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Fatehabad News: कैसे सुधरेगी स्वच्छता रैंकिंग, मॉडल शौचालय में ही सुविधाओं का टोटा

Sat, 21 Feb 2026 10:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sat, 21 Feb 2026 10:51 PM IST
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How will the cleanliness ranking improve, lack of facilities in the model toilet itself
मॉडल शौचालय के बाहर पसरी गंदगी। संवाद
फतेहाबाद। शहर के सार्वजनिक शौचालयों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। पिछली बार स्वच्छ सर्वेक्षण में शानदार प्रदर्शन कर पूरे प्रदेश में चौथे स्थान पर पहुंचने के बाद अब हालात काफी बदतर दिखाई दे रहे हैं। चिंता का विषय बस स्टैंड के सामने स्थित मॉडल शौचालय है, जिसे नगर परिषद प्रशासन ने बड़े जोर-शोर से प्रचारित किया था।
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पड़ताल में सामने आया कि मॉडल शौचालय के बाहर गंदगी पसरी हुई थी और लोग दीवारों पर लघुशंका कर रहे थे। अगर किसी चौकीदार की तैनाती होती, तो इसे रोका जा सकता था। इसके अलावा शौचालय में महिलाओं और लड़कियों के लिए सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन गायब थी। एक दरवाजे पर ताला लगा हुआ था और कई स्थानों पर पानी की व्यवस्था टूटी हुई मिली।
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शहर के अन्य सार्वजनिक शौचालयों में भी बुनियादी सुविधाओं की कमी स्पष्ट नजर आई। साफ-सफाई, पानी और उपकरणों की नियमित जांच एवं रख-रखाव का अभाव नागरिकों के लिए असुविधा पैदा कर रहा है।
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किसी शौचालय में नहीं मिला साबुन

शहर में बने कई सार्वजनिक शौचालयों की पड़ताल में हालात इस कदर बदतर मिले कि एक भी शौचालय में साबुन तक नहीं मिला। गंदगी के अलावा कई शौचालयों के वाशबेसिन तक में पानी नहीं मिला। इसके अलावा पुराना बस स्टैंड स्थित सार्वजनिक शौचालय में पानी की टूटियों का हाल भी बेहाल ही मिला।

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इस बार साढ़े 12 हजार अंकों का होगा स्वच्छ सर्वेक्षण, गलत दावों पर कटेंगे अंक

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में कुल 12,500 अंकों का मूल्यांकन होगा। नगर निकायों को हर माह स्वच्छता पोर्टल पर एमआईएस रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। इसमें सर्वाधिक अंकों वाली कैटेगरी में सार्वजनिक शौचालयों को शामिल किया गया है। लेकिन इसके बावजूद इनकी सुध नहीं ली जा रही है जबकि स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए थर्ड पार्टी ऑन ग्राउंड जांच करेगी और उसके अनुसार अंक मिलेंगे। इतना ही नहीं, यदि पोर्टल पर किए गए दावे और फील्ड जांच में अंतर पाया गया तो सीधे पेनल्टी लगेगी, जिसका खामियाजा अंक गवां करना पड़ेगा। इस बार साढ़े 12 हजार अंकों में से कुल 10,500 अंक ऑन-ग्राउंड असेसमेंट के लिए निर्धारित हैं। दिखाई देने वाली सफाई, कचरा पृथक्करण, संग्रहण, ठोस कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक शौचालय, सेप्टिक टैंक की सफाई, जनजागरूकता, स्वच्छता कर्मियों का कल्याण और शिकायत निवारण जैसे 10 प्रमुख सेक्शन में मूल्यांकन होगा।


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स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए तैयारियां पूरी हैं। सार्वजनिक शौचालयों की हालत को पहले से बेहतर किया गया है, अगर फिर भी कोई कमी रह गई है तो इसकी जांच करेंगे और कमियों को दूर करेंगे।

-कुमार सौरभ, जिला संयोजक, स्वच्छ भारत मिशन, फतेहाबाद
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