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Fatehabad News: सांसें बचाने वाला प्लांट खुद ऑक्सीजन का मोहताज
Fri, 02 Oct 2026 10:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 02 Oct 2026 10:43 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट संवाद
फतेहाबाद। कोरोना काल में जिंदगियों के लिए ढाल बना नागरिक अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन डेढ़ साल से धूल फांक रहा है। जनरेटर में बार-बार खराबी के कारण संकट की घड़ी में सांसें बचाने वाला करीब 500 एलपीएम क्षमता वाला प्लांट आज खुद ऑक्सीजन का मोहताज है।
अस्पताल में ऑक्सीजन की जरूरत पूरी करने के लिए रोजाना 15 से 20 सिलिंडर बाहर से मंगवाने पड़ रहे हैं। एक सिलिंडर पर करीब 300 से 400 रुपये खर्च आता है जिससे अस्पताल पर प्रतिदिन करीब डेढ़ से दो हजार रुपये का अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वह लोक निर्माण विभाग की इलेक्ट्रिकल ब्रांच से लगातार संपर्क कर रहा है लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जनरेटर का कंडक्टर ठीक करा दिया गया है और प्लांट को चलाकर स्थिति देखने की बात कही गई है।
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जिले में लगाए गए थे तीन ऑक्सीजन प्लांट
कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी से निपटने के लिए फतेहाबाद में 500 एलपीएम, रतिया में 250 एलपीएम और टोहाना में 200 एलपीएम क्षमता के प्लांट लगाए गए थे। वर्तमान में फतेहाबाद और रतिया के प्लांट बंद हैं, जबकि टोहाना के प्लांट की स्थिति अलग है। फतेहाबाद का प्लांट अस्पताल की ऑक्सीजन जरूरत सीधे पूरी करने के लिए महत्वपूर्ण था।
डेडलाइन के बाद भी तैयार जच्चा-बच्चा वार्ड नहीं
दूसरी ओर जच्चा-बच्चा वार्ड भी एसडीएम राजेश कुमार की ओर से लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दी गई डेडलाइन के बाद तैयार नहीं हो पाया है। करीब तीन माह से वार्ड का संचालन अन्य विभागों के कमरों में किया जा रहा है। वार्ड के लिए बनाई गई व्यवस्थाएं पूरी तरह उपयोग में नहीं आ रही हैं। शौचालय पर ताला लगा है, जबकि नर्सिंग ऑफिसर के लिए ड्यूटी कक्ष भी अब तक तैयार नहीं हुआ है। संस्थाएं कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा को शिकायत दे चुकी हैं। मंत्री के आदेश के बाद एसडीएम राजेश कुमार ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को काम पूरा करने की डेडलाइन दी थी लेकिन इसके बावजूद व्यवस्थाएं पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी हैं।
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लोक निर्माण विभाग की तरफ से मरम्मत कार्य चल रहा है। काम धीमा होने का मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में भी है। पिछले दिनों निरीक्षण के दौरान जच्चा-बच्चा वार्ड और लैब का काम प्राथमिकता आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। डॉ.बुधराम, सिविल सर्जन
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पहले जनरेटर का कंडक्टर खराब था जिसे बदलवा दिया गया था। अब दोबारा खराबी आने पर भी ठीक करा दिया गया है। जनरेटर में टू-फेज प्रोटेक्शन भी लगा दिया गया है। इसके बावजूद यदि कोई तकनीकी समस्या सामने आती है तो उसका भी तत्काल समाधान कराया जाएगा।
- रविकांत, जेई, लोक निर्माण विभाग
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जच्चा-बच्चा वार्ड अगर शुरू नहीं हुआ है तो दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। संबंधित विभाग के अधिकारियों को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।
- राजेश कुमार, एसडीएम
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अस्पताल में ऑक्सीजन की जरूरत पूरी करने के लिए रोजाना 15 से 20 सिलिंडर बाहर से मंगवाने पड़ रहे हैं। एक सिलिंडर पर करीब 300 से 400 रुपये खर्च आता है जिससे अस्पताल पर प्रतिदिन करीब डेढ़ से दो हजार रुपये का अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वह लोक निर्माण विभाग की इलेक्ट्रिकल ब्रांच से लगातार संपर्क कर रहा है लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जनरेटर का कंडक्टर ठीक करा दिया गया है और प्लांट को चलाकर स्थिति देखने की बात कही गई है।
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जिले में लगाए गए थे तीन ऑक्सीजन प्लांट
कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी से निपटने के लिए फतेहाबाद में 500 एलपीएम, रतिया में 250 एलपीएम और टोहाना में 200 एलपीएम क्षमता के प्लांट लगाए गए थे। वर्तमान में फतेहाबाद और रतिया के प्लांट बंद हैं, जबकि टोहाना के प्लांट की स्थिति अलग है। फतेहाबाद का प्लांट अस्पताल की ऑक्सीजन जरूरत सीधे पूरी करने के लिए महत्वपूर्ण था।
डेडलाइन के बाद भी तैयार जच्चा-बच्चा वार्ड नहीं
दूसरी ओर जच्चा-बच्चा वार्ड भी एसडीएम राजेश कुमार की ओर से लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दी गई डेडलाइन के बाद तैयार नहीं हो पाया है। करीब तीन माह से वार्ड का संचालन अन्य विभागों के कमरों में किया जा रहा है। वार्ड के लिए बनाई गई व्यवस्थाएं पूरी तरह उपयोग में नहीं आ रही हैं। शौचालय पर ताला लगा है, जबकि नर्सिंग ऑफिसर के लिए ड्यूटी कक्ष भी अब तक तैयार नहीं हुआ है। संस्थाएं कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा को शिकायत दे चुकी हैं। मंत्री के आदेश के बाद एसडीएम राजेश कुमार ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को काम पूरा करने की डेडलाइन दी थी लेकिन इसके बावजूद व्यवस्थाएं पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी हैं।
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लोक निर्माण विभाग की तरफ से मरम्मत कार्य चल रहा है। काम धीमा होने का मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में भी है। पिछले दिनों निरीक्षण के दौरान जच्चा-बच्चा वार्ड और लैब का काम प्राथमिकता आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। डॉ.बुधराम, सिविल सर्जन
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पहले जनरेटर का कंडक्टर खराब था जिसे बदलवा दिया गया था। अब दोबारा खराबी आने पर भी ठीक करा दिया गया है। जनरेटर में टू-फेज प्रोटेक्शन भी लगा दिया गया है। इसके बावजूद यदि कोई तकनीकी समस्या सामने आती है तो उसका भी तत्काल समाधान कराया जाएगा।
- रविकांत, जेई, लोक निर्माण विभाग
जच्चा-बच्चा वार्ड अगर शुरू नहीं हुआ है तो दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। संबंधित विभाग के अधिकारियों को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।
- राजेश कुमार, एसडीएम