे।
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क्लोन सफेदा के साढ़े तीन लाख लगेंगे पौधे
वन विभाग की ओर से इस बार किसानों की आय की ओर भी ध्यान दिया गया है। किसानों के खेतों में इस बार क्लोन सफेदा के साढ़े तीन लाख पौधे लगाए जाएंगे। क्लोन सफेदा से किसानों को अच्छी आमदनी भी होती है और यह सेम ग्रस्त इलाकों में कारगर साबित होता है। इसके अलावा विभाग की ओर से नेशनल हाइवे व स्टेट हाइवे पर शीशम, जामून, नीम, कचनार, बकैण, आंवला, लसोड़ा व अर्जुन के पौधे भी लगाए जाएंगे।
सालभर आठ नर्सरियों में होते हैं पौधे तैयार
जिले में वन विभाग की आठ नर्सरियां हैं, जहां पर पौध तैयार की जाती है। इनमें बड़ोपल, सालमखेड़ा, भूना, चिम्मो, रोझांवाली, टोहाना, चांदपुरा व खाराखेड़ी शामिल हैं। हर साल यहां पर लाखों छायादार, फलदार व फूलों की पौध तैयार की जाती है। आम जनता के लिए यहां पर मुफ्त में पौधे वितरित किए जाते हैं।
कोट
इस बार मानसून की अगुवाई पर जिले के सात लाख 20 हजार पौधे लगाए जाएंगे। यह टारगेट बन चुका है और आगे भी टारगेट बढ़ सकता है। पौधरोपण के बाद वन विभाग की ओर से पौधे को दो बार पानी दिया जाता है। इसके बाद टैंकरों के माध्यम से पौधों को साल दर साल पानी दिया जाता है।
-राजेेश कुमार, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद।
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हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस दिवस के बाद से ही वन विभाग भी पौधरोपण की तैयारी आरंभ कर देता है। अमूमन प्रदेेश में मानसून जून के अंत व जुलाई माह के आरंभ में आता है और यह समय पौधरोपण के लिए सबसे सही समय माना जाता है। इस बार भी वन विभाग ने मेगा पौधरोपण की तैयारी की है। फतेहाबाद में वनक्षेत्र पूरे प्रदेश में सबसे कम है। यह 2538 वर्ग किलोमीटर हिस्सों में फैला हुआ है। खासतौर पर वन विभाग की जमीन पर ही वनक्षेत्र है। ऐसे में इस बार वनक्षेत्र को बढ़ाने व जिले में हरियाली लाने के लिए वन विभाग ने मेगा प्लान बनाया है।
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वन विभाग मुफ्त बांटेगा साढ़े तीन लाख पौधे
वन विभाग ने इस बार सात लाख 20 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। वन विभाग का मुख्य लक्ष्य उन स्थानों पर रहेगा, जहां पेड़ कटे हैं। विभाग की ओर से इस बार साढ़े तीन लाख पौधे मुफ्त वितरित किए जाएंगे। इनमें एक लाख पौधे आम आदमी के लिए, एक लाख स्कूलों के लिए व डेढ़ लाख पौधे जल शक्ति अभियान के तहत ग्राम पंचायतों को वितरित किए जाएंगे।
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क्लोन सफेदा के साढ़े तीन लाख लगेंगे पौधे
वन विभाग की ओर से इस बार किसानों की आय की ओर भी ध्यान दिया गया है। किसानों के खेतों में इस बार क्लोन सफेदा के साढ़े तीन लाख पौधे लगाए जाएंगे। क्लोन सफेदा से किसानों को अच्छी आमदनी भी होती है और यह सेम ग्रस्त इलाकों में कारगर साबित होता है। इसके अलावा विभाग की ओर से नेशनल हाइवे व स्टेट हाइवे पर शीशम, जामून, नीम, कचनार, बकैण, आंवला, लसोड़ा व अर्जुन के पौधे भी लगाए जाएंगे।
सालभर आठ नर्सरियों में होते हैं पौधे तैयार
जिले में वन विभाग की आठ नर्सरियां हैं, जहां पर पौध तैयार की जाती है। इनमें बड़ोपल, सालमखेड़ा, भूना, चिम्मो, रोझांवाली, टोहाना, चांदपुरा व खाराखेड़ी शामिल हैं। हर साल यहां पर लाखों छायादार, फलदार व फूलों की पौध तैयार की जाती है। आम जनता के लिए यहां पर मुफ्त में पौधे वितरित किए जाते हैं।
कोट
इस बार मानसून की अगुवाई पर जिले के सात लाख 20 हजार पौधे लगाए जाएंगे। यह टारगेट बन चुका है और आगे भी टारगेट बढ़ सकता है। पौधरोपण के बाद वन विभाग की ओर से पौधे को दो बार पानी दिया जाता है। इसके बाद टैंकरों के माध्यम से पौधों को साल दर साल पानी दिया जाता है।
-राजेेश कुमार, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद।