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Fatehabad News: उद्योगपतियों को नहीं मिल सका औद्योगिक क्षेत्र, पलायन करने को मजबूर

Wed, 26 Nov 2025 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Wed, 26 Nov 2025 11:19 PM IST
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Industrialists could not get industrial area, forced to migrate
फतेहाबाद के औद्योगिक नगर में फैली गंदगी। 
फतेहाबाद। औद्योगिक क्षेत्र में फतेहाबाद प्रदेशभर में पिछड़े जिलों की सूची में शामिल है। जिला मुख्यालय में उद्योगपतियों के लिए पंजीकृत औद्योगिक नगर तक नहीं है। इससे शहर के हिसार रोड पर स्थित इंड्रस्ट्रियल एरिया में पुराने समय से जारी कई उद्योग एक साथ बने होने के कारण इसी को औद्योगिक क्षेत्र कहा जाता है।
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स्थायी तौर पर शहर में कोई औद्योगिक क्षेत्र नहीं है। ऐसे में यहां उद्योग चला पाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मजबूरन उद्योगपति शहर के बजाय दूसरे स्थानों पर पलायन कर रहे हैं। नए बजट में कई उद्योगों में जीएसटी को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने से उद्योगपतियों को राहत मिली है।
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एक तरफ जहां जीएसटी की दरें कम होने से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर उद्योगों की सरकार व प्रशासन की ओर कोई सुध नहीं ली जा रही है। पुराने समय में फतेहाबाद शहर में जूता उद्योगों की अधिकता होने के कारण इसको मिनी फुटवियर हब भी कहा जाता था। लेकिन सुविधाओं के अभाव के चलते अधिकतर जूता उद्योग बंद हो चुके हैं। शहर में अब कोल्ड फैक्ट्री, स्टील, टाइल और बिस्किट बनाने के करीब 100 उद्योग है, लेकिन इसके बावजूद भी औद्योगिक क्षेत्र के लिए जगह निर्धारित नहीं की गई है। इससे बड़े उद्योगपति दिल्ली और रेवाड़ी जैसे स्थानों पर पलायन कर चुके हैं।
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तंग गलियों से ट्रांसपोर्ट की होती है परेशानी : औद्योगिक क्षेत्र में गलियों की चौड़ाई 15 से लेकर अधिकतम 20 फीट तक है। गलियों में बिजली की तारे नीची है। इससे इन गलियों में सामान को ले जाने व लाने के लिए बड़े वाहनों की आवश्यकता होती है, लेकिन गलियां तंग होने के कारण बड़े वाहन अंदर नहीं पाते। इससे छोटे लोडिंग वाहन जैसे पिकअप, छोटा हाथी और रिक्शा आदि से सामान का आयात निर्यात किया जा रहा है। जिससे लागत अधिक हो रही है।

20 वर्षों से लगा गली के बीच ट्रांसफार्मर : फैक्टियों के बीच गली में पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से बिजली का ट्रांसफार्मर लगा है। इस गली की चौड़ाई 16 फीट है। ट्रांसफार्मर गली के बीच में लगा होने के कारण अब इसकी चौड़ाई मात्र 10 फीट रह गई है। वहीं इस साल में दो बार यह ट्रांसफार्मर वाहनों के टकराने गिर चुका है। इस ट्रांसफार्मर को हटाने की मांग कई वर्षों से जारी है।
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