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जनता की समस्याएं जानने के लिए हर महीने खंड स्तर पर लगाऊंगी खुला दरबार : सुमन खिचड़

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Feb 2023 08:05 PM IST
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I will set up an open darbar at block level every month to know the problems of the public: Suman Khichad
विशेष बातचीत करतीं जिला परिषद चेयरपर्सन एडवोकेट सुमन खिचड़, साथ हैं उनके पति सुभाष खिचड़।
फतेहाबाद। बेशक हर गांव में जाकर समस्याएं सुनना संभव न हों, लेकिन जनता की समस्याएं जानने के लिए हर महीने खंड स्तर पर खुला दरबार लगवाऊंगी। इस खुले दरबार में उस खंड से संबंधित किसी भी गांव का ग्रामीण अपनी समस्या रख सकेगा। उन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करवाएंगे। यह कहना है, फतेहाबाद जिला परिषद की नवनिर्वाचित चेयरपर्सन एडवोकेट सुमन खिचड़ का। विशेष बातचीत में सुमन खिचड़ ने भविष्य की योजनाओं और पंचायती राज की मजबूती को लेकर किए जाने वाले प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पार्षदों के साथ तालमेल करके गांवों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे। संवाद
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चेयरपर्सन के साथ सवाल-जवाब
सवाल- जिला परिषद चेयरपर्सन के रूप में सभी वार्डों में समान विकास करवाने में कैसे सक्षम रहेंगी?
जवाब- हम लगातार पार्षदों के साथ बैठक करेंगे। उनसे गांवों के विकास कार्यों की सूची मांगी जाएगी। समन्वय के साथ हर वार्ड में समान रूप से विकास करवाएंगे।
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सवाल- ग्रामीण विकास को लेकर क्या-क्या आइडिया सोचे हैं। कैसे उनको क्रियांन्वित करेंगी?
जवाब- हमारा परिवार 12 साल से ग्रामीण विकास के मुद्दों पर काम कर रहा है। मेरे पति सुभाष खिचड़ बीआरएम वेलफेयर सोसायटी के माध्यम से स्वच्छता, खेल, खेतीबाड़ी से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। उस अनुभव का लाभ हमें मिलेगा। ग्रामीण विकास की हर योजना का लाभ जनता को दिलाएंगे।
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सवाल- खुद महिला हैं, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए क्या करेंगी?
जवाब - विभागों की जो कमेटियां बनी हुई हैं, उनके जरिये घर-घर जाकर महिलाओं को जागरूक करने का प्रयास करेंगे। कौशल विकास के कार्यक्रमों का लाभ महिलाओं को दिलाएंगे। स्वयं सहायता समूहों के जरिये भी उनको स्वावलंबी बनाने पर काम होगा।
सवाल- जिला नशे का गढ़ बन चुका है, पंचायत चुनाव में यह प्रमुख मुद्दा रहा, इस पर लगाम लगाने की आपने क्या योजना बनाई है?
जवाब- कई ग्राम पंचायतों ने फैसला लिया है कि नशा तस्करों की जमानत नहीं करवाएंगे। हम कोशिश करेंगे कि जिले की सभी पंचायतें इस तरह के फैसले लागू करें। एसपी ने भी हमें आश्वस्त किया है कि नशा विरोधी मुहिम में पुलिस का भरपूर सहयोग मिलेगा।
सवाल- सितंबर महीने में आई अत्याधिक बारिश से जिले के अधिकांश गांवों ने जलभराव का संकट झेला। जिला परिषद के माध्यम से जल निकासी के प्रबंध करवा पाएंगी या नहीं?
जवाब - जिन 22-23 गांवों में यह दिक्कत आई थी, उनके सरपंचों के साथ चर्चा हुई थी। वे अधिकारियों के साथ इसके समाधान की व्यवस्था में जुटे हैं। जुलाई महीने तक ऐसे प्रयास कर लिए जाएंगे कि दोबारा जलभराव की स्थिति न बनें।
सवाल- पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण तो महिलाओं को मिल गया है। मगर क्या स्वतंत्र रूप से महिलाएं अपना दायित्व निभा पा रही हैं।
जवाब- एकदम से बदलाव नहीं किया जा सकता है। मगर धीरे-धीरे स्थिति काफी सुधर रही है। महिलाएं भी जागरूक हुई हैं। बहुत सी महिलाएं अपना दायित्व बेहतर तरीके से निभा रही हैं।
सवाल- आप भाजपा से चुनी गई हैं। पंचायत मंत्री का गृह जिला भी फतेहाबाद है। उन्हीं के उम्मीदवार को हराकर आप चेयरपर्सन बनी हैं। क्या लगता है विकास कार्यों में मंत्री पक्षपात नहीं करेंगे।
जवाब- प्रदेश में भी भाजपा-जजपा के गठबंधन की सरकार है। जिला परिषद में भी गठबंधन धर्म का पालन हुआ है। भाजपा से चेयरपर्सन तो जजपा से वाइस चेयरपर्सन है। सभी के साथ मजबूती से तालमेल से काम करेंगे।
सवाल- जिला परिषद चेयरपर्सन का बड़ा दायित्व होता है, परिवार की भी जिम्मेदारी रहेगी। ऐसे में परिवार और जनता के बीच कैसे तालमेल बना पाएंगी।
जवाब- मेरे पति का मुझे भरपूर सहयोग मिलता है। हम पहले से ही जनता के बीच रहने वाले लोग हैं। ऐसे में जनता के साथ हमारा परिवार जैसा ही नाता है।
सवाल- अक्सर जिला परिषद चेयरमैन एक बार बनने के बाद सीधे चुनावों के दौरान ही एंट्री करते हैं। जनता के बीच कैसे उपलब्ध रहेंगी। समस्याएं लेकर लोग आपसे मिलने कहां आएंगे।

जवाब- मैं हरदम जिला परिषद कार्यालय में जनता के लिए उपस्थित रहूंगी। खंड स्तर पर हर महीने खुले दरबार लगाकर जनता की समस्याएं सुनेंगे। जनता और जिला परिषद के बीच कोई दूरी नहीं रहेगी।
सवाल- सरपंचों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ बगावत की हुई है। सरपंचों के आंदोलन को किस नजर से देखती हैं।
जवाब- इस मसले को सुलझाने के लिए प्रदेश सरकार काम रही है।
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