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Fatehabad News: फतेहाबाद में 24 मार्च को होगा होलिका दहन, भद्रा का रहेगा प्रकोप
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फतेहबाद। इस बार 24 मार्च को होने वाले होलिका दहन में भद्रा का प्रकोप रहेगा। जिस कारण होलिका दहन समय पर नहीं हो पाएगा। भद्रा के अनुसार, होलिका दहन रात को साढ़े 10 के आसपास ही हो सकेगा। वहीं ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में होली की तैयारी आरंभ हो गया है। होलिका दहन के दौरान बड़कोले बनाए जा रहे हैं, ताकि होली पूजन के दौरान इसे होलिका पर चढ़ाया जा सके। वहीं 25 मार्च को फाग का त्योहार मनाया जाएगा।
इस बार होली का त्योहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। होली के त्योहार को लेकर अभी से तैयारियां भी आरंभ हो गई हैं। लेकिन इस बार होलिका दहन पर भद्रा का प्रकोप रहेगा। होलिका के दिन फाल्गुन पूर्णिमा के चलते चंद्रग्रहण भी रहेगा। पंडितों के अनुसार चंद्रग्रहण का असर हालांकि उप छाया ग्रहण की तरह रहेगा, लेकिन भद्रा काल के कारण होलिका दहन देरी से होगा। पंडित राजेश कुमार शास्त्री के अनुसार, होलिका दहन स्वार्थ सिद्धि योग में होगा। 24 मार्च को भद्रा काल सुबह 9.47 बजे आरंभ होगा। भद्रा का विशेष प्रभाव शाम 6.33 से रात 10.27 तक रहेगा। भद्रा काल में होलिका दहन करना अशुभ माना गया है। इसलिए भद्रा काल खत्म होने के बाद ही होलिका दहन करना सही रहेगा।
जिले में अनेक स्थानों पर होगा होलिका दहन
जिले में अनेक स्थानों पर होलिका दहन किया जाएगा। गांवों में इसके लिए विशेष तौर पर होलिका तैयार की जा रही है। वहीं गोबर के बड़कुले तैयार किए जा रहे हैं, जिनको खिलौनों का रूप दिया जा रहा है। 24 मार्च को दिन में लोग होलिका का पूजन करेंगे और उसकी फेरी भी लगाएंगे तथा गुड से बने गुलगुले, हलवा व आटे से बनी मिट्ठी मट्ठियां प्रसाद के तौर पर चढ़ाई जाएंगी। वहीं लोग अपनी नई पकी पकाई गेहूं की फसल भी होलिका को अर्पित करते हैं।
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इस बार होली का त्योहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। होली के त्योहार को लेकर अभी से तैयारियां भी आरंभ हो गई हैं। लेकिन इस बार होलिका दहन पर भद्रा का प्रकोप रहेगा। होलिका के दिन फाल्गुन पूर्णिमा के चलते चंद्रग्रहण भी रहेगा। पंडितों के अनुसार चंद्रग्रहण का असर हालांकि उप छाया ग्रहण की तरह रहेगा, लेकिन भद्रा काल के कारण होलिका दहन देरी से होगा। पंडित राजेश कुमार शास्त्री के अनुसार, होलिका दहन स्वार्थ सिद्धि योग में होगा। 24 मार्च को भद्रा काल सुबह 9.47 बजे आरंभ होगा। भद्रा का विशेष प्रभाव शाम 6.33 से रात 10.27 तक रहेगा। भद्रा काल में होलिका दहन करना अशुभ माना गया है। इसलिए भद्रा काल खत्म होने के बाद ही होलिका दहन करना सही रहेगा।
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जिले में अनेक स्थानों पर होगा होलिका दहन
जिले में अनेक स्थानों पर होलिका दहन किया जाएगा। गांवों में इसके लिए विशेष तौर पर होलिका तैयार की जा रही है। वहीं गोबर के बड़कुले तैयार किए जा रहे हैं, जिनको खिलौनों का रूप दिया जा रहा है। 24 मार्च को दिन में लोग होलिका का पूजन करेंगे और उसकी फेरी भी लगाएंगे तथा गुड से बने गुलगुले, हलवा व आटे से बनी मिट्ठी मट्ठियां प्रसाद के तौर पर चढ़ाई जाएंगी। वहीं लोग अपनी नई पकी पकाई गेहूं की फसल भी होलिका को अर्पित करते हैं।
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