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Fatehabad News: अस्पताल में कायाकल्प के निरीक्षण में अव्यवस्थाएं उजागर
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में निरीक्षण करती हुई कायाकल्प टीम संवाद
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फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में कायाकल्प अवार्ड के प्री-असेसमेंट में व्यवस्थाओं की कई कमियां सामने आईं। जींद से पहुंची टीम ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। मरीजों से फीडबैक लिया। कई व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत बताई गई।
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे टीम ने अस्पताल में निरीक्षण शुरू किया। दो टीमों ने अलग-अलग विभागों में स्वच्छता, सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जांच की। टीम में डॉ. गौरव पूनिया, डॉ. प्रिंस, डॉ. प्रतिमा और सुनीता शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान टीम ने विभागों में उपलब्ध सुविधाओं के साथ रिकॉर्ड और सुरक्षा व्यवस्था भी देखी। अस्पताल प्रशासन की ओर से कायाकल्प के लिए 70 प्रतिशत अंक दिए जा चुके हैं। अब प्री-असेसमेंट टीम की रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल अगले चरण में पहुंचेगा।
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मानकों पर खरा उतरने पर राज्य स्तर की टीम निरीक्षण करेगी। पिछले चार साल से नागरिक अस्पताल कायाकल्प अवॉर्ड की दौड़ में पिछड़ रहा है। अस्पताल भवन की जर्जर स्थिति भी पहले बड़ी समस्या रही है।
फिलहाल अस्पताल में मरम्मत कार्य चल रहे हैं। इससे व्यवस्थाओं में पहले की तुलना में सुधार हुआ है। इसके बावजूद निरीक्षण में सामने आई कमियां अस्पताल प्रशासन की चिंता बढ़ा सकती हैं।
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आपातकालीन वार्ड में खामियां
निरीक्षण के दौरान आपातकालीन वार्ड में डॉक्टर और स्टाफ की तैयारियों की जांच की गई। टीम के सदस्यों ने मरीजों की देखभाल, प्रोटोकॉल और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़े सवाल पूछे। डॉक्टर और कर्मचारी सभी सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। वार्ड में हैंडवाश की सुविधा भी नहीं मिली। टीम ने संक्रमण नियंत्रण के लिहाज से इसे गंभीरता से लिया। वार्ड की सफाई संतोषजनक मिली। हालांकि जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। टीम ने रिकॉर्ड नियमित रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए।
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ब्लड बैंक की खराब स्थिति
ब्लड बैंक के एक कक्ष में पंखे खराब मिले। एसी भी काम नहीं कर रहा था। इससे कर्मचारियों और मरीजों को परेशानी हो सकती है। टीम ने डस्टबिन पर लगे पोस्टर भी देखे। कई पोस्टर सही जगह नहीं लगे थे। निरीक्षण में नीडल इंजरी से संबंधित फॉर्म भी उपलब्ध नहीं मिले। टीम ने व्यवस्थाओं को मानकों के अनुसार दुरुस्त करने की जरूरत बताई। महिला वार्ड में भी निरीक्षण किया गया। यहां कुछ कर्मचारी बिना आईडी कार्ड के काम करते मिले।
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पिछले चार साल से पिछड़ रहा अस्पताल
नागरिक अस्पताल पिछले चार साल से कायाकल्प अवॉर्ड हासिल नहीं कर पा रहा है। पहले जर्जर भवन इसकी प्रमुख समस्याओं में शामिल रहा। अब अस्पताल में मरम्मत कार्य चल रहा है। कई व्यवस्थाओं में सुधार हुआ है। इस बार प्री-असेसमेंट में सामने आई कमियों को दूर करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। राज्य स्तर की टीम के निरीक्षण से पहले व्यवस्थाओं को तय मानकों के अनुरूप करना जरूरी होगा।
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मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे टीम ने अस्पताल में निरीक्षण शुरू किया। दो टीमों ने अलग-अलग विभागों में स्वच्छता, सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जांच की। टीम में डॉ. गौरव पूनिया, डॉ. प्रिंस, डॉ. प्रतिमा और सुनीता शामिल रहे।
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निरीक्षण के दौरान टीम ने विभागों में उपलब्ध सुविधाओं के साथ रिकॉर्ड और सुरक्षा व्यवस्था भी देखी। अस्पताल प्रशासन की ओर से कायाकल्प के लिए 70 प्रतिशत अंक दिए जा चुके हैं। अब प्री-असेसमेंट टीम की रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल अगले चरण में पहुंचेगा।
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मानकों पर खरा उतरने पर राज्य स्तर की टीम निरीक्षण करेगी। पिछले चार साल से नागरिक अस्पताल कायाकल्प अवॉर्ड की दौड़ में पिछड़ रहा है। अस्पताल भवन की जर्जर स्थिति भी पहले बड़ी समस्या रही है।
फिलहाल अस्पताल में मरम्मत कार्य चल रहे हैं। इससे व्यवस्थाओं में पहले की तुलना में सुधार हुआ है। इसके बावजूद निरीक्षण में सामने आई कमियां अस्पताल प्रशासन की चिंता बढ़ा सकती हैं।
आपातकालीन वार्ड में खामियां
निरीक्षण के दौरान आपातकालीन वार्ड में डॉक्टर और स्टाफ की तैयारियों की जांच की गई। टीम के सदस्यों ने मरीजों की देखभाल, प्रोटोकॉल और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़े सवाल पूछे। डॉक्टर और कर्मचारी सभी सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। वार्ड में हैंडवाश की सुविधा भी नहीं मिली। टीम ने संक्रमण नियंत्रण के लिहाज से इसे गंभीरता से लिया। वार्ड की सफाई संतोषजनक मिली। हालांकि जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। टीम ने रिकॉर्ड नियमित रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए।
ब्लड बैंक की खराब स्थिति
ब्लड बैंक के एक कक्ष में पंखे खराब मिले। एसी भी काम नहीं कर रहा था। इससे कर्मचारियों और मरीजों को परेशानी हो सकती है। टीम ने डस्टबिन पर लगे पोस्टर भी देखे। कई पोस्टर सही जगह नहीं लगे थे। निरीक्षण में नीडल इंजरी से संबंधित फॉर्म भी उपलब्ध नहीं मिले। टीम ने व्यवस्थाओं को मानकों के अनुसार दुरुस्त करने की जरूरत बताई। महिला वार्ड में भी निरीक्षण किया गया। यहां कुछ कर्मचारी बिना आईडी कार्ड के काम करते मिले।
पिछले चार साल से पिछड़ रहा अस्पताल
नागरिक अस्पताल पिछले चार साल से कायाकल्प अवॉर्ड हासिल नहीं कर पा रहा है। पहले जर्जर भवन इसकी प्रमुख समस्याओं में शामिल रहा। अब अस्पताल में मरम्मत कार्य चल रहा है। कई व्यवस्थाओं में सुधार हुआ है। इस बार प्री-असेसमेंट में सामने आई कमियों को दूर करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। राज्य स्तर की टीम के निरीक्षण से पहले व्यवस्थाओं को तय मानकों के अनुरूप करना जरूरी होगा।