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Fatehabad News: डिवाइडर निर्माण में गड़बड़ी, प्रधान ने काम रोकने के जारी किए आदेश
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फतेहाबाद। शहर में हिसार-सिरसा रोड पर बन रहा नया डिवाइडर एक बार फिर से निर्माण में गड़बड़ी को लेकर विवादों में आ गया है। नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने निर्माण में गड़बड़ी बताते हुए काम रोकने के आदेश जारी किए हैं। प्रधान का कहना है कि निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल की जा रही है और एस्टीमेट के अनुसार कार्य नहीं हो रहा है। प्रधान ने इसको लेकर नगर परिषद अधिकारियों को पत्र जारी किया है।
बता दें कि नगर परिषद करीब 2.08 करोड़ रुपये की लागत से डिवाइडर का निर्माण करवा रही है। इसी साल मार्च माह में इसका सिरसा रोड की तरफ से निर्माण शुरू हुआ था और अब तक शिवालय मार्केट के सामने तक तोड़ा जा चुका है और इसका निर्माण चल रहा है। निर्माण की शुरूआत के साथ ही डिवाइडर टूटने को लेकर विवाद हुआ था। एजेंसी को नोटिस भी जारी किए गए थे। प्रधान का कहना है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री और एस्टीमेट के मुताबिक काम न होने को लेकर कई शिकायतें आ चुकी हैं और संस्थाओं के पदाधिकारी भी मिल चुके हैं। इसी के चलते काम बंद करवाने को लेकर पत्र लिखा है। संस्थाओं ने डिवाइडर पर पौधे लगाए थे, जो कि नष्ट हो चुके हैं। जबकि दावा किया गया था कि पौधों को नष्ट नहीं होने दिया जाएगा।
हिसार रोड पर मिनी बाईपास तक बनना है डिवाइडर
डिवाइडर बनाने की योजना करीब एक साल से चल रही थी और आचार संहिता से पहले इसे सिरे चढ़ाया गया। नगर परिषद करीब तीन किलोमीटर तक सिरसा रोड पर सेतिया पैलेस के सामने से लेकर हिसार रोड पर मताना मोड़ के सामने तक निर्माण करवा रहा है।
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लोक निर्माण विभाग से ली गई है एनओसी
नगर परिषद ने डिवाइडर के निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग से पिछले साल एनओसी ली ली थी। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। पहले ये डिवाइडर करीब 20 साल पहले बना था। हालांकि नगर परिषद पुरानी ग्रिल की मरम्मत करके दोबारा लगवा रहा है।
नए प्रोजेक्ट कागजों में उलझे, पुराने भी रुके
नगर परिषद ने करीब 100 कामों के 35 करोड़ के एस्टीमेट बना रखे हैं, इन कामों की अनुमति नहीं मिली है। उपप्रधान सविता टुटेजा के हस्ताक्षर न होने से कई बड़े प्रोजेक्ट कागजों में ही उलझे हैं। अब फिलहाल शहर में डिवाइडर निर्माण ही बड़े प्रोजेक्ट के रूप में चल रहा था, जिसे बंद करवाने के प्रधान ने आदेश दे दिए हैं।
कोट
डिवाइडर का जो निर्माण हो रहा है वह गलत तरीके से किया जा रहा है। गमले गलत बनाए गए हैं, जिसमें पौधा लग ही नहीं पाएगा। इसके अलावा ग्रिल भी बीच में लगा दी गई है। इसको लेकर अधिकारियों और नगर परिषद प्रधान से मिले थे। अगर प्रधान ने काम रुकवाया है तो अच्छा फैसला है।
- विनोद अरोड़ा, प्रधान, सिटी वेलफेयर क्लब
कोट
डिवाइडर निर्माण का काम रोकने के आदेश दिए गए हैं। निर्माण में हल्की सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। इसके अलावा जो एस्टीमेट और डिजाइन था उसके मुताबिक नहीं बनाया जा रहा है। संस्थाएं बार-बार इसको लेकर शिकायत कर रही है। संस्थाओं द्वारा जो पौधे लगाए गए थे वह भी नष्ट हो गए हैं।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद
कोट
डिवाइडर का निर्माण नियम अनुसार हो रहा है। कोई भी आकर चेक कर सकता है। काम रोकने को लेकर अभी तक मेरे पास कोई आदेश नहीं आए हैं।
- अमित कौशिक, कार्यकारी अभियंता
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बता दें कि नगर परिषद करीब 2.08 करोड़ रुपये की लागत से डिवाइडर का निर्माण करवा रही है। इसी साल मार्च माह में इसका सिरसा रोड की तरफ से निर्माण शुरू हुआ था और अब तक शिवालय मार्केट के सामने तक तोड़ा जा चुका है और इसका निर्माण चल रहा है। निर्माण की शुरूआत के साथ ही डिवाइडर टूटने को लेकर विवाद हुआ था। एजेंसी को नोटिस भी जारी किए गए थे। प्रधान का कहना है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री और एस्टीमेट के मुताबिक काम न होने को लेकर कई शिकायतें आ चुकी हैं और संस्थाओं के पदाधिकारी भी मिल चुके हैं। इसी के चलते काम बंद करवाने को लेकर पत्र लिखा है। संस्थाओं ने डिवाइडर पर पौधे लगाए थे, जो कि नष्ट हो चुके हैं। जबकि दावा किया गया था कि पौधों को नष्ट नहीं होने दिया जाएगा।
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हिसार रोड पर मिनी बाईपास तक बनना है डिवाइडर
डिवाइडर बनाने की योजना करीब एक साल से चल रही थी और आचार संहिता से पहले इसे सिरे चढ़ाया गया। नगर परिषद करीब तीन किलोमीटर तक सिरसा रोड पर सेतिया पैलेस के सामने से लेकर हिसार रोड पर मताना मोड़ के सामने तक निर्माण करवा रहा है।
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लोक निर्माण विभाग से ली गई है एनओसी
नगर परिषद ने डिवाइडर के निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग से पिछले साल एनओसी ली ली थी। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। पहले ये डिवाइडर करीब 20 साल पहले बना था। हालांकि नगर परिषद पुरानी ग्रिल की मरम्मत करके दोबारा लगवा रहा है।
नए प्रोजेक्ट कागजों में उलझे, पुराने भी रुके
नगर परिषद ने करीब 100 कामों के 35 करोड़ के एस्टीमेट बना रखे हैं, इन कामों की अनुमति नहीं मिली है। उपप्रधान सविता टुटेजा के हस्ताक्षर न होने से कई बड़े प्रोजेक्ट कागजों में ही उलझे हैं। अब फिलहाल शहर में डिवाइडर निर्माण ही बड़े प्रोजेक्ट के रूप में चल रहा था, जिसे बंद करवाने के प्रधान ने आदेश दे दिए हैं।
कोट
डिवाइडर का जो निर्माण हो रहा है वह गलत तरीके से किया जा रहा है। गमले गलत बनाए गए हैं, जिसमें पौधा लग ही नहीं पाएगा। इसके अलावा ग्रिल भी बीच में लगा दी गई है। इसको लेकर अधिकारियों और नगर परिषद प्रधान से मिले थे। अगर प्रधान ने काम रुकवाया है तो अच्छा फैसला है।
- विनोद अरोड़ा, प्रधान, सिटी वेलफेयर क्लब
कोट
डिवाइडर निर्माण का काम रोकने के आदेश दिए गए हैं। निर्माण में हल्की सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। इसके अलावा जो एस्टीमेट और डिजाइन था उसके मुताबिक नहीं बनाया जा रहा है। संस्थाएं बार-बार इसको लेकर शिकायत कर रही है। संस्थाओं द्वारा जो पौधे लगाए गए थे वह भी नष्ट हो गए हैं।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद
कोट
डिवाइडर का निर्माण नियम अनुसार हो रहा है। कोई भी आकर चेक कर सकता है। काम रोकने को लेकर अभी तक मेरे पास कोई आदेश नहीं आए हैं।
- अमित कौशिक, कार्यकारी अभियंता