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Fatehabad News: मोबाइल फोन की रोशनी में भविष्य की तलाश
Tue, 07 Apr 2026 10:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 07 Apr 2026 10:59 PM IST
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गांव मताना की लाइब्रेरी में लाइट नहीं होने की वजह से मोबाइल की लाइट जलाकर पढ़ते बच्चे। संवाद
फतेहाबाद। जिला मुख्यालय के पास स्थित गांव मताना में पंचायत की ओर से बनाई गई लाइब्रेरी युवाओं के लिए सरकारी सेवाओं की तैयारी में मददगार साबित नहीं हो रही। यहां मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण विद्यार्थी मोबाइल फोन की रोशनी में पढ़ाई कर रहे हैं।
युवाओं का कहना है कि लाइब्रेरी बनाते समय बड़े-बड़े वादे किए गए थे। जिला परिषद के सीईओ ने खुद एयर कंडीशनर लगवाने का आश्वासन दिया था ताकि पढ़ाई के लिए शांत और आरामदायक माहौल मिले लेकिन महीनों बीत जाने के बाद एसी नहीं लगे। विडंबना यह है कि यहां पंखे भी सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं।
स्थानीय छात्र और ग्रामीण इस स्थिति से निराश हैं और प्रशासन से तुरंत की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं वेअपने उज्जवल भविष्य के लिए कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करते रहेंगे।
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गेहूं सीजन के चलते 12 घंटे नहीं मिलती बिजली
जिले में गेहूं की कटाई का सीजन चल रहा है। आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए बिजली निगम की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह 6 से शाम 6 बजे तक बिजली आपूर्ति रोकी हुई है। लाइब्रेरी में बिजली जाने पर वैकल्पिक ऊर्जा यानी इन्वर्टर या जनरेटर की कोई व्यवस्था नहीं है। लाइट न होने पर लाइब्रेरी में अंधेरा छा जाता है। खिड़कियां छोटी होने के कारण सूरज की रोशनी भी पर्याप्त नहीं मिल पाती। इस कारण विद्यार्थी अपने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट जलाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
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घटने लगीं विद्यार्थियों की संख्या
लाइब्रेरी का निर्माण इसलिए किया गया था ताकि गांव के युवाओं को शहर न जाना पड़े और वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी गांव में ही कर सकें। यहां 30 छात्र-छात्राओं के बैठने की व्यवस्था की गई है। शुरुआत में यहां करीब 20 से 22 छात्र-छात्राएं आते थे लेकिन सुविधाओं के अभाव ने उनका उत्साह ठंडा कर दिया है। विद्यार्थियों ने बताया कि बिना पंखे और लाइट के घंटों बैठना मुमकिन नहीं है। यही कारण है कि अब लाइब्रेरी में पढ़ने वालों की संख्या 6 के करीब रह गई है।
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पंचायत ने नहीं दिया ध्यान
गांव मताना में पंचायत व जिला परिषद की ओर से लाइब्रेरी का निर्माण करवाया गया है। पंचायत की ओर से लाइब्रेरी के सामान के लिए प्रस्ताव लिखकर जिला परिषद को सौंपना होता है। जाे अब तक नहीं हुआ है। हालांकि सरपंच का कहना है कि प्रशासन से संपर्क कर वहां पर व्यवस्था करने में लगे हुए हैं। वहीं लाइब्रेरी में पढ़ने वाले युवाओं का कहना है कि वे जनवरी माह से अब तक यहां पर खुद साथ लगकर काम करवा रहे हैं। इन्वर्टर के लिए जिला परिषद के सीईओ से मिले थे लेकिन अभी तक कोई व्यवस्था नहीं हुई है।
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सोचा था कि गांव में लाइब्रेरी खुलने से पढ़ाई आसान हो जाएगी लेकिन यहां तो बिजली ही नहीं रहती। मोबाइल फोन की रोशनी में पढ़ाई करने से आंखों पर जोर पड़ता है। प्रशासन को हमारी सुध लेनी चाहिए।
- कुलदीप, ग्रामीण।
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सरकार की ओर से अब हरियाणा पुलिस सहित विभिन्न विभागों में कई पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। अगर वे घर पर पढ़ते है तो पढ़ाई नहीं हो पाती है। अगर उन्हें शहर जाकर ही पढ़ना है तो इस लाइब्रेरी का क्या फायदा।
- संजय, ग्रामीण।
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गांव में जनवरी माह में लाइब्रेरी का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। उस समय सरपंच से सभी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाने की बात कही थी लेकिन अब तक काफी सामान उन्हें नहीं मिला है। इस कारण उनको परेशानी उठानी पड़ रही है।
- अभिषेक, ग्रामीण।
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गांव में लाइब्रेरी बनकर तैयार हो चुकी है। प्रशासन से संपर्क करके यहां पर सोलर व इन्वर्टर की व्यवस्था करने में जुटे हुए हैं। उम्मीद है जल्द ही व्यवस्था हो जाएगी। इनके लगने के बाद विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में आसानी होगी।
-- दलबीर वर्मा, सरपंच गांव मताना।
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युवाओं का कहना है कि लाइब्रेरी बनाते समय बड़े-बड़े वादे किए गए थे। जिला परिषद के सीईओ ने खुद एयर कंडीशनर लगवाने का आश्वासन दिया था ताकि पढ़ाई के लिए शांत और आरामदायक माहौल मिले लेकिन महीनों बीत जाने के बाद एसी नहीं लगे। विडंबना यह है कि यहां पंखे भी सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं।
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स्थानीय छात्र और ग्रामीण इस स्थिति से निराश हैं और प्रशासन से तुरंत की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं वेअपने उज्जवल भविष्य के लिए कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करते रहेंगे।
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गेहूं सीजन के चलते 12 घंटे नहीं मिलती बिजली
जिले में गेहूं की कटाई का सीजन चल रहा है। आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए बिजली निगम की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह 6 से शाम 6 बजे तक बिजली आपूर्ति रोकी हुई है। लाइब्रेरी में बिजली जाने पर वैकल्पिक ऊर्जा यानी इन्वर्टर या जनरेटर की कोई व्यवस्था नहीं है। लाइट न होने पर लाइब्रेरी में अंधेरा छा जाता है। खिड़कियां छोटी होने के कारण सूरज की रोशनी भी पर्याप्त नहीं मिल पाती। इस कारण विद्यार्थी अपने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट जलाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
घटने लगीं विद्यार्थियों की संख्या
लाइब्रेरी का निर्माण इसलिए किया गया था ताकि गांव के युवाओं को शहर न जाना पड़े और वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी गांव में ही कर सकें। यहां 30 छात्र-छात्राओं के बैठने की व्यवस्था की गई है। शुरुआत में यहां करीब 20 से 22 छात्र-छात्राएं आते थे लेकिन सुविधाओं के अभाव ने उनका उत्साह ठंडा कर दिया है। विद्यार्थियों ने बताया कि बिना पंखे और लाइट के घंटों बैठना मुमकिन नहीं है। यही कारण है कि अब लाइब्रेरी में पढ़ने वालों की संख्या 6 के करीब रह गई है।
पंचायत ने नहीं दिया ध्यान
गांव मताना में पंचायत व जिला परिषद की ओर से लाइब्रेरी का निर्माण करवाया गया है। पंचायत की ओर से लाइब्रेरी के सामान के लिए प्रस्ताव लिखकर जिला परिषद को सौंपना होता है। जाे अब तक नहीं हुआ है। हालांकि सरपंच का कहना है कि प्रशासन से संपर्क कर वहां पर व्यवस्था करने में लगे हुए हैं। वहीं लाइब्रेरी में पढ़ने वाले युवाओं का कहना है कि वे जनवरी माह से अब तक यहां पर खुद साथ लगकर काम करवा रहे हैं। इन्वर्टर के लिए जिला परिषद के सीईओ से मिले थे लेकिन अभी तक कोई व्यवस्था नहीं हुई है।
सोचा था कि गांव में लाइब्रेरी खुलने से पढ़ाई आसान हो जाएगी लेकिन यहां तो बिजली ही नहीं रहती। मोबाइल फोन की रोशनी में पढ़ाई करने से आंखों पर जोर पड़ता है। प्रशासन को हमारी सुध लेनी चाहिए।
- कुलदीप, ग्रामीण।
सरकार की ओर से अब हरियाणा पुलिस सहित विभिन्न विभागों में कई पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। अगर वे घर पर पढ़ते है तो पढ़ाई नहीं हो पाती है। अगर उन्हें शहर जाकर ही पढ़ना है तो इस लाइब्रेरी का क्या फायदा।
- संजय, ग्रामीण।
गांव में जनवरी माह में लाइब्रेरी का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। उस समय सरपंच से सभी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाने की बात कही थी लेकिन अब तक काफी सामान उन्हें नहीं मिला है। इस कारण उनको परेशानी उठानी पड़ रही है।
- अभिषेक, ग्रामीण।
गांव में लाइब्रेरी बनकर तैयार हो चुकी है। प्रशासन से संपर्क करके यहां पर सोलर व इन्वर्टर की व्यवस्था करने में जुटे हुए हैं। उम्मीद है जल्द ही व्यवस्था हो जाएगी। इनके लगने के बाद विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में आसानी होगी।

गांव मताना की लाइब्रेरी में लाइट नहीं होने की वजह से मोबाइल की लाइट जलाकर पढ़ते बच्चे। संवाद