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Fatehabad News: पढ़ाई के साथ खेल में भी अव्वल आ रही गांव बनगांव की ज्योति
Sun, 16 Feb 2025 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 16 Feb 2025 11:46 PM IST
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खिलाड़ी ज्योति का फोटो। स्वयं
फतेहाबाद। गांव बनगांव के किसान राकेश की बेटी ज्योति (21) पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी अव्वल आ लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। खिलाड़ी ज्योति ने भाला फेंक में बीते दिनों उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित हुए नेशनल खेल में स्वर्ण पदक जीता है।
खिलाड़ी ज्योति ने 55.55 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक प्राप्त कर गांव के साथ-साथ जिले का भी नाम रोशन किया है। इसके अलावा खिलाड़ी ज्योति ने साल 2024 के अक्तूबर में हुए अंडर 23 के नेशनल गेम्स में भी पदक जीता था। खिलाड़ी ज्योति ने बताया कि उनकी माता स्कूल व कॉलेज के समय में कबड्डी खेलती थी। कई बार वह उन्हें खेलों के प्रति जागरूक करती थी। वहीं गांव से एक किलोमीटर दूर बने आरोही मॉडल स्कूल में कोच हनुमान भांभू भाला फेंक खेल की तैयारी करवाते थे। जिस कारण खेल के प्रति उसकी रुचि बनी।
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ओलंपिक खेलना है सपना
- खिलाड़ी ज्योति के पिता किसान है, खुद की जमीन में ही खेती कर घर चलाते है। पिता के सहयोग से ही वह इस मुकाम पर पहुंच पाई है। अब उसका सपना है कि वह भी ओलंपिक खेले और उसमें पदक प्राप्त कर अपना, अपने माता-पिता, कोच, गांव व शहर का नाम रोशन कर सके। जिसकी लिए वह लगातार तैयारी कर रही है।
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खिलाड़ी ज्योति ने 55.55 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक प्राप्त कर गांव के साथ-साथ जिले का भी नाम रोशन किया है। इसके अलावा खिलाड़ी ज्योति ने साल 2024 के अक्तूबर में हुए अंडर 23 के नेशनल गेम्स में भी पदक जीता था। खिलाड़ी ज्योति ने बताया कि उनकी माता स्कूल व कॉलेज के समय में कबड्डी खेलती थी। कई बार वह उन्हें खेलों के प्रति जागरूक करती थी। वहीं गांव से एक किलोमीटर दूर बने आरोही मॉडल स्कूल में कोच हनुमान भांभू भाला फेंक खेल की तैयारी करवाते थे। जिस कारण खेल के प्रति उसकी रुचि बनी।
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ओलंपिक खेलना है सपना
- खिलाड़ी ज्योति के पिता किसान है, खुद की जमीन में ही खेती कर घर चलाते है। पिता के सहयोग से ही वह इस मुकाम पर पहुंच पाई है। अब उसका सपना है कि वह भी ओलंपिक खेले और उसमें पदक प्राप्त कर अपना, अपने माता-पिता, कोच, गांव व शहर का नाम रोशन कर सके। जिसकी लिए वह लगातार तैयारी कर रही है।
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