फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Investigation can reach many officers

कई अफसरों तक पहुंच सकती है जांच की आंच

Thu, 08 Apr 2021 10:58 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 08 Apr 2021 10:58 PM IST
विज्ञापन
Investigation can reach many officers
वाहन पंजीकरण में हुए फर्जीवाड़े के मुकदमे की अगर सही तरीके से जांच होती है तो पिछले लगभग दस साल का रिकॉर्ड खंगालना पड़ेगा। क्योंकि वाहन पंजीकरण में फर्जीवाड़ा कामकाज ऑनलाइन होने के बाद घटा है, बढ़ा नहीं है। इससे पहले ज्यादा फर्जीवाड़ा होता था। अब तक सोशल मीडिया में 2009 तक की आरसी सामने आ चुकी हैं, जिनमें फर्जीवाड़ा नजर आ रहा है। इसलिए सही जांच होती है तो यहां एसडीएम रह चुके कई और अफसर भी लपेटे में आ सकते हैं।
विज्ञापन

फिलहाल मुख्यमंत्री के उड़नदस्ते की शिकायत पर एसडीएम रहे चुके सिर्फ तीन अफसरों पर मामला दर्ज करवाया है। इनमें सतबीर सिंह जांगू, सुरजीत नैन व संजय बिश्नोई शामिल हैं। इनका कार्यकाल 2018 के बाद का है। एफआईआर में जिक्र है कि शमशीर आलम निवासी अकबरपुरा जिला रोहताश बिहार के नाम वाहन पंजीकरण किया गया है। शमशीर आलम की आरसी में पंजीकरण की तारीख 9 सितंबर 2011 है। उस समय एसडीएम बलजीत सिंह थे। इसी तरह सोशल मीडिया में वर्ष 2009 और 2011 में बनी कुछ फर्जी आरसी भी सामने आई हैं। ऐसे में यदि सिर्फ तीन ही एसडीएम के खिलाफ जांच होती है तो भविष्य में कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
विज्ञापन

वर्ष 2008 से अब तक रहे एसडीएम
योगेश कुमार
जयकृष्ण आभीर
बलजीत सिंह
शालिनी चेलत
उमेद सिंह
सतीश कुमार
संतलाल पचार
सतबीर सिंह जांगू
सुरजीत नैन
संजय बिश्नोई
कुलभूषण बंसल मौजूदा एसडीएम।
क्या था मामला
बता दें कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के हिसार स्थित डीएसपी कार्यालय के एसआई राजेश कुमार की शिकायत पर फतेहाबाद शहर थाना में तीन पूर्व एसडीएम सतबीर जांगू, सुरजीत नैन व संजय बिश्नोई तथा दो क्लर्क ओमप्रकाश सिहाग व राजेश खटक सहित आठ लोगों पर केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने फतेहाबाद में ऐसे लोगों के वाहनों का पंजीकरण कर दिया, जो यहां के रहने वाले ही नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
मेरे कार्यकाल में हर काम पूरी तरह साफ सुथरे तरीके से हो रहा है। सभी कर्मचारियों को साफ तौर पर दिशा निर्देश हैं कि वे काम में किसी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं करेंगे। यदि कोई गड़बड़ी की तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हर दस्तावेज की गहन तरीके से जांच की जाती है।
- कुलभूषण बंसल, एसडीएम, फतेहाबाद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed