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Fatehabad News: पारा <bha>@</bha>44<bha>;</bha> व्यवस्था संभालने वाले पुलिसकर्मी अव्यवस्था के शिकार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Jun 2025 11:37 PM IST
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Mercury @44; Policemen who manage the law and order are victims of chaos
शहर का भूना मोड जहां पर ड्यूटी के दौरान आराम करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। संवाद
फतेहाबाद। भीषण गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। 44 डिग्री सेल्सियस पार पहुंच रहे तापमान में जहां लोग घरों से निकलने से भी कतरा रहे हैं, वहीं यातायात पुलिसकर्मी व गृहरक्षी बीच सड़क पर खड़े होकर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।
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सबसे चिंताजनक स्थिति फतेहाबाद के बीघड़ चौक की है, जहां यातायात पुलिसकर्मियों के लिए धूप से बचाव का कोई प्रबंध नहीं है। न तो यहां कोई स्थायी शेड है और न ही अस्थायी टेंट का कोई इंतजाम, जिससे ये पुलिसकर्मी चिलचिलाती धूप में घंटों खड़े रहने को मजबूर हैं। वहीं इन कर्मियों के लिए पीने के पानी का भी कोई प्रबंध नहीं है। पुलिसकर्मियों को आराम करने व पीने के लिए पानी की जरूरत पूरा करने के लिए स्थानीय दुकानदारों की मदद लेनी पड़ती है।
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तपती सड़क पर बिना छांव के ड्यूटी

बीघड़ चौक फतेहाबाद के सबसे व्यस्ततम चौकों में से एक है। यहां से जहां से कई गांवों व शहर के मुख्य बाजार को जोड़ने वाली सड़कें गुजरती हैं। दिनभर वाहनों का भारी दबाव रहता है, जिससे यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना एक चुनौती भरा काम है। ऐसे में यातायात पुलिसकर्मी बिना किसी छांव के, अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक लगातार वाहनों को दिशा-निर्देश देते हैं। जाम लगने पर स्थिति को नियंत्रित करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि यातायात सुचारू रूप से चलता रहे। उनकी वर्दी पसीने से भीगी रहती है और चेहरा धूप से झुलसा नजर आता है।
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भूना रोड और सिरसा रोड पर भी यही हाल



बीघड़ चौक ही नहीं, बल्कि भूना रोड और सिरसा रोड पर भी तैनात यातायात पुलिसकर्मियों का यही हाल है। इन सड़कों पर भी उन्हें धूप से बचाव के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं मिल पा रही है। यहां भी न तो कोई स्थायी बूथ है और न ही कोई छाता या शेड का इंतजाम। ऐसे में ये पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। दिन के सबसे गर्म घंटों में जब तापमान अपने चरम पर होता है, तब भी वे बिना अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर रहे होते हैं।



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पानी के लिए दुकानदारों का सहारा



सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इन पुलिसकर्मियों के लिए पीने के पानी का भी कोई निश्चित प्रबंध नहीं है। उन्हें अपनी प्यास बुझाने के लिए अक्सर आसपास की दुकानों का सहारा लेना पड़ता है। यह स्थिति भी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एक तरफ वे नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्हें अपनी जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

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जर्जर हो चुके कमरे में कर रहे आराम

शहर के सेक्टर तीन के पास लगे पुलिस नाके पर तैनात कर्मियों के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है। तैनात कर्मी जर्जर हो चुके कमरे में आराम कर रहे है। वहीं उस कमरे में पानी की व्यवस्था भी नहीं है। कर्मी अपने स्तर पर ही पानी का प्रबंध कर रहे हैं।


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उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाएंगे मामला

यातायात थाना प्रभारी जयसिंह का कहना है कि शहर के बीघड चौक समेत कई प्वाइंट पर पुलिसकर्मियों के बैठने के लिए व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाकर व्यवस्था की जाएगी।

शहर का भूना मोड जहां पर ड्यूटी के दौरान आराम करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। संवाद

शहर का भूना मोड जहां पर ड्यूटी के दौरान आराम करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। संवाद

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