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Fatehabad News: मायका-ससुराल पक्ष में चले थप्पड़-मुक्के
Sat, 16 May 2026 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 16 May 2026 11:11 PM IST
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शहर की ग्रीन पार्क कॉलोनी में पुलिस की मौजूदगी में लड़ाई करते दोनों पक्ष। सोशल मीडिया
फतेहाबाद। ग्रीन पार्क कॉलोनी में शनिवार को दंपती के विवाद में पुलिस की मौजूदगी में ही मायका और ससुराल पक्ष भिड़ गए। दोनों ने एक-दूसरे पर जमकर थप्पड़-मुक्के बरसाए। इस दौरान एक महिला भी घायल हो गई। घायल महिला को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें दोनों पक्ष लड़ते हुए नजर आ रहे हैं।
इस मामले में मध्यस्थता कर रहे पार्षद निर्मल सिवाच ने बताया कि डायल 112 की टीम भी बुलाई गई। पड़ोसी के घर की छत से कूदकर महिला नीचे आई और घर के बाहर आने के बाद मारपीट के आरोप लगाए। दोनों पक्षों की दस बार पंचायत हो चुकी है मगर महिला को बसाने के बजाय मायके पक्ष के लोग मकान मांग रहे हैं। महिला पक्ष के लोग डेढ़ करोड़ रुपये की कोठी उसके नाम करवाने की मांग कर रहे हैंं जबकि कोठी उसकी सास के नाम पर है इसलिए यह सारा विवाद बढ़ा हुआ है। इसी कारण से दोनों पक्षों में बात मारपीट तक पहुंच गई।
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लड़के का आरोप- मकान पर करना चाहते हैं कब्जा
ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी अजय ने बताया कि उसकी शादी करीब चार साल पहले गांव ढाणी ईस्सर निवासी शर्मिला से हुई थी। पत्नी ने उस पर 8 महीने पहले दहेज मांगने और घरेलू हिंसा के आरोप में केस दर्ज करवा दिए। कोर्ट ने हर महीने गुजारा खर्च देने के आदेश दिए थे। इसके बाद से वह हर महीने सात हजार रुपये खर्च पत्नी को दे रहा है। फिर भी पत्नी व अपने परिवार के साथ मिलकर हमारे मकान पर कब्जा करना चाहते हैं। मगर मकान मेरी मां के नाम है। मां फिलहाल गांव किशनगढ़ में रह रही हैं। अजय ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी के चाचा देवतराम और हनुमान ने पहले भी उस पर ईंट से हमला किया था। इन दोनों को बाउंड किया हुआ है कि वे उनकी गली में नहीं आएंगे। फिर भी ये लोग बार-बार आ रहे हैं। उस समय उसकी पत्नी वहां मौजूद नहीं थी। वह पड़ोस के घर में बैठी थी। दीवार फांदकर वह घर की तरफ आई और आते ही लड़ने लगी। इसी दौरान मारपीट हो गई। मेरे भी कपड़े फाड़ दिए गए।
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लड़की ने आरोपों को बताया झूठा
सिविल अस्पताल में दाखिल घायल शर्मिला ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद आठ महीने से वह ससुराल के मकान के पोर्च में रह रही है। मगर इस दौरान बुआ सास का लड़का और उसके साथी आकर गंदा बोलते हैं। उसके साथ छेड़खानी भी की गई। फिर पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करवाई थी। उसका दो साल का बेटा है। दस दिन पहले वो बीमार रहने लग गया इसलिए उसे मायके में भेजना पड़ा। शनिवार को वह घर से बाहर दवाई लेने के लिए गई थी। पीछे से ये लोग आ गए। पहले भी उसका सामान जला दिया गया था। इस बार भी उसे ऐसी ही आशंका थी इसलिए उसने खुद पुलिस बुलाई थी। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई। उसने बताया कि वह अपना घर बसाना चाहती है लेकिन ससुरालवाले मान नहीं रहे। वे उसे घर में नहीं रहने देना चाह रहे। मकान नाम करवाने के आरोप झूठे हैं।
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इस मामले में मध्यस्थता कर रहे पार्षद निर्मल सिवाच ने बताया कि डायल 112 की टीम भी बुलाई गई। पड़ोसी के घर की छत से कूदकर महिला नीचे आई और घर के बाहर आने के बाद मारपीट के आरोप लगाए। दोनों पक्षों की दस बार पंचायत हो चुकी है मगर महिला को बसाने के बजाय मायके पक्ष के लोग मकान मांग रहे हैं। महिला पक्ष के लोग डेढ़ करोड़ रुपये की कोठी उसके नाम करवाने की मांग कर रहे हैंं जबकि कोठी उसकी सास के नाम पर है इसलिए यह सारा विवाद बढ़ा हुआ है। इसी कारण से दोनों पक्षों में बात मारपीट तक पहुंच गई।
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लड़के का आरोप- मकान पर करना चाहते हैं कब्जा
ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी अजय ने बताया कि उसकी शादी करीब चार साल पहले गांव ढाणी ईस्सर निवासी शर्मिला से हुई थी। पत्नी ने उस पर 8 महीने पहले दहेज मांगने और घरेलू हिंसा के आरोप में केस दर्ज करवा दिए। कोर्ट ने हर महीने गुजारा खर्च देने के आदेश दिए थे। इसके बाद से वह हर महीने सात हजार रुपये खर्च पत्नी को दे रहा है। फिर भी पत्नी व अपने परिवार के साथ मिलकर हमारे मकान पर कब्जा करना चाहते हैं। मगर मकान मेरी मां के नाम है। मां फिलहाल गांव किशनगढ़ में रह रही हैं। अजय ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी के चाचा देवतराम और हनुमान ने पहले भी उस पर ईंट से हमला किया था। इन दोनों को बाउंड किया हुआ है कि वे उनकी गली में नहीं आएंगे। फिर भी ये लोग बार-बार आ रहे हैं। उस समय उसकी पत्नी वहां मौजूद नहीं थी। वह पड़ोस के घर में बैठी थी। दीवार फांदकर वह घर की तरफ आई और आते ही लड़ने लगी। इसी दौरान मारपीट हो गई। मेरे भी कपड़े फाड़ दिए गए।
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लड़की ने आरोपों को बताया झूठा
सिविल अस्पताल में दाखिल घायल शर्मिला ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद आठ महीने से वह ससुराल के मकान के पोर्च में रह रही है। मगर इस दौरान बुआ सास का लड़का और उसके साथी आकर गंदा बोलते हैं। उसके साथ छेड़खानी भी की गई। फिर पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करवाई थी। उसका दो साल का बेटा है। दस दिन पहले वो बीमार रहने लग गया इसलिए उसे मायके में भेजना पड़ा। शनिवार को वह घर से बाहर दवाई लेने के लिए गई थी। पीछे से ये लोग आ गए। पहले भी उसका सामान जला दिया गया था। इस बार भी उसे ऐसी ही आशंका थी इसलिए उसने खुद पुलिस बुलाई थी। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई। उसने बताया कि वह अपना घर बसाना चाहती है लेकिन ससुरालवाले मान नहीं रहे। वे उसे घर में नहीं रहने देना चाह रहे। मकान नाम करवाने के आरोप झूठे हैं।