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Fatehabad News: नहरों में बह रहा अशुद्ध पानी, 120 गांवों के लोगों की सेहत पर संकट
Sat, 13 Sep 2025 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 13 Sep 2025 10:48 PM IST
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बडोपल से होकर गुजर रही नहर में डाला जा रहा बारिश का गंदा पानी। स्रोत: ग्रामीण
फतेहाबाद। जिले के लगभग 120 गांवों में नहरों के जरिये जलघरों में सप्लाई हो रहे अशुद्ध पेयजल से ग्रामीणों की सेहत खतरे में पड़ गई है। ऐसी ही स्थिति जिले के चिंदड़, बड़ोपल व अन्य गांवों में भी बनी हुई है।
गांव से निकलने वाला गंदा पानी और बारिश का जमा पानी ड्रेनों के माध्यम से नहरों में डाला जा रहा है। इस कारण नहरों का पानी पूरी तरह दूषित हो चुका है। यही पानी बिना शुद्ध किए जलघरों में पहुंचाकर घरों तक भेजा जा रहा है। इसे पीने से वायरल बुखार, पेट दर्द, उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों में लगातार इजाफा हो रहा है।
गांव चिंदड़ के ग्रामीणों ने बताया कि जलघर कर्मचारी बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे नहरों का गंदा पानी टैंकों में जमा कर घरों में सप्लाई कर रहे हैं। भूजल खारा होने की वजह से ग्रामीणों के पास दूसरा कोई विकल्प भी नहीं बचा है। ऐसे में वे इसी पानी को पीने के लिए मजबूर हैं।
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शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करे प्रशासन
जिले के कई गांवों में फिलहाल जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जल निकासी के लिए बनी ड्रेनों से पानी नहरों में डाला जा रहा है। इस कारण पानी की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लग रहे हैं। विशेषकर सेमग्रस्त क्षेत्रों में, जहां भूजल पहले से ही पीने योग्य नहीं है, वहां यह समस्या और गंभीर बन चुकी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह सीधे तौर पर उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है और इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
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हम नियमित रूप से पानी का बिल जमा करवा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद साफ पानी नहीं मिल रहा। गंदा पानी पीने से बच्चों और बुजुर्गों को पेट की बीमारियां हो रही हैं। साथ ही, त्वचा रोग भी बढ़ते जा रहे हैं।
-हरि सिंह, गांव चिंदड़।
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गांव के जलघर में बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी भरा जा रहा है और उसी की सप्लाई लोगों के घरों में की जा रही है। सरकार को चाहिए कि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाए, ताकि स्वास्थ्य पर बुरा असर न पड़े।
-सुंदर कुमार, गांव बड़ोपल।
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भट्टू कलां में भूजल खारा है, इसलिए लोग पूरी तरह नहरी पानी पर निर्भर हैं। लेकिन इसमें जलभराव वाला और गंदा पानी डाला जा रहा है। इस कारण यह पानी पीने योग्य नहीं रहा। इसमें से बदबू और कीचड़ निकल रहा है।
-राय सिंह सहारण, गांव भट्टू कलां।
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गांव के जलघर का स्तर नीचा होने के कारण गांव का गंदा पानी टैंक में भर रहा है। यह पानी काला और बदबूदार है। ग्रामीण इसे पीने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन इस गंभीर समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा।
-जगदीश, गांव चिंदड़।
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:: जलघरों से नहरी पानी की सप्लाई दी जा रही है। पानी को शुद्ध करने के लिए फिल्टर करके दवाई डाल रहे हैं। इससे पानी पीने योग्य और साफ हो जाता है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में समय पर पेयजल की आपूर्ति का जा रही है।
-सतपाल रोज, जनस्वास्थ्य विभाग, फतेहाबाद।
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गांव से निकलने वाला गंदा पानी और बारिश का जमा पानी ड्रेनों के माध्यम से नहरों में डाला जा रहा है। इस कारण नहरों का पानी पूरी तरह दूषित हो चुका है। यही पानी बिना शुद्ध किए जलघरों में पहुंचाकर घरों तक भेजा जा रहा है। इसे पीने से वायरल बुखार, पेट दर्द, उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों में लगातार इजाफा हो रहा है।
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गांव चिंदड़ के ग्रामीणों ने बताया कि जलघर कर्मचारी बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे नहरों का गंदा पानी टैंकों में जमा कर घरों में सप्लाई कर रहे हैं। भूजल खारा होने की वजह से ग्रामीणों के पास दूसरा कोई विकल्प भी नहीं बचा है। ऐसे में वे इसी पानी को पीने के लिए मजबूर हैं।
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शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करे प्रशासन
जिले के कई गांवों में फिलहाल जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जल निकासी के लिए बनी ड्रेनों से पानी नहरों में डाला जा रहा है। इस कारण पानी की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लग रहे हैं। विशेषकर सेमग्रस्त क्षेत्रों में, जहां भूजल पहले से ही पीने योग्य नहीं है, वहां यह समस्या और गंभीर बन चुकी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह सीधे तौर पर उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है और इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
हम नियमित रूप से पानी का बिल जमा करवा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद साफ पानी नहीं मिल रहा। गंदा पानी पीने से बच्चों और बुजुर्गों को पेट की बीमारियां हो रही हैं। साथ ही, त्वचा रोग भी बढ़ते जा रहे हैं।
-हरि सिंह, गांव चिंदड़।
गांव के जलघर में बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी भरा जा रहा है और उसी की सप्लाई लोगों के घरों में की जा रही है। सरकार को चाहिए कि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाए, ताकि स्वास्थ्य पर बुरा असर न पड़े।
-सुंदर कुमार, गांव बड़ोपल।
भट्टू कलां में भूजल खारा है, इसलिए लोग पूरी तरह नहरी पानी पर निर्भर हैं। लेकिन इसमें जलभराव वाला और गंदा पानी डाला जा रहा है। इस कारण यह पानी पीने योग्य नहीं रहा। इसमें से बदबू और कीचड़ निकल रहा है।
-राय सिंह सहारण, गांव भट्टू कलां।
गांव के जलघर का स्तर नीचा होने के कारण गांव का गंदा पानी टैंक में भर रहा है। यह पानी काला और बदबूदार है। ग्रामीण इसे पीने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन इस गंभीर समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा।
-जगदीश, गांव चिंदड़।
:: जलघरों से नहरी पानी की सप्लाई दी जा रही है। पानी को शुद्ध करने के लिए फिल्टर करके दवाई डाल रहे हैं। इससे पानी पीने योग्य और साफ हो जाता है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में समय पर पेयजल की आपूर्ति का जा रही है।
-सतपाल रोज, जनस्वास्थ्य विभाग, फतेहाबाद।

बडोपल से होकर गुजर रही नहर में डाला जा रहा बारिश का गंदा पानी। स्रोत: ग्रामीण

बडोपल से होकर गुजर रही नहर में डाला जा रहा बारिश का गंदा पानी। स्रोत: ग्रामीण