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पिछले 24 घंटे में 105 जगह जली पराली, धुआं धुआं हुआ शहर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Nov 2021 11:24 PM IST
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In the last 24 hours, 105 places burnt stubble, the city became smoky
शहर में छाया धुआं। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। जिले में किसानों द्वारा पराली में आग लगाने का सिलसिला तेज हो गया है। पिछले 24 घंटे में 105 जगह पराली जलाई गई है। इसी के चलते बुधवार सुबह वातावरण में धुआं ही धुआं छाया रहा। वाहनचालकों को आंखों में जलन महसूस हुई तो सांस के मरीजों की परेशानी भी बढ़ गई है। दिवाली की रात को भी पटाखों के शोरगुल में पराली जलने की आशंका रहेगी।
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हरसैक की ओर से 15 सितंबर से 2 नवंबर शाम तक जिले में 443 जगहों पर आग लगने की लोकेशन भेजी गई है। हालांकि, हरसैक द्वारा लोकेशन भेजने के बाद राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके पर जाकर निरीक्षण भी करती हैं। बड़े स्तर पर पराली जलाने के कारण छोटी दिवाली को पूरे दिन आसमान में धुआं छाया रहा। देर शाम तक भी धुएं का असर कम नहीं हुआ। शहर में भी वाहन चलाते समय वाहन चालकों की आंखों में जलन होती रही। धुएं का असर इतना ज्यादा रहा कि धूप की झलक भी फीकी रही।
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रतिया के छह गांवों में लगाई गई आग
रतिया क्षेत्र में मंगलवार रात को छह गांवों में पराली में आग लगाई गई। हरसैक ने भी रतिया प्रशासन के पास फायर लोकेशन भेजी। इसके बाद कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उन लोकेशन के आधार पर जांच करने के लिए पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार रतिया, बुर्ज, बादलगढ़, बाह्मणवाला, लांबा में देर शाम तक टीमें जांच में लगी रही।
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कोट
पराली जलाने से आसमान में फैला धुआं आंखों व सांस के मरीजों पर अधिक असर डालता है। इसलिए जलन महसूस होने पर बार-बार आंखों को पानी से धोते रहें। दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चश्मा जरूर पहनें। सावधानी बरतनी बहुत जरूरी है।

डॉ. राजेश चौधरी, नेत्र रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
कोट
हरसैक ने सैटेलाइट से 15 सितंबर से 2 नवंबर तक 443 फायर लोकेशन भेजी है। मगर यह नहीं कहा जा सकता कि इन सभी जगह पराली जली है क्योंकि चाय बनाते समय लगी आग भी हरसैक की फायर लोकेशन में आ जाती है। बाद में मौके पर जाकर जांच करने की जिम्मेदारी कृषि एवं राजस्व अधिकारियों की है।
सुनील श्योराण, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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