{"_id":"689a31d5575757cac20a44d7","slug":"mnrega-workers-accused-the-sarpanch-of-being-biased-fatehabad-news-c-127-1-ftb1001-138421-2025-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: मनरेगा कर्मियों ने सरपंच पर लगाया पक्षपात करने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: मनरेगा कर्मियों ने सरपंच पर लगाया पक्षपात करने का आरोप
Mon, 11 Aug 2025 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 11 Aug 2025 11:39 PM IST
विज्ञापन
कुलां में कार्यवाहक सरपंच के खिलाफ के प्रदर्शन करते मनरेगा मजदूर
कुलां। गांव कुलां में मनरेगा कर्मियों व मेट ने कार्यवाहक सरपंच गुरप्रीत सिंह पर मनरेगा योजना के तहत मिलने वाले कार्य में पक्षपात करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए इसकी शिकायत राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला को देकर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने मनरेगा मेट बंटी राम व मनरेगा मजदूर खुशबिंद्र कौर, कृष्णा, रणजीत कौर, सुनीता, आशा, महेंद्र, सुभाष, चरणजीत, जगमेल, मदन, जीतो, तारो आदि ने आरोप लगाया कि कार्यवाहक सरपंच मनरेगा योजना के तहत अपने चहेते कर्मियों को ही फायदा पहुंचाया रहा है और दूसरे के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से जो निर्धारित मनरेगा मजदूरी बनती है, उसका मस्टररोल निकलता है।
आरोप है कि सरपंच मस्टररोल पर हस्ताक्षर करने से इन्कार कर देता है। यहीं नहीं, सरपंच द्वारा उन श्रमिकों को फर्जी बताया जाता है। मनरेगा योजना के तहत गांव में काम आता है, इसके बावजूद सरपंच उनसे अपने निजी कार्य करवाता है। मनरेगा कर्मियों ने बराला से उन्हें एक बार में लगातार 10 दिन कार्य देने की मांग की है।
विज्ञापन
-
:: सभी मनरेगा मेटों को बराबर काम दिया जा रहा है। ऐसे में जिन मनरेगा मेटों को काम मिल गया वो दोबारा काम मांग रहे हैं। किसी के साथ कोई रंजिश नहीं हैं।
-गुरप्रीत सिंह, कार्यवाहक सरपंच, कुलां।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने मनरेगा मेट बंटी राम व मनरेगा मजदूर खुशबिंद्र कौर, कृष्णा, रणजीत कौर, सुनीता, आशा, महेंद्र, सुभाष, चरणजीत, जगमेल, मदन, जीतो, तारो आदि ने आरोप लगाया कि कार्यवाहक सरपंच मनरेगा योजना के तहत अपने चहेते कर्मियों को ही फायदा पहुंचाया रहा है और दूसरे के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से जो निर्धारित मनरेगा मजदूरी बनती है, उसका मस्टररोल निकलता है।
विज्ञापन
आरोप है कि सरपंच मस्टररोल पर हस्ताक्षर करने से इन्कार कर देता है। यहीं नहीं, सरपंच द्वारा उन श्रमिकों को फर्जी बताया जाता है। मनरेगा योजना के तहत गांव में काम आता है, इसके बावजूद सरपंच उनसे अपने निजी कार्य करवाता है। मनरेगा कर्मियों ने बराला से उन्हें एक बार में लगातार 10 दिन कार्य देने की मांग की है।
विज्ञापन
-
:: सभी मनरेगा मेटों को बराबर काम दिया जा रहा है। ऐसे में जिन मनरेगा मेटों को काम मिल गया वो दोबारा काम मांग रहे हैं। किसी के साथ कोई रंजिश नहीं हैं।
-गुरप्रीत सिंह, कार्यवाहक सरपंच, कुलां।