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Fatehabad News: चिकित्सकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से बढ़ेगा मरीजों का दर्द
Tue, 09 Dec 2025 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 09 Dec 2025 11:29 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में लगी मरीजों की लाइन संवाद
फतेहाबाद। जिले के सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को दूसरे दिन भी हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज के आह्वान पर चिकित्सकों की हड़ताल रही। नागरिक अस्पताल में पीएचसी पर एनएचएम के तहत तैनात डॉ. हनुमान ने आपातकालीन विभाग संभाला। वहीं टोहाना में स्टाफ नर्स ने गर्भवती की डिलीवरी करवाई, लेकिन शिशु को सांस लेने में दिक्कत के कारण बाल रोग विशेषज्ञ न होने के चलते रेफर कर दिया गया।
मंगलवार को अग्रोहा मेडिकल से आए 10 प्रशिक्षु चिकित्सकों ने ओपीडी संभाली। अस्पताल में दूसरे दिन भी चर्म रोग और मनोरोग की ओपीडी बंद रही। यहां उपचार के लिए आए मरीजों को मायूस लौटना पड़ा। इसके अलावा अस्पताल में अन्य ओपीडी चलती रही। वहीं प्रोबेशन पीरियड पर चल रहे 24 में से 20 चिकित्सकों को सिविल सर्जन ने नोटिस जारी करके ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ ने नोटिस में कहा है कि दो साल का प्रोबेशन पीरियड पूरा नहीं हुआ है, ऐसे में हड़ताल में शामिल होते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। हालांकि नोटिस का मंगलवार दोपहर तक किसी चिकित्सक ने जवाब नहीं दिया है। मंगलवार को जिले में 82 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। हालांकि चिकित्सकों की हड़ताल के बावजूद 6 एमएलआर कटी और तीन सिजेरियन डिलीवरी हुईं। दूसरी तरफ चिकित्सकों ने हड़ताल को अनिश्चितकालीन के लिए बढ़ा गया है। इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ सकता है।
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अग्रोहा से दो दिन और मांगे चिकित्सक
हड़ताल के चलते नागरिक अस्पताल में व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिविल सर्जन ने अग्रोहा मेडिकल से दो दिन और चिकित्सक मांगे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में अग्रोहा मेडिकल से 10 चिकित्सकों की टीम आई हुई है। इसमें ईएनटी, नेत्र रोग, हड्डी रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। नागरिक अस्पताल के पर्ची काउंटर पर धक्का-मुक्की के हालात रहे। पंजीकरण काउंटर पर दो ही कर्मचारी होने के कारण मरीजों को पर्ची कटवाने के लिए 20 से 30 मिनट का इंतजार करना पड़ा।
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डेंटल सर्जन ने सीएचसी पर संभाली ओपीडी
जिले के सरकारी अस्पताल में डेंटल सर्जन की ओपीडी जारी रही। इसके अलावा सीएचसी पर डेंटल सर्जन और सीएचओ ने व्यवस्था संभाली। डेंटल सर्जन ने दंत मरीजों के अलावा सामान्य मरीजों को भी जांचा। इसके अलावा रतिया, टोहाना और सीएचसी पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत लगे चिकित्सकों ने ओपीडी देखी।
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आंखों के नहीं हुए ऑपरेशन
नागरिक अस्पताल में मंगलवार को भी करीब 25 ऑपरेशन नहीं हुए। विशेषज्ञों की हड़ताल के चलते इनमें नेत्र रोग के करीब 15, ईएनटी के पांच और सामान्य सर्जन के पांच ऑपरेशन टाले गए। हालांकि अस्पताल में मंगलवार को नेत्र रोग के ही ऑपरेशन होते हैं।
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शिविर में महिलाओं को हुई परेशानी
नागरिक अस्पताल में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती के स्वास्थ्य का जांच शिविर लगाया गया। शिविर में एक ही महिला रोग विशेषज्ञ तैनात रही। उसी के जिम्मे शिविर में आई महिलाओं का चेकअप करने के अलावा गर्भवती की डिलीवरी का भी जिम्मा रहा। शिविर में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की जांच के लिए इंतजार करना पड़ा।
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सीएचओ से काम लिया जा रहा है जबकि वह दवाई भी नहीं लिख सकते। सरकार को चिकित्सकों की मांग की तरफ से ध्यान देना चाहिए। एसएमओ की सीधी भर्ती का विरोध किया जा रहा है। जब तक मांगें नहीं मानी जाती हड़ताल जारी रहेगी।
-डॉ. भरत सहारण, प्रधान, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज।
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जिले में प्रोबेशन पीरियड पर चल रहे 20 चिकित्सकों को नोटिस दिया गया है। अस्पताल में अग्रोहा मेडिकल से प्रशिक्षु चिकित्सकों की टीम बुलाई गई है। सीएचसी पर डेंटल सर्जन और सीएचओ ने मिलकर व्यवस्था बनाई हुई है। मरीजों को दिक्कत नहीं आने दी जा रही है। अग्रोहा से दो दिन के लिए और चिकित्सकों की टीम मांग ली गई है।
-डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन
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मंगलवार को अग्रोहा मेडिकल से आए 10 प्रशिक्षु चिकित्सकों ने ओपीडी संभाली। अस्पताल में दूसरे दिन भी चर्म रोग और मनोरोग की ओपीडी बंद रही। यहां उपचार के लिए आए मरीजों को मायूस लौटना पड़ा। इसके अलावा अस्पताल में अन्य ओपीडी चलती रही। वहीं प्रोबेशन पीरियड पर चल रहे 24 में से 20 चिकित्सकों को सिविल सर्जन ने नोटिस जारी करके ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए हैं।
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सीएमओ ने नोटिस में कहा है कि दो साल का प्रोबेशन पीरियड पूरा नहीं हुआ है, ऐसे में हड़ताल में शामिल होते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। हालांकि नोटिस का मंगलवार दोपहर तक किसी चिकित्सक ने जवाब नहीं दिया है। मंगलवार को जिले में 82 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। हालांकि चिकित्सकों की हड़ताल के बावजूद 6 एमएलआर कटी और तीन सिजेरियन डिलीवरी हुईं। दूसरी तरफ चिकित्सकों ने हड़ताल को अनिश्चितकालीन के लिए बढ़ा गया है। इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ सकता है।
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अग्रोहा से दो दिन और मांगे चिकित्सक
हड़ताल के चलते नागरिक अस्पताल में व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिविल सर्जन ने अग्रोहा मेडिकल से दो दिन और चिकित्सक मांगे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में अग्रोहा मेडिकल से 10 चिकित्सकों की टीम आई हुई है। इसमें ईएनटी, नेत्र रोग, हड्डी रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। नागरिक अस्पताल के पर्ची काउंटर पर धक्का-मुक्की के हालात रहे। पंजीकरण काउंटर पर दो ही कर्मचारी होने के कारण मरीजों को पर्ची कटवाने के लिए 20 से 30 मिनट का इंतजार करना पड़ा।
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डेंटल सर्जन ने सीएचसी पर संभाली ओपीडी
जिले के सरकारी अस्पताल में डेंटल सर्जन की ओपीडी जारी रही। इसके अलावा सीएचसी पर डेंटल सर्जन और सीएचओ ने व्यवस्था संभाली। डेंटल सर्जन ने दंत मरीजों के अलावा सामान्य मरीजों को भी जांचा। इसके अलावा रतिया, टोहाना और सीएचसी पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत लगे चिकित्सकों ने ओपीडी देखी।
आंखों के नहीं हुए ऑपरेशन
नागरिक अस्पताल में मंगलवार को भी करीब 25 ऑपरेशन नहीं हुए। विशेषज्ञों की हड़ताल के चलते इनमें नेत्र रोग के करीब 15, ईएनटी के पांच और सामान्य सर्जन के पांच ऑपरेशन टाले गए। हालांकि अस्पताल में मंगलवार को नेत्र रोग के ही ऑपरेशन होते हैं।
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शिविर में महिलाओं को हुई परेशानी
नागरिक अस्पताल में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती के स्वास्थ्य का जांच शिविर लगाया गया। शिविर में एक ही महिला रोग विशेषज्ञ तैनात रही। उसी के जिम्मे शिविर में आई महिलाओं का चेकअप करने के अलावा गर्भवती की डिलीवरी का भी जिम्मा रहा। शिविर में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की जांच के लिए इंतजार करना पड़ा।
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सीएचओ से काम लिया जा रहा है जबकि वह दवाई भी नहीं लिख सकते। सरकार को चिकित्सकों की मांग की तरफ से ध्यान देना चाहिए। एसएमओ की सीधी भर्ती का विरोध किया जा रहा है। जब तक मांगें नहीं मानी जाती हड़ताल जारी रहेगी।
-डॉ. भरत सहारण, प्रधान, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज।
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जिले में प्रोबेशन पीरियड पर चल रहे 20 चिकित्सकों को नोटिस दिया गया है। अस्पताल में अग्रोहा मेडिकल से प्रशिक्षु चिकित्सकों की टीम बुलाई गई है। सीएचसी पर डेंटल सर्जन और सीएचओ ने मिलकर व्यवस्था बनाई हुई है। मरीजों को दिक्कत नहीं आने दी जा रही है। अग्रोहा से दो दिन के लिए और चिकित्सकों की टीम मांग ली गई है।
-डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन