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Fatehabad News: श्रीमद्भागवत कथा से पहले शहर में निकाली कलश यात्रा
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मां शीतला मंदिर सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के उपलक्ष्य में कलश यात्रा में शामि
रतिया। मां शीतला मंदिर पास स्थित भक्त शिरोमणि बाबा नामदेव धर्मशाला में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर मां शीतला मंदिर सेवा ट्रस्ट की ओर से श्रीमद्भागवत कथा आयोजित की जा रही है। इसका शुभारंभ कलश यात्रा से हुआ। कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के धार्मिक जयघोषों ने शहर के माहौल को भक्तिमय बना दिया। पहले दिन परीक्षित जन्म सुखदेव आगमन की कथा सुनाई गई।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने शहर में कलश यात्रा निकाली। मंदिर स्थल से आरंभ हुई कलश यात्रा शहर की विभिन्न कालोनियों व विभिन्न बाजारों से गुजरी। शहर में कई जगह कलश यात्रा का स्वागत किया गया।
चंडीगढ़ से पधारे कथावाचक संत मुकंद हरि महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन परीक्षित जन्म सुखदेव आगमन की कथा प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि पांडवों के पुत्र अर्जुन, अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु, अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा राजा विराट की पुत्री थी। युद्ध में गुरु द्रोण के मारे जाने से क्रोधित होकर उनके पुत्र अश्वत्थामा ने पांच पांडवों को मारने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया लेकिन इस अस्त्र से उन्होंने उत्तरा को अपना निशाना बनाया।
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इस दौरान श्रद्धालुओं ने शहर में कलश यात्रा निकाली। मंदिर स्थल से आरंभ हुई कलश यात्रा शहर की विभिन्न कालोनियों व विभिन्न बाजारों से गुजरी। शहर में कई जगह कलश यात्रा का स्वागत किया गया।
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चंडीगढ़ से पधारे कथावाचक संत मुकंद हरि महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन परीक्षित जन्म सुखदेव आगमन की कथा प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि पांडवों के पुत्र अर्जुन, अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु, अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा राजा विराट की पुत्री थी। युद्ध में गुरु द्रोण के मारे जाने से क्रोधित होकर उनके पुत्र अश्वत्थामा ने पांच पांडवों को मारने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया लेकिन इस अस्त्र से उन्होंने उत्तरा को अपना निशाना बनाया।
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