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बारिश का कहर: चार मरला कॉलोनी में छत गिरी
fatehabad
Updated Sun, 03 Jul 2016 01:02 AM IST
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चार मरला कॉलोनी में छत गिरी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शनिवार सुबह शुरू हुई बरसात कहर बनकर आई। फतेहाबाद शहर के चार मरला कॉलोनी में ओम बीकानेर मिष्ठान भंडार के पीछे बरसात की वजह से एक मकान की छत गिरने से दंपत्ति अशोक कुमार (48) और उसकी पत्नी प्रीति, बेटा प्रिंस के अलावा मजदूर दूरी निवासी स्वामी नगर छत के नीचे दब गया।
धमाके की आवाज सुनकर बीकानेर मिष्ठान भंडार के कर्मचारी तथा आसपास के लोगों ने तुरंत हिम्मत कर मलबा हटा कर घायलों को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंच गया। मलबे के नीचे दबने से अशोक कुमार का हाथ और उसकी पत्नी का पैर टूट गया। बेटे प्रिंस और मजदूर को भी चोटें लगी। दंपत्ति को सांस लेने में भी दिक्कत आ रही थी, इसलिए चिकित्सकों ने उन्हें हिसार रेफर कर दिया।
दुर्गा मंदिर के सामने बैटरी की दुकान करने वाले अशोक के मकान के छत की टाइल खराब हो गई थी। इसलिए उसने छत पर टाइल उखाड़ने के लिए मजदूर लगा रखा था। जैसे ही बारिश शुरू हुई दंपत्ति और मजदूर उसी कमरे में खड़े हो गए, जिसकी टाइलें उखाड़ी जा चुकी थी। टाइल उखड़ने से बरसात का पानी छत पर एकत्रित हो गया और छत गार्डर सहित नीचे आ गिरी।
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धमाके की आवाज सुनकर आस पड़ोस के लोग भागे और उन्होंने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। इसके अलावा गांव भूथनकलां में भी शनिवार सुबह बरसात के चलते मकान की छत गिर गई, जिससे सुभाष कुमार घायल हो गया तथा परिवार बाल-बाल बच गया। ठाकर बस्ती मेंबरसात के कारण एक प्लाट की दीवार गिर गई। दीवार गिरने से प्लाट के आगे खड़ी सतगुरु होम्योपैथिक के संचालक डॉ. नरेंद्र कुमार की कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
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धमाके की आवाज सुनकर बीकानेर मिष्ठान भंडार के कर्मचारी तथा आसपास के लोगों ने तुरंत हिम्मत कर मलबा हटा कर घायलों को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंच गया। मलबे के नीचे दबने से अशोक कुमार का हाथ और उसकी पत्नी का पैर टूट गया। बेटे प्रिंस और मजदूर को भी चोटें लगी। दंपत्ति को सांस लेने में भी दिक्कत आ रही थी, इसलिए चिकित्सकों ने उन्हें हिसार रेफर कर दिया।
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दुर्गा मंदिर के सामने बैटरी की दुकान करने वाले अशोक के मकान के छत की टाइल खराब हो गई थी। इसलिए उसने छत पर टाइल उखाड़ने के लिए मजदूर लगा रखा था। जैसे ही बारिश शुरू हुई दंपत्ति और मजदूर उसी कमरे में खड़े हो गए, जिसकी टाइलें उखाड़ी जा चुकी थी। टाइल उखड़ने से बरसात का पानी छत पर एकत्रित हो गया और छत गार्डर सहित नीचे आ गिरी।
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धमाके की आवाज सुनकर आस पड़ोस के लोग भागे और उन्होंने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। इसके अलावा गांव भूथनकलां में भी शनिवार सुबह बरसात के चलते मकान की छत गिर गई, जिससे सुभाष कुमार घायल हो गया तथा परिवार बाल-बाल बच गया। ठाकर बस्ती मेंबरसात के कारण एक प्लाट की दीवार गिर गई। दीवार गिरने से प्लाट के आगे खड़ी सतगुरु होम्योपैथिक के संचालक डॉ. नरेंद्र कुमार की कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।