फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Madanika idol found from historical Karna Kot mound, carved on red stone of Aravalli mountain

Haryana ऐतिहासिक कर्ण कोट टीले से मिली मदनिका मूर्ति, अरावली पर्वत के लाल पत्थर पर की गई है नक्काशी

Sun, 14 May 2023 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अशोक दधीच, संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
अशोक दधीच, संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 14 May 2023 01:47 AM IST
सार

ऐसी मूर्तियां महिलाओं की स्थिति पर बनाई जाती थीं , अरावली पर्वत के लाल पत्थर पर इसकी नक्काशी की गई है। जैन व दक्षिण भारत के मंदिरों में अक्सर ऐसी मूर्तियां देखी जाती हैं। गुप्त व महाभारत काल से लेकर आंग्लो-सिख युद्ध तक के यहां पर अवशेष मिल चुके हैं। 

विज्ञापन
Madanika idol found from historical Karna Kot mound, carved on red stone of Aravalli mountain
फतेहाबाद के कर्ण कोट टीले से मिली ऐतिहासिक मदनिका मूर्ति। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव भट्टू में स्थित ऐतिहासिक कर्ण कोट टीले से शनिवार को गुप्त काल की मदनिका मूर्ति मिली है। यह मूर्ति लाल पत्थर से बनाई गई है। ऐसा माना जाता है कि उस काल में महिलाओं की स्थिति के अनुसार इन मूर्तियों का निर्माण कारीगरों द्वारा किया जाता था। ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण कर्णकोट टीले में पहले हड़प्पा, गुप्त काल व महाभारत कालीन अवशेष भी पाए गए हैं।

विज्ञापन

 

बताया जाता है कि इस टीले के नीचे एक सभ्यता दबी हुई है और पुरातत्व विभाग जल्द ही यहां पर खोदाई भी करेगा। यहां पर आंग्लो-सिख युद्ध के दौरान प्रयोग किए गए तोपों के गोलों के अलावा लाख से बनी चूड़ियां व अन्य अवशेष भी मिल चुके हैं। कर्णकोट टीले को मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा राज्य संरक्षित पुरातात्विक धरोहर घोषित किया जा चुका है।

विज्ञापन

 

तैमूर लंग के साथ जाटों का महान संघर्ष इसी कर्णकोट टीले पर हुआ था। मात्र 700 जाटों ने करीब साठ हजार की मुगल सेना का सामना करते हुए अपना बलिदान दिया था। यह टीला भारत का गौरवशाली इतिहास अपने अंदर समेटे हैं। यहां से महाभारत काल के साथ कुषाण काल, मौर्य साम्राज्य और गुप्त काल के अवशेष मिल रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

जैन मंदिरों व दक्षिण भारत के मंदिरों में दिखती हैं ऐसी मूर्तियां
करीब सात साल पहले इस ऐतिहासिक स्थल की खोज करने वाले गांव भट्टू के ही ग्रामीण एवं सेफ्टी इंजीनियर अजय बिरोका ने बताया कि गुप्त काल की मदनिका मूर्ति मिली है। यह अरावली पर्वत शृंखला से मिलने वाले पत्थर को तराश कर बनाई गई है। कर्णकोट टीले से मिली इस मूर्ति जैसी ही मूर्तियां हमें जैन मंदिरों और दक्षिण भारत के मंदिरों में देखने को मिलती है। जो अलग-अलग उद्देश्यों को ध्यान में रखकर तराशी जाती थी। यह उस समय की सामाजिक व्यवस्था पर गहन प्रकाश डालती हैं। इसके अलावा तब महिलाओं की स्थिति को दर्शाती हैं। ये मूर्तियां लाल पत्थर पर ही तराशी जाती थी। इसके अलावा चिकित्सा संबंधी विज्ञान एवं चिंतन, अध्यात्म को समझाने के लिए भी अनेकों मंदिरों में मदनिकाओं की मूर्तियों को तराशा जाता था।

कोट

इन मूर्तियों से उस समय में महिलाओं की स्थिति के बारे में काफी जानकारी मिलती हैं। इन मूर्तियों में महिलाओं का स्कर्ट पहने होना, आभूषणों से सुसज्जित होना और आधुनिक फैशन की चीजों का होना, उस समय की महिलाओं की सम्मानित स्थिति की ओर संकेत करता है। -अजय बिरोका, शोध कर्ता


गांव भट्टू में पुरातत्व काल के अक्सर अवशेष मिलते रहते हैं। पिछले दिनों यहां एक मनका मिला था, जो समुद्र में ही मिलता है, जिससे लगता है कि यहां पर हड़प्पा संस्कृति पनपी थी। अब मदनिका मूर्ति मिलना गुप्त काल का संकेत दे रही है। जल्द ही यहां पर खोदाई का कार्य शुरू होगा। -बुनानी भट्टाचार्य, उपनिदेशक, पुरातत्व विभाग, हरियाणा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed