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पत्नी के चरित्र पर शक के चलते की थी हत्या, पति को आजीवन कारावास
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फतेहाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीएस वधवा की अदालत ने चरित्र पर शक करते हुए पत्नी की हत्या करने के दोषी पति को आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये कैद की सजा सुनाई है।
इस मामले में भट्टूकलां थाना पुलिस नेे कमलेश देवी निवासी गांव मीरपुर जिला सिरसा की शिकायत पर सुखबीर सिंह निवासी प्रताप नगर भट्टूमंडी के खिलाफ 18 जुलाई 2019 को हत्या का केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में कमलेश देवी ने बताया था कि उसकी बेटी सुमन का विवाह छह साल पहले सुखबीर सिंह के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही सुखबीर उसकी बेटी सुमन के चरित्र पर शक करता था और अक्सर उससे मारपीट करता था। बार-बार के झगड़े को देखते हुए एक बार वह अपनी बेटी सुमन को अपने साथ गांव मीरपुर ले आई। दो माह बाद वह उसे छोड़ने के लिए गई थी। उस समय उसकी बेटी ने उसे कहा था कि उसका पति उसे मार देगा। कमलेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि इससे पहले वह अपने दामाद सुखबीर से मिली थी और उसे समझाया था और बेटी को ससुराल छोड़कर वापस आ गई। अगले दिन उसे सूचना मिली कि उसकी बेटी की मौत हो गई है।
जब वह सुमन के घर पहुंची तो उसकी बेटी के मुंह, आंख व बाजू पर चोटों के निशान थे और उसका गला भी नीला पड़ गया था। कमलेेश का आरोप था कि उसके दामाद सुखबीर ने उसकी बेटी सुमन से पहले मारपीट की और इसके बाद चुनरी से गला दबाकर उसकी बेटी की हत्या कर दी। अदालत ने मामले की सुुनवाई करते हुए सुखबीर सिंह को दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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इस मामले में भट्टूकलां थाना पुलिस नेे कमलेश देवी निवासी गांव मीरपुर जिला सिरसा की शिकायत पर सुखबीर सिंह निवासी प्रताप नगर भट्टूमंडी के खिलाफ 18 जुलाई 2019 को हत्या का केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में कमलेश देवी ने बताया था कि उसकी बेटी सुमन का विवाह छह साल पहले सुखबीर सिंह के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही सुखबीर उसकी बेटी सुमन के चरित्र पर शक करता था और अक्सर उससे मारपीट करता था। बार-बार के झगड़े को देखते हुए एक बार वह अपनी बेटी सुमन को अपने साथ गांव मीरपुर ले आई। दो माह बाद वह उसे छोड़ने के लिए गई थी। उस समय उसकी बेटी ने उसे कहा था कि उसका पति उसे मार देगा। कमलेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि इससे पहले वह अपने दामाद सुखबीर से मिली थी और उसे समझाया था और बेटी को ससुराल छोड़कर वापस आ गई। अगले दिन उसे सूचना मिली कि उसकी बेटी की मौत हो गई है।
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जब वह सुमन के घर पहुंची तो उसकी बेटी के मुंह, आंख व बाजू पर चोटों के निशान थे और उसका गला भी नीला पड़ गया था। कमलेेश का आरोप था कि उसके दामाद सुखबीर ने उसकी बेटी सुमन से पहले मारपीट की और इसके बाद चुनरी से गला दबाकर उसकी बेटी की हत्या कर दी। अदालत ने मामले की सुुनवाई करते हुए सुखबीर सिंह को दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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