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शहर में ‘मौत’ बनकर घूम रहे हैं लावारिस पशु
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Tue, 11 Nov 2014 12:17 AM IST
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शहर में लावारिस पशु सड़कों पर वाहन चालकों के लिए मौत बनकर घूम रहे हैं। यही नहीं वाहनों के आगे आने से कई चालकों चालकों की मौत हो चुकी है और कई जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। रविवार रात जीजेयू में तैनात क्लर्क के दो पहिया वाहन के सामने एक लावारिस पशु आ गया, जिससे बचने के चक्कर में वह गाड़ी समेत फिसलकर सड़क पर गिर गए। गंभीर रूप से घायल क्लर्क को सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां जांच में उनके हाथ और टांग में फैक्चर निकला।
कबीर बस्ती निवासी विनोद पुत्र भूपसिंह रविवार रात अपने दुपहिया वाहन से हिसार जा रहे थे। गांव बड़ोपल के पास लावारिस पशु एकाएक उनकी बाइक के सामने आ गया, जिससे बाइक फिसल गई और विनोद गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए सामान्य अस्पताल लाया गया, जहां पर विनोद की टांग तथा हाथ में फैक्चर बताया गया है। ऐसे दो से तीन केस प्रतिदिन सामने आ रहे हैं, जिसमें वाहन चालक प्रतिदिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।
नंदीशाला के 70 प्रतिशत पशु बाहर
हिसार रोड स्थित नंदीशाला के 70 प्रतिशत लावारिस पशु बाहर घूम रहे हैं। जिस समय यह नंदीशाला बनी थी। उस समय इसमें 450 पशु थे, लेकिन आज यहां आधे से भी कम पशु हैं। बाकी सभी जहां से पकड़े गए, वहीं पर पहुंच गए है, जो आम जनता के लिए मौत बनकर घूम रहे हैं।
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सामाजिक संस्थाएं भी हटीं पीछे
लगभग पांच साल पहले प्रशासन ने सामाजिक संस्थाओं को साथ लेकर शहर में घूम रहे लावारिस पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में छोड़ा था। जैसे-जैसे समय बीतता गया सामाजिक संस्थाओं का ध्यान लावारिस पशुओं से हटता गया। आज शहर में जगह-जगह लावारिस पशुओं का जमावड़ा लगा है।
कई हो चुके हैं मौत के शिकार, कई लड़ रहे हैं मौत से
शहर में सरेआम घूम रहे लावारिस पशुओं से प्रतिदिन वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार एक महीने में औसतन 50 से 60 वाहन चालक दुर्घटना का शिकार होते हैं। इनमें 10 के लगभग मौतें भी इन्हीं कारणों से होती हैं।
इनकी गई जान
1.रतिया में एक अक्तूबर को लावारिस पशु की चपेट में आने पुलिस कर्मी घायल
2.जांडली में पांच अक्टूबर को खुर्द में पशु के आगे आने से छात्र की मौत
3.गांव अयाल्की के पास 15 अक्तूबर को लावारिस पशु के आगे आने से युवक की मौत
4 जुलाई माह में भट्टू रोड पर बाइक के आगे पशु आने से गांव मेहूवाला के एक छात्र की मौत, एक घायल
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कबीर बस्ती निवासी विनोद पुत्र भूपसिंह रविवार रात अपने दुपहिया वाहन से हिसार जा रहे थे। गांव बड़ोपल के पास लावारिस पशु एकाएक उनकी बाइक के सामने आ गया, जिससे बाइक फिसल गई और विनोद गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए सामान्य अस्पताल लाया गया, जहां पर विनोद की टांग तथा हाथ में फैक्चर बताया गया है। ऐसे दो से तीन केस प्रतिदिन सामने आ रहे हैं, जिसमें वाहन चालक प्रतिदिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।
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नंदीशाला के 70 प्रतिशत पशु बाहर
हिसार रोड स्थित नंदीशाला के 70 प्रतिशत लावारिस पशु बाहर घूम रहे हैं। जिस समय यह नंदीशाला बनी थी। उस समय इसमें 450 पशु थे, लेकिन आज यहां आधे से भी कम पशु हैं। बाकी सभी जहां से पकड़े गए, वहीं पर पहुंच गए है, जो आम जनता के लिए मौत बनकर घूम रहे हैं।
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सामाजिक संस्थाएं भी हटीं पीछे
लगभग पांच साल पहले प्रशासन ने सामाजिक संस्थाओं को साथ लेकर शहर में घूम रहे लावारिस पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में छोड़ा था। जैसे-जैसे समय बीतता गया सामाजिक संस्थाओं का ध्यान लावारिस पशुओं से हटता गया। आज शहर में जगह-जगह लावारिस पशुओं का जमावड़ा लगा है।
कई हो चुके हैं मौत के शिकार, कई लड़ रहे हैं मौत से
शहर में सरेआम घूम रहे लावारिस पशुओं से प्रतिदिन वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार एक महीने में औसतन 50 से 60 वाहन चालक दुर्घटना का शिकार होते हैं। इनमें 10 के लगभग मौतें भी इन्हीं कारणों से होती हैं।
इनकी गई जान
1.रतिया में एक अक्तूबर को लावारिस पशु की चपेट में आने पुलिस कर्मी घायल
2.जांडली में पांच अक्टूबर को खुर्द में पशु के आगे आने से छात्र की मौत
3.गांव अयाल्की के पास 15 अक्तूबर को लावारिस पशु के आगे आने से युवक की मौत
4 जुलाई माह में भट्टू रोड पर बाइक के आगे पशु आने से गांव मेहूवाला के एक छात्र की मौत, एक घायल