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जिले के 75 हजार विद्यार्थियों के दो महीने का मिड-डे-मील पचा गया विभाग
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जिले के 75 हजार विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग ने दो माह के मिड-डे-मील राशन से वंचित रख दिया है। अप्रैल तक का राशन देने के बाद शिक्षा विभाग ने सीधा जुलाई और अगस्त का राशन विद्यार्थियों को देने के आदेश दे दिए हैँ। यानी शिक्षा विभाग मई और जून माह का राशन विद्यार्थियों को नहीं दे रहा है। सिर्फ जुलाई और अगस्त माह का राशन बांटने को लेकर गाइडलाइन जारी हुई है। यहां तक की बर्तनों के फंड से फ्लेवर दूध का भुगतान किया गया था लेकिन बावजूद इसके पांच माह से विद्यार्थियों को दूध भी नहीं मिला है।
मई और जून का मिड-डे-मील न देकर शिक्षा विभाग ने प्राइमरी कक्षा के एक विद्यार्थी को दिए जाने वाले करीब पांच किलो और मिडल कक्षा के विद्यार्थी से सात किलो राशन बचाया है। शिक्षाविदों की माने तो प्रत्येक साल जून माह में ग्रीष्मावकाश होने पर विद्यार्थियों को मिड-डे-मील राशन दिया जाता है लेकिन इस साल दो माह का राशन देना ही विभाग भूल गया है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बर्तनों के लिए आए फंड को वापस ले लिया था। इस फंड से फ्लेवर दूध का पिछला भुगतान किया गया। लेकिन बावजूद इसके पांच माह बाद भी छात्रों को फ्लेवर दूध पिछले पांच माह से नहीं मिला है। फरवरी तक ही बच्चों को फ्लेवर दूध दिया गया है।
जानिए जुलाई और अगस्त का कितना मिलेगा राशन
विंग जुलाई राशन अगस्त राशन
प्राइमरी 2.500 किलोग्राम 2.400 किलोग्राम
मिडल 3.750 किलोग्राम 3.600 किलोग्राम
जिले में विद्यार्थियों की संख्या
स्कूल विद्यार्थी
प्राइमरी 44269
मिडल 29674
कुकिंग कोस्ट भी नहीं मिली विद्यार्थियों को
मिड-डे-मील का सूखा राशन विद्यार्थियों को बांटने के कारण विभाग कुकिंग कोस्ट खाते में डाल रहा है। लेकिन मार्च माह के बाद ये भी विद्यार्थियों को नहीं मिली है। प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थी को 4 रुपये 97 पैसे तथा मिडल कक्षा के विद्यार्थी को 7 रुपये 45 पैसे के हिसाब से कुकिंग कोस्ट देने का प्रावधान है।
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कुक को भी दो माह से नहीं मिला मानदेय
शिक्षा विभाग ने कुक को मई और जून माह का मानदेय नहीं मिला है। कुक को 3500 रुपये प्रति माह के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। यहां तक कि इस संबंध में आदेश जारी नहीं हुए है।
कोट
विद्यार्थी कुपोषण का शिकार न हो इसलिए मिड-डे-मील योजना शुरू की थी। लेकिन मिड-डे-मील राशन विद्यार्थियों को न देकर सरकार इनके जीवन से खिलवाड़ कर रही है। जबकि स्वास्थ्य विभाग तीसरी लहर का अंदेशा जता रहा है और बालकों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पोषण भोजन देना जरूरी है।
- देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा।
कोट
शिक्षा विभाग निदेशालय की तरफ से जुलाई और अगस्त माह का मिड डे मील राशन बांटने के आदेश आए है। मई और जून माह का राशन देने का अभी आदेश नहीं आए है। निदेशालय स्तर पर ही इस संबंध में आदेश जारी होते है।
- अनीता सिंगला, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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मई और जून का मिड-डे-मील न देकर शिक्षा विभाग ने प्राइमरी कक्षा के एक विद्यार्थी को दिए जाने वाले करीब पांच किलो और मिडल कक्षा के विद्यार्थी से सात किलो राशन बचाया है। शिक्षाविदों की माने तो प्रत्येक साल जून माह में ग्रीष्मावकाश होने पर विद्यार्थियों को मिड-डे-मील राशन दिया जाता है लेकिन इस साल दो माह का राशन देना ही विभाग भूल गया है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बर्तनों के लिए आए फंड को वापस ले लिया था। इस फंड से फ्लेवर दूध का पिछला भुगतान किया गया। लेकिन बावजूद इसके पांच माह बाद भी छात्रों को फ्लेवर दूध पिछले पांच माह से नहीं मिला है। फरवरी तक ही बच्चों को फ्लेवर दूध दिया गया है।
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जानिए जुलाई और अगस्त का कितना मिलेगा राशन
विंग जुलाई राशन अगस्त राशन
प्राइमरी 2.500 किलोग्राम 2.400 किलोग्राम
मिडल 3.750 किलोग्राम 3.600 किलोग्राम
जिले में विद्यार्थियों की संख्या
स्कूल विद्यार्थी
प्राइमरी 44269
मिडल 29674
कुकिंग कोस्ट भी नहीं मिली विद्यार्थियों को
मिड-डे-मील का सूखा राशन विद्यार्थियों को बांटने के कारण विभाग कुकिंग कोस्ट खाते में डाल रहा है। लेकिन मार्च माह के बाद ये भी विद्यार्थियों को नहीं मिली है। प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थी को 4 रुपये 97 पैसे तथा मिडल कक्षा के विद्यार्थी को 7 रुपये 45 पैसे के हिसाब से कुकिंग कोस्ट देने का प्रावधान है।
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कुक को भी दो माह से नहीं मिला मानदेय
शिक्षा विभाग ने कुक को मई और जून माह का मानदेय नहीं मिला है। कुक को 3500 रुपये प्रति माह के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। यहां तक कि इस संबंध में आदेश जारी नहीं हुए है।
कोट
विद्यार्थी कुपोषण का शिकार न हो इसलिए मिड-डे-मील योजना शुरू की थी। लेकिन मिड-डे-मील राशन विद्यार्थियों को न देकर सरकार इनके जीवन से खिलवाड़ कर रही है। जबकि स्वास्थ्य विभाग तीसरी लहर का अंदेशा जता रहा है और बालकों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पोषण भोजन देना जरूरी है।
- देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा।
कोट
शिक्षा विभाग निदेशालय की तरफ से जुलाई और अगस्त माह का मिड डे मील राशन बांटने के आदेश आए है। मई और जून माह का राशन देने का अभी आदेश नहीं आए है। निदेशालय स्तर पर ही इस संबंध में आदेश जारी होते है।
- अनीता सिंगला, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।