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Fatehabad News: बिन खुराक भत्ता-वेतन के खिलाड़ी कैसे बनें अर्जुन व प्रशिक्षक द्रोणाचार्य

Wed, 29 Jan 2025 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Wed, 29 Jan 2025 11:24 PM IST
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How Arjun became a player without food allowance and salary, coach Dronacharya
फतेहाबाद के रतिया रोड पर ​स्थित खेल नर्सरी में अभ्यास करते ​खिलाड़ी। संवाद - फोटो : बावन स्थित प्रसिद्ध बाबा आदिनाथ मंदिर।
फतेहाबाद। खेलों को बढ़ावा देने के लिए जिले के विभिन्न गांवों व शहरों में खेल विभाग के द्वारा जून 2024 में करीब 35 खेल नर्सरी चलाने के लिए मंजूरी दी गई थी। खेल नर्सरी तो खुल गई लेकिन आठ माह बीत जाने के बाद भी इन खेल नर्सरी को चलाने वाले प्रशिक्षक को और न ही खिलाड़ियों को कोई पैसा दिया गया है।
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बता दें कि जब इन खेल नर्सरी को खोला गया था तो इनमें आने वालों खिलाड़ियों को डाइट के लिए खर्च देने व संबंधित खेल के प्रशिक्षक को वेतन देने की बात कही गई थी। नर्सरियों में अभ्यास कर खिलाड़ियों ने स्टेट से लेकर नेशनल स्तर पर पदकों की झड़ी लगाई, लेकिन आज तक खिलाड़ियों के खाते में डाइट राशि नहीं पहुंची है। साथ ही अभ्यास करवाने वाले प्रशिक्षक को भी वेतन का इंतजार है।
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अब परीक्षा के चलते फरवरी-मार्च में खेल नर्सरियां बंद रहेंगी, अप्रैल माह में इन्हें फिर से खोलने की प्रक्रिया शुरू होगी। खेल नर्सरियों में 8 साल से 14 और 15 से 19 साल तक के खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। 8 से 14 साल के खिलाड़ियों को प्रतिमाह 1500 और 15 से 19 साल तक के खिलाड़ियों को 2000 रुपये देने का प्रावधान है।
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खिलाड़ियों का कहना है कि उनके खाते में एक माह की डाइट राशि नहीं आई है। वहीं, कोच को 20 हजार से 25 हजार रुपये प्रतिमाह देने का प्रावधान रखा गया है। खिलाड़ियों का कहना है कि डाइट राशि नहीं मिलने से खेल प्रदर्शन पर असर पड़ रहा है।

-दो महीने के लिए बंद होंगी खेल नर्सरी

- जिले में चल रही करीब 35 खेल नर्सरियां 31 जनवरी को बंद हो जाएंगी। सरकार की ओर से फरवरी व मार्च माह में खेल नर्सरी को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की ओर से स्कूली परीक्षा होने का हवाला दिया गया है। जिसके चलते दो माह के लिए खेल नर्सरी बंद रहेगी। एक अप्रैल से फिर से नई सिरे से खेल नर्सरियां शुरू होंगी।

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पिछले आठ महीने से खेल नर्सरी में अभ्यास कर रही हूं। इस दौरान काफी जगह खेलने का मौका मिला, इस दौरान अच्छा प्रदर्शन भी किया। अभी तक खाते में डाइट राशि नहीं पहुंची है। अगर खिलाड़ी अच्छी डाइट नहीं लेंगे तो उनके प्रदर्शन पर भी काफी असर पड़ता है।

- रिया, खेल नर्सरी, खिलाड़ी।

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अभ्यास के साथ खिलाड़ियों को डाइट लेना जरूरी है, तभी वह मैदान में ठीक ढंग से अभ्यास कर पाएंगे। खिलाड़ियों को डाइट राशि देने का प्रावधान होने के बाद भी राशि नहीं दी जा रही है। काफी खिलाड़ियों के माता-पिता डाइट का खर्चा उठाने में समर्थ नहीं है।


- रोहन, खेल नर्सरी, खिलाड़ी।

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हमारी ओर से नर्सरी के खिलाड़ियों की हाजिरी भेजी जा चुकी है। खिलाड़ियों के खाते में मुख्यालय की ओर से ही पैसा डाला जाएगा। मुख्यालय को राशि डालने के लिए पत्र भी लिखा जा चुका है।

- विष्णु दास, जिला खेल अधिकारी, फतेहाबाद।
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