फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Insurance company denied the claim on the theft of trolley, now it will have to pay a compensation of 23 lakhs

Fatehabad: ट्राला चोरी होने पर बीमा कंपनी ने क्लेम से किया इन्कार, अब देना होगा 23 लाख का हर्जाना

Sun, 27 Aug 2023 08:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह भारत कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
भारत कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 27 Aug 2023 08:01 AM IST
सार

उपभोक्ता आयोग ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना किसी ठोस कारण के क्लेम न देना गलत है। छह फीसदी ब्याज के साथ उपभोक्ता को हर्जाना देना होगा। 

विज्ञापन
Insurance company denied the claim on the theft of trolley, now it will have to pay a compensation of 23 lakhs
उपभोक्ता आयोग - फोटो : DEMO Pics

विस्तार

बिना किसी ठोस वजह के उपभोक्ता का बीमा रद्द नहीं किया जा सकता है। उपभोक्ता आयोग के चेयरमैन राजबीर सिंह ने यह टिप्पणी करते हुए यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को बीमा धारक को 23 लाख रुपये छह फीसदी ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं। साथ ही उपभोक्ता आयोग ने कंपनी पर 11 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है।

विज्ञापन


इस मामले में गांव भोड़ियाखेड़ा निवासी कृष्ण कुमार ने उपभोक्ता आयोग में चार जनवरी 2021 को याचिका दायर की थी। याचिका में कृष्ण कुमार ने बताया था कि उसने ट्राला खरीदा था। यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से 6 दिसंबर 2018 को उसने ट्राले का बीमा करवाया। यह बीमा पांच दिसंबर 2019 तक था।
विज्ञापन


उस समय कंपनी ने उसके ट्राले की कीमत 23 लाख रुपये आंकी थी। कृष्ण ने बताया कि सितंबर 2019 की रात को उसका ट्राॅला चोरी हो गया। उसने अगले ही दिन इसकी शिकायत पुलिस को कर दी थी। फतेहाबाद शहर थाना पुलिस ने जांच के बाद 12 अक्तूबर 2019 को ट्राॅला चोरी का केस दर्ज किया था। इसके बाद 15 दिसंबर 2020 को पुलिस ने अदालत में इस मामले को अनट्रेस दिखा दिया। उसने बीमा कंपनी से क्लेम की मांग की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


कंपनी ने चोरी का मामला देरी से होने पर नहीं दिया बीमा क्लेम
कृष्ण कुमार ने अपनी याचिका में यह आरोप लगाया कि क्लेम दाखिल करने के बाद भी बीमा कंपनी का कोई सर्वेयर नहीं पहुंचा और न ही इसकी जांच की गई। कंपनी ने यह कहते हुए क्लेम देने से मना कर दिया कि चोरी के बाद केस दर्ज होने में देरी हुई है। इसलिए क्लेम नहीं दिया जा सकता।


आयोग ने 23 लाख रुपये देने के दिए आदेश
इस मामले की सुनवाई करते हुए उपभोक्ता आयोग के चेयरमैन राजबीर सिंह व सदस्यों ने टिप्पणी की कि बीमा कंपनी ने बिना किसी ठोस वजह से बीमा क्लेम देने से इन्कार किया है, जबकि पुलिस ने केस भी दर्ज किया और जांच रिपोर्ट भी दी है। कंपनी की ओर से कोई सर्वेयर भी नहीं पहुंचा। इसलिए बीमा कंपनी जब से आयोग में केस दायर हुआ है, तब से अब तक छह फीसदी ब्याज सहित कृष्ण कुमार को 23 लाख रुपये का हर्जाना दें। अगर 45 दिनों में हर्जाना नहीं दिया गया तो नौ फीसदी ब्याज सहित हर्जाना देना होगा। साथ ही कंपनी को 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed