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चार सालों में मलेरिया के 10 से भी कम मरीज मिले, लेकिन सावधानी अभी जरूरी

Sat, 24 Apr 2021 11:16 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 24 Apr 2021 11:16 PM IST
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Less than 10 malaria patients were found in four years, but caution is still necessary
फतेहाबाद का नागरिक अस्पताल। - फोटो : Fatehabad
स्वास्थ्य विभाग 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के रूप में मनाता है ताकि लोगों को इसके प्रति जागरूक करके इस बीमारी से बचाया जा सके। मलेरिया के प्रति लोग जागरूक भी हुए है और आज स्थिति ये है कि आठ साल पहले जहां जिले में मलेरिया का प्रकोप था और रोजाना दो से तीन लोग इसकी चपेट में आ रहे थे वहां अब पिछले दो साल से एक भी केस नहीं है। पिछले चार साल में मलेरिया मरीजों का आंकड़ा 10 से भी कम रहा है। जबकि 2013 में ये हालात थे कि एक साल में ही सरकारी आंकड़ों में 992 मरीज मिले थे।
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डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना महामारी के बीच मलेरिया को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। इसके प्रति उतना ही जागरूक रहने की जरूरत है जितना हम पहले थे। ये मच्छर रात के समय काटता है, ऐसे में अपने आप को मच्छरों से बचाना ही बचाव का रास्ता है। स्वास्थ्य विभाग पहले खुद फॉगिंग करवाता था लेकिन पिछले करीब चार से पांच पहले से ये जिम्मा स्वास्थ्य विभाग ने नगर निकाय और पंचायत विभाग को दे रखा है। हालात ये है कि नगर परिषद गंभीर नहीं है। फतेहाबाद नगर परिषद के पास दो मशीनें है जो कि देखभाल न होने के कारण कंडम हो चुकी है। जिले के 10 फीसदी गांवों में ही पंचायतों ने मशीनें खरीदी हैं। संवाद
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वर्ष मरीज मिले
2013 992
2014 368
2015 107
2016 59
2017 42
2018 2
2019 5
2020 0
2021 0 (अभी तक)
ऐसे फैलता है मलेरिया
मलेरिया बुखार मादा एनाफिलिस नामक मच्छर के काटने से फैलता है। मलेरिया का मच्छर रुके हुए गंदे पानी में पनपता है और रात के समय काटता है।
मलेरिया बुखार के लक्षण
चिकित्सकों के मुताबिक ठंड लगता, कंपकपी, सिर दर्द, उल्टी एवं चक्कर आना, तेज बुखार एवं अत्याधिक पसीने के साथ बुखार का कम होना, जी मचलाना आदि है।
मच्छरों से ऐसे खुद को बचाएं
रात को पूरी बाज के कपड़े पहनकर सोना चाहिए।
रात के समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
अपने घरों के दरवाजे व खिड़कियों पर जाली लगवाएं।
पानी के सभी बर्तन, टंकी आदि को ढक कर रखें।
घर के आसपास पानी जमा न होने दें, पानी से भरे गड्डों में मिट्टी भर दें।
टायरों को बिखरे पड़े न रहन दें, बिखरें टायरों में पानी जमा होने से मच्छर पनपते हैं।
कोट
मलेरिया को लेकर अगर कोई भी लक्षण हैं तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच करवाएं और स्लाइड बनवाएं। यहां पर जांच निशुल्क है। अगर मलेरिया की पुष्टि होती है तो 14 दिन तक उपचार लें। उपचार पूरा लेना चाहिए, अधूरे उपचार से दोबारा वायरस एक्टिव हो सकता है। लोग अपने घर व आसपास की सफाई रखें।
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- डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी अधिकारी।
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