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Fatehabad News: लोन की किस्तें एकत्रित कर नहीं कराई जमा, शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई
Mon, 13 Apr 2026 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 13 Apr 2026 11:27 PM IST
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फतेहाबाद। निजी बैंक की पार्टनर कंपनी एंबीशन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के तीन अधिकारियों पर 7 लाख 29 हजार रुपये का गबन करने का आरोप लगा है। कंपनी के एरिया कलेक्शन मैनेजर की शिकायत पर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने साधनवास निवासी कुलविंद्र, सिरसा के ऐलनाबाद क्षेत्र के गांव चिलकनी ढाब के आनंद, गांव धोतड़ ढाणी के गुरदास के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
कुलविंद्र कंपनी में सहायक मैनेजर और आनंद व गुरदास सेंटर मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। निजी बैंक के एरिया कलेक्शन मैनेजर अभय सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी निजी बैंक के साथ पार्टनर है। यह गरीबी रेखा वाले व शहरी उपभोक्ताओं को रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार समूह लोन की सुविधा देती है।
कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं का लोन देने के बाद हर माह उपभोक्ताओं की किश्त कर्मचारियों द्वारा इकट्ठा की गई। जब कंपनी द्वारा इन अधिकारियों से हिसाब मांगा गया तो पता चला कि तीनों ने सांठगांठ करके उपभोक्ताओं से लोन की किश्तें इकट्ठा करके कंपनी के खाते में जमा नहीं करवाई। आरोप है कि इन तीनों अधिकारियों ने मिलकर सितंबर महीने में यह गड़बड़ी की है।
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इसके बाद से लगातार कंपनी इनसे रुपयों की रिकवरी के प्रयास करती रही मगर भी तक इन्होंने कोई पैसा जमा नहीं करवाया है। आरोप है कि खुलासा होने के बाद इनको पैसा जमा करवाने के लिए कहा तो कुलविंद्र सिंह ने 15 सितंबर 2025 तक का समय मांगा। बाद में पता चला कि कुलविंद्र सिंह ने 5 लाख 19 हजार 378 रुपए और गुरदास ने 32 हजार 500 रुपए इकट्ठे करके ब्रांच में जमा नहीं करवाए।
आनंद ने भी उपभोक्ताओं के 1 लाख 77 हजार 645 रुपए गबन कर लिए। आरोप है कि इन अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से एकत्रित की गई किश्त की राशि बैंक में जमा करवाने के बजाय निजी काम में लगा दी। इसके बाद कंपनी ने रिकवरी के लिए इन तीनों को लीगल नोटिस भी भेजे हैं लेकिन पैसों की वापसी नहीं हुई है।
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शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान ही पता चलेगा कि इन लोगों ने कितने उपभोक्ताओं के साथ ठगी की है।
- विनोद कुमार, जिला पुलिस प्रवक्ता।
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कुलविंद्र कंपनी में सहायक मैनेजर और आनंद व गुरदास सेंटर मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। निजी बैंक के एरिया कलेक्शन मैनेजर अभय सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी निजी बैंक के साथ पार्टनर है। यह गरीबी रेखा वाले व शहरी उपभोक्ताओं को रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार समूह लोन की सुविधा देती है।
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कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं का लोन देने के बाद हर माह उपभोक्ताओं की किश्त कर्मचारियों द्वारा इकट्ठा की गई। जब कंपनी द्वारा इन अधिकारियों से हिसाब मांगा गया तो पता चला कि तीनों ने सांठगांठ करके उपभोक्ताओं से लोन की किश्तें इकट्ठा करके कंपनी के खाते में जमा नहीं करवाई। आरोप है कि इन तीनों अधिकारियों ने मिलकर सितंबर महीने में यह गड़बड़ी की है।
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इसके बाद से लगातार कंपनी इनसे रुपयों की रिकवरी के प्रयास करती रही मगर भी तक इन्होंने कोई पैसा जमा नहीं करवाया है। आरोप है कि खुलासा होने के बाद इनको पैसा जमा करवाने के लिए कहा तो कुलविंद्र सिंह ने 15 सितंबर 2025 तक का समय मांगा। बाद में पता चला कि कुलविंद्र सिंह ने 5 लाख 19 हजार 378 रुपए और गुरदास ने 32 हजार 500 रुपए इकट्ठे करके ब्रांच में जमा नहीं करवाए।
आनंद ने भी उपभोक्ताओं के 1 लाख 77 हजार 645 रुपए गबन कर लिए। आरोप है कि इन अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से एकत्रित की गई किश्त की राशि बैंक में जमा करवाने के बजाय निजी काम में लगा दी। इसके बाद कंपनी ने रिकवरी के लिए इन तीनों को लीगल नोटिस भी भेजे हैं लेकिन पैसों की वापसी नहीं हुई है।
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शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान ही पता चलेगा कि इन लोगों ने कितने उपभोक्ताओं के साथ ठगी की है।
- विनोद कुमार, जिला पुलिस प्रवक्ता।