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Fatehabad News: मांगें नहीं मानीं तो पंचायत मंत्री के आवास पर 24 घंटे का महापड़ाव
Tue, 19 May 2026 10:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 19 May 2026 10:45 PM IST
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खंड एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय भूना परिसर में लंबित मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते ग्रामीण
भूना। ग्रामीण सफाई कर्मचारी मंगलवार को खंड एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए। कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 24 और 25 मई को पंचायत मंत्री के आवास पर 24 घंटे का महापड़ाव लगाया जाएगा।
प्रदर्शन की अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान अनिल कुमार ने की जबकि मंच संचालन पवन सिंथला ने किया। सभा को संबोधित करते हुए सीटू के जिला कन्वीनर ओमप्रकाश अनेजा और अनिल कुमार ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी अनदेखी कर रही है।
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार सभी कच्चे कर्मचारियों को एक साथ नियमित किया जाना चाहिए। नेताओं ने कहा कि जब तक कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जाता, तब तक न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये किया जाए ताकि कर्मचारी अपने परिवार की शिक्षा और स्वास्थ्य जरूरतें पूरी कर सकें। इसके साथ ही गेहूं खरीद के समय कर्मचारियों को वेतन समय पर देने की मांग भी उठाई गई।
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कर्मचारियों ने मांग रखी कि 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को लागू किया जाए और आबादी के अनुपात में प्रति 400 लोगों पर एक स्थायी सफाई कर्मचारी की भर्ती हो। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 26 हजार और 27 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करने तथा हर महीने की 7 तारीख तक मानदेय देने की मांग की।
इसके अलावा कर्मचारियों ने वर्दी, धुलाई और औजार भत्ता बढ़ाने, एक्सग्रेसिया पॉलिसी लागू करने, मृतक कर्मचारी के आश्रित को नौकरी देने, दुर्घटना में मृत्यु पर 50 लाख और सामान्य मृत्यु पर 20 लाख रुपये मुआवजा तथा सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये व ग्रेच्युटी देने की मांग उठाई गई। प्रदर्शन को साहब राम धोलू, ओमप्रकाश गोरखपुर, नरसी जांडली खुर्द, सतीश जांडली कलां, कश्मीर मोची, रघुबीर भटटू, कृष्ण कुमार टिब्बी सहित कई मजदूर नेताओं ने संबोधित किया।
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प्रदर्शन की अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान अनिल कुमार ने की जबकि मंच संचालन पवन सिंथला ने किया। सभा को संबोधित करते हुए सीटू के जिला कन्वीनर ओमप्रकाश अनेजा और अनिल कुमार ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी अनदेखी कर रही है।
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उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार सभी कच्चे कर्मचारियों को एक साथ नियमित किया जाना चाहिए। नेताओं ने कहा कि जब तक कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जाता, तब तक न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये किया जाए ताकि कर्मचारी अपने परिवार की शिक्षा और स्वास्थ्य जरूरतें पूरी कर सकें। इसके साथ ही गेहूं खरीद के समय कर्मचारियों को वेतन समय पर देने की मांग भी उठाई गई।
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कर्मचारियों ने मांग रखी कि 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को लागू किया जाए और आबादी के अनुपात में प्रति 400 लोगों पर एक स्थायी सफाई कर्मचारी की भर्ती हो। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 26 हजार और 27 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करने तथा हर महीने की 7 तारीख तक मानदेय देने की मांग की।
इसके अलावा कर्मचारियों ने वर्दी, धुलाई और औजार भत्ता बढ़ाने, एक्सग्रेसिया पॉलिसी लागू करने, मृतक कर्मचारी के आश्रित को नौकरी देने, दुर्घटना में मृत्यु पर 50 लाख और सामान्य मृत्यु पर 20 लाख रुपये मुआवजा तथा सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये व ग्रेच्युटी देने की मांग उठाई गई। प्रदर्शन को साहब राम धोलू, ओमप्रकाश गोरखपुर, नरसी जांडली खुर्द, सतीश जांडली कलां, कश्मीर मोची, रघुबीर भटटू, कृष्ण कुमार टिब्बी सहित कई मजदूर नेताओं ने संबोधित किया।