{"_id":"6a9d99d370d4a0b68f0bdb16","slug":"inspired-by-his-coach-deepansh-is-now-ready-to-make-his-mark-in-national-hockey-fatehabad-news-c-127-1-ftb1001-160666-2026-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: कोच से प्रेरित दीपांश, अब नेशनल हॉकी में पहचान बनाने को तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: कोच से प्रेरित दीपांश, अब नेशनल हॉकी में पहचान बनाने को तैयार
विज्ञापन
फतेहाबाद। बड़ोपल के हॉकी ग्राउंड में खेलते हुए दीपांश। संवाद
फतेहाबाद। बड़ोपल के हॉकी मैदान में कोच राजबाला को खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देते देख दीपांश (16) के मन में हॉकी खेलने का जुनून जागा। साढ़े तीन साल की मेहनत के बाद अब वह राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता की तैयारी में जुटा है।
बड़ोपल निवासी दीपांश क्रिसेंट पब्लिक स्कूल फतेहाबाद में दसवीं कक्षा का छात्र है। उसके पिता सतपाल सिंह और मां बबीता हैं। पढ़ाई के साथ वह रोजाना हॉकी का अभ्यास करता है। कोच राजबाला को वह अपना प्रशिक्षक ही नहीं बल्कि प्रेरणा का स्रोत भी मानता है।
दीपांश ने बताया कि मैदान पर खिलाड़ियों को अनुशासन और मेहनत से अभ्यास करते देखकर उसने हॉकी को अपना लक्ष्य बनाया। शुरुआत में खेल की बारीकियां सीखीं। इसके बाद विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया।
विज्ञापन
साढ़े तीन साल के खेल सफर में वह जिला स्तर के साथ राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ, सीनियर स्टेट और सांसद खेल महोत्सव में भाग ले चुका है। इन प्रतियोगिताओं से उसे बेहतर खिलाड़ियों के साथ खेलने और अपनी कमियां समझने का अवसर मिला।
कोच राजबाला ने कहा कि खेल में सफलता के लिए नियमित अभ्यास, अनुशासन और धैर्य जरूरी है। दीपांश पढ़ाई और खेल के बीच बेहतर तालमेल बना रहा है। परिवार भी उसके सपने को पूरा करने में उसका हौसला बढ़ा रहा है।
विज्ञापन
बड़ोपल निवासी दीपांश क्रिसेंट पब्लिक स्कूल फतेहाबाद में दसवीं कक्षा का छात्र है। उसके पिता सतपाल सिंह और मां बबीता हैं। पढ़ाई के साथ वह रोजाना हॉकी का अभ्यास करता है। कोच राजबाला को वह अपना प्रशिक्षक ही नहीं बल्कि प्रेरणा का स्रोत भी मानता है।
विज्ञापन
दीपांश ने बताया कि मैदान पर खिलाड़ियों को अनुशासन और मेहनत से अभ्यास करते देखकर उसने हॉकी को अपना लक्ष्य बनाया। शुरुआत में खेल की बारीकियां सीखीं। इसके बाद विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया।
विज्ञापन
साढ़े तीन साल के खेल सफर में वह जिला स्तर के साथ राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ, सीनियर स्टेट और सांसद खेल महोत्सव में भाग ले चुका है। इन प्रतियोगिताओं से उसे बेहतर खिलाड़ियों के साथ खेलने और अपनी कमियां समझने का अवसर मिला।
कोच राजबाला ने कहा कि खेल में सफलता के लिए नियमित अभ्यास, अनुशासन और धैर्य जरूरी है। दीपांश पढ़ाई और खेल के बीच बेहतर तालमेल बना रहा है। परिवार भी उसके सपने को पूरा करने में उसका हौसला बढ़ा रहा है।