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झटका : बंदर पकड़ने का रद्द होगा टेंडर, एक ही एजेंसी ने किया आवेदन
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फतेहाबाद। शहर के लोगों को बंदरों से अभी निजात नहीं मिलेगी। इसके लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। नगर परिषद द्वारा बंदर पकड़ने का लगाया गया टेंडर रद्द किया जा रहा है। नगर परिषद द्वारा लगाए गए टेंडर में एक ही एजेंसी ने आवेदन किया है, ऐसे में टेंडर नहीं खोला जा सकता है। नगर परिषद अधिकारी अब दोबारा से टेंडर लगाएंगे। सोमवार तक दोबारा से टेंडर लगाया जा सकता है।
बता दें कि शहर में बंदरों के आतंक के चलते नगर परिषद कार्यालय में पार्षदों व लोगों ने हंगामा किया था। लोगों के गुस्से को देखते हुए नगर परिषद अधिकारियों ने आनन-फानन में वन जीव प्राणी विभाग से अनुमति ली थी। हालांकि अनुमति के लिए नगर परिषद अधिकारियों ने पहले ही पत्र भेज रखा था लेकिन कार्रवाई की तरफ ध्यान नहीं दिया था। संबंधित विभाग से अनुमति मिलने के बाद नगर परिषद ने टेंडर लगाया था।
300 बंदर पकड़ने की मांगी थी अनुमति
वन्य जीव प्राणी विभाग ने शहर से 300 बंदर पकडऩे के लिए वन्य जीव प्राणी विभाग से अनुमति मांगी थी। विभाग ने अनुमति देते हुए निर्देश दिए है कि बंदरों को पकड़कर फिरोजपुर झिरका के जंगल में छोड़ा जाना है और इसको लेकर वीडियोग्राफी भी की जानी है।
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इन क्षेत्रों में हैं सबसे ज्यादा बंदर
शहर के जगजीवनपुरा मोहल्ला, बीमा कॉलोनी, सूर्या इंकलेव, डीसी कॉलोनी, लाजपत नगर, भीमां बस्ती, चार मरला कॉलोनी, एमसी कॉलोनी आदि क्षेत्र में सबसे ज्यादा बंदरों का आतंक है। पिछले दिनों भीमां बस्ती के हाई स्कूल में बंदरों से छात्राओं को बचाते हुए शिक्षिका घायल हो गई थी।
कोट
शहर से बंदर पकड़ने के लिए टेंडर लगाया गया था, लेकिन एक ही एजेंसी आई है। टेंडर रद्द करके एक सप्ताह के लिए दोबारा लगाया जाएगा।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद
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बता दें कि शहर में बंदरों के आतंक के चलते नगर परिषद कार्यालय में पार्षदों व लोगों ने हंगामा किया था। लोगों के गुस्से को देखते हुए नगर परिषद अधिकारियों ने आनन-फानन में वन जीव प्राणी विभाग से अनुमति ली थी। हालांकि अनुमति के लिए नगर परिषद अधिकारियों ने पहले ही पत्र भेज रखा था लेकिन कार्रवाई की तरफ ध्यान नहीं दिया था। संबंधित विभाग से अनुमति मिलने के बाद नगर परिषद ने टेंडर लगाया था।
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300 बंदर पकड़ने की मांगी थी अनुमति
वन्य जीव प्राणी विभाग ने शहर से 300 बंदर पकडऩे के लिए वन्य जीव प्राणी विभाग से अनुमति मांगी थी। विभाग ने अनुमति देते हुए निर्देश दिए है कि बंदरों को पकड़कर फिरोजपुर झिरका के जंगल में छोड़ा जाना है और इसको लेकर वीडियोग्राफी भी की जानी है।
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इन क्षेत्रों में हैं सबसे ज्यादा बंदर
शहर के जगजीवनपुरा मोहल्ला, बीमा कॉलोनी, सूर्या इंकलेव, डीसी कॉलोनी, लाजपत नगर, भीमां बस्ती, चार मरला कॉलोनी, एमसी कॉलोनी आदि क्षेत्र में सबसे ज्यादा बंदरों का आतंक है। पिछले दिनों भीमां बस्ती के हाई स्कूल में बंदरों से छात्राओं को बचाते हुए शिक्षिका घायल हो गई थी।
कोट
शहर से बंदर पकड़ने के लिए टेंडर लगाया गया था, लेकिन एक ही एजेंसी आई है। टेंडर रद्द करके एक सप्ताह के लिए दोबारा लगाया जाएगा।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद