फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Malaria under control of health department, figure dropped from 368 to 2 in 10 years

Fatehabad News: स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण में मलेरिया, 10 साल में 368 से आंकड़ा 2 पर पहुंचा

Thu, 24 Apr 2025 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Thu, 24 Apr 2025 11:08 PM IST
विज्ञापन
Malaria under control of health department, figure dropped from 368 to 2 in 10 years
फतेहाबाद में मलेरिया को लेकर सर्वे करते हुए स्वास्थ्यकर्मीस्त्रोत स्वास्थ्य विभाग
फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग मलेरिया पर रोक के लिए जरूरी कवायद में लगा रहता है। इसी का नतीजा है कि पिछले 10 साल में मलेरिया के मरीजों का आंकड़ा 368 से 2024 में 2 पर आ गया। 2020 में तो यह आंकड़ा 0 था।
विज्ञापन


मलेरिया पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग हर साल टीमें बनाकर समय से पहले सर्वे करवा रहा है। मच्छर से फैलने वाले इस रोग को रोकने के लिए लारवा को नष्ट करवाया जा रहा है। वर्ष 2014 में जिले में मलेरिया के 368 मामले मिले थे और वर्ष 2024 में ये आंकड़ा दो रहा। इस बार स्वास्थ्य विभाग ने 1 अप्रैल से लेकर 10 अप्रैल तक रेपिड फीवर चलाया है। टीमों ने 1,39,714 घरों का सर्वे किया। इस दौरान 1,939 बुखार पीड़ित मिले। इनकी ब्लड स्लाइड बनाकर जांच की गई तो मलेरिया केस नहीं मिला।
विज्ञापन


--------

जिले में ये रही है मलेरिया की स्थिति :

वर्ष मलेरिया केस मिले

2014 368

2015 107

2016 59

2017 42

2018 2

2019 5

2020 0

2021 1

2023 2

2024 2

--------

मलेरिया के ये हैं लक्षण

- सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार आना

- सिर में तेज दर्द होना, शरीर में दर्द होना

- बुखार उतरते समय शरीर का पसीना-पसीना होना

-----

मलेरिया से बचाव के उपाय

- घरों के आसपास पानी एकत्रित न होने दें, गड्ढों को मिट्टी से भर दें

- सप्ताह में एक बार कूलर, पशु व पक्षियों के पानी के बर्तन, टंकी, फ्रिज को सुखाकर ही पानी भरें

- प्रत्येक रविवार को सूखा दिवस जरूर बनाएं।

- मच्छरदानी का प्रयोग करें

--------

मलेरिया को लेकर लोगों को जागरूक होना जरूरी है। इस बारे में विभाग की तरफ से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्यकर्मियों की बैठक लेकर निर्देश दिए गए है कि सर्वे के दौरान अगर कोई बुखार पीड़ित मिलता है तो स्लाइड जरूर बनाएं और उसकी खून की जांच करवाएं। रैपिड फीवर सर्वे हर माह चलाया जा रहा है। लोगों से भी अपील है कि अपने घरों के आसपास पानी एकत्रित न होने दें।
विज्ञापन
विज्ञापन


- डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ, फतेहाबाद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed