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Fatehabad News: मानसून में जलनिकासी के लिए काडा उपलब्ध करवाएगा पंप
Tue, 27 Jan 2026 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 27 Jan 2026 11:14 PM IST
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गांव चिंदड़ में सिंचाई विभाग की ओर से जलनिकासी के लिए लगाया पंप। आकाईव
फतेहाबाद। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों व शहर में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए काडा (कमांड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) विभाग ने पंप उपलब्ध करवाने की योजना बनाई है। विभाग ने जिले के जलभराव से प्रभावित 6 गांवों में पानी की निकासी के लिए नए वाटर पंप उपलब्ध कराने के लिए करीब 4 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया है। इससे किसानों को जलभराव से होने वाले नुकसान से राहत की उम्मीद जगी है।
फतेहाबाद डिवीजन के पांच ऐसे गांव जिनमें जलनिकासी का उचित प्रबंध नहीं होने के कारण मानसून में जलभराव की स्थिति बनती हैं। इनमें गांव दहमन, भूना, बैजलपुर, फतेहाबाद शहर, टोहाना क्षेत्र और भट्टू कलां शामिल हैं। इन गांवों में भौगोलिक स्थिति और निकासी के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण हर साल मानसून में फसलें डूब जाती हैं और रिहायशी इलाकों में भी पानी भर जाता है। खासकर भूना शहर में मानसून के दौरान 20 दिनों तक लगातार जलभराव की स्थिति बनी थी। संवाद
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4 करोड़ का टेंडर जारी
जलभराव की इस पुरानी समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए काडा विभाग ने करीब 4 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। इस बजट के माध्यम से उच्च क्षमता वाले नए वाटर पंप खरीदे जाएंगे। विभाग का लक्ष्य है कि मानसून की पहली बारिश से पहले ही इन पंपों की डिलिवरी और इंस्टॉलेशन का काम पूरा कर लिया जाए, ताकि जलभराव होने की स्थिति पर किसानों व रिहायशी क्षेत्र के लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े।
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इन गांवों में उपलब्ध हाेंगे पंप
सिंचाई विभाग की शाखा काडा की ओर से दहमन में 5 पंप 3 क्यूसेक क्षमता पर 50,03,610 रुपये, भूना में 10 क्यूसेक क्षमता के 2 पंप पर 55,61,437 रुपये और बैजलपुर में 56,85,498 राशि से 10 क्यूसेक क्षमता के 3 पंप लगेंगे। भट्टू कलां 82,42,156 राशि से 10 क्यूसेक क्षमता के 3 पंप, फतेहाबाद में 71,88,080 की राशि से 5 क्यूसेक क्षमता के 3 पंप और टाेहाना में 79,03,641 राशि से 5 क्यूसेक क्षमता के 3 पंप उपलब्ध करवाए जाएंगे।
:: इन पंपों के उपलब्ध होने के बाद हजारों एकड़ कृषि भूमि में होने वाले जलभराव को बचाया जा सकेगा। वर्तमान में, जलभराव के कारण कपास और धान की फसल प्रभावित होती हैं, लंबे समय तक जलभराव रहने से किसान की फसलें बर्बाद हो रही है। काडा विभाग मानसून से पहले सभी तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर लेगा, ताकि इस बार ग्रामीणों को जलभराव के कारण पलायन या आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
-हिमांशु गोयल, एसडीओ काडा विभाग, फतेहाबाद डिवीजन।
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फतेहाबाद डिवीजन के पांच ऐसे गांव जिनमें जलनिकासी का उचित प्रबंध नहीं होने के कारण मानसून में जलभराव की स्थिति बनती हैं। इनमें गांव दहमन, भूना, बैजलपुर, फतेहाबाद शहर, टोहाना क्षेत्र और भट्टू कलां शामिल हैं। इन गांवों में भौगोलिक स्थिति और निकासी के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण हर साल मानसून में फसलें डूब जाती हैं और रिहायशी इलाकों में भी पानी भर जाता है। खासकर भूना शहर में मानसून के दौरान 20 दिनों तक लगातार जलभराव की स्थिति बनी थी। संवाद
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4 करोड़ का टेंडर जारी
जलभराव की इस पुरानी समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए काडा विभाग ने करीब 4 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। इस बजट के माध्यम से उच्च क्षमता वाले नए वाटर पंप खरीदे जाएंगे। विभाग का लक्ष्य है कि मानसून की पहली बारिश से पहले ही इन पंपों की डिलिवरी और इंस्टॉलेशन का काम पूरा कर लिया जाए, ताकि जलभराव होने की स्थिति पर किसानों व रिहायशी क्षेत्र के लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े।
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इन गांवों में उपलब्ध हाेंगे पंप
सिंचाई विभाग की शाखा काडा की ओर से दहमन में 5 पंप 3 क्यूसेक क्षमता पर 50,03,610 रुपये, भूना में 10 क्यूसेक क्षमता के 2 पंप पर 55,61,437 रुपये और बैजलपुर में 56,85,498 राशि से 10 क्यूसेक क्षमता के 3 पंप लगेंगे। भट्टू कलां 82,42,156 राशि से 10 क्यूसेक क्षमता के 3 पंप, फतेहाबाद में 71,88,080 की राशि से 5 क्यूसेक क्षमता के 3 पंप और टाेहाना में 79,03,641 राशि से 5 क्यूसेक क्षमता के 3 पंप उपलब्ध करवाए जाएंगे।
:: इन पंपों के उपलब्ध होने के बाद हजारों एकड़ कृषि भूमि में होने वाले जलभराव को बचाया जा सकेगा। वर्तमान में, जलभराव के कारण कपास और धान की फसल प्रभावित होती हैं, लंबे समय तक जलभराव रहने से किसान की फसलें बर्बाद हो रही है। काडा विभाग मानसून से पहले सभी तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर लेगा, ताकि इस बार ग्रामीणों को जलभराव के कारण पलायन या आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
-हिमांशु गोयल, एसडीओ काडा विभाग, फतेहाबाद डिवीजन।