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नशे की लत बना रही एचआईवी संक्रमित, एक ही सिरिंज इस्तेमाल करने से सात साल में 25 लोग हो गए ग्रस्त
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नागरिक अस्पताल में एचआईवी जांच एवं सलाह केंद्र।
- फोटो : Fatehabad
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नशे की लत में डूब चुके युवाओं में एचआईवी संक्रमित होने का खतरा भी बढ़ रहा है। नशा लेने के लिए एक ही सिरिंज का प्रयोग करने से युवा एचआईवी संक्रमित हो रहे है। जो आंकड़ा सामने आ रहा है वह भी डराने वाला भी है। जिले में नशे के कारण एचआईवी संक्रमित होने का आंकड़ा हर साल बढ़ रहा है। सात साल में जिले में नशे के इंजेक्शन लगाने से 25 युवा एचआईवी संक्रमित पाए गए हैं।
हालांकि ये आंकड़ा जांच में सामने आया है। नशे के कारण एचआईवी संक्रमित होने वाले युवाओं की संख्या इससे ज्यादा हो सकती है। 2015 में नशे के कारण एक मरीज एचआईवी संक्रमित मिला था, जो कि अब आंकड़ा बढ़कर 25 तक पहुंच गया है। एचआईवी को लेकर काउंसिलिंग करने वाले काउंसलरों का कहना है कि नशा लेने के लिए युवा बार-बार एक ही सिरिंज का प्रयोग करते हैं और ये ही सिरिंज अपने साथियों में बांट लेते है। इस कारण संक्रमण एक से दूसरे में पहुंच जाता है। संवाद
नशे के कारण एचआईवी संक्रमित हुए
वर्ष संख्या
2015 1
2016 3
2017 4
2018 5
2019 8
2020 4
जिले में अब तक ये मिले एचआईवी संक्रमित
वर्ष मरीज मिले
2015-16 75
2016 -17 66
2017-18 73
2018 -19 126
2019 -20 120
2020 -21 77
नशा छोड़ने के लिए ओपीडी में पहुंचे मरीज
नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल हुए मरीज : 991
रोजाना ओपीडी : 60 से 70
पार्कों और सुनसान जगहों पर करते हैं नशा
नशेड़ी पार्कों और सुनसान जगहों पर बैठकर नशा करते हैं। यहां पर सिरिंज पड़ी मिलेगी। शहर के पार्कों, चार मरला कॉलोनी सुनसान पड़ी बिल्डिंगों, भट्टू रोड पर खाली प्लॉट में युवा बैठकर नशा करते हैं। ये लोग ग्रुप में बैठकर एक ही सिरिंज से नशा लेते हैं।
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18 माह से नशा मुक्ति केंद्र बंद
नागरिक अस्पताल में पिछले 18 माह से नशा मुक्ति केंद्र बंद है। कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान नशा मुक्ति केंद्र को बंद कर दिया गया था और यहां कोरोना वार्ड शुरू किया था। इसके बाद से अब तक नशा मुक्ति केंद्र बंद है। नशा मुक्ति केंद्र शुरू होने के बाद यहां पर 991 लोग दाखिल होकर उपचार भी ले चुके हैं।
कोट
नशा लेने वाले लोगों की एचआईवी जांच की जाती है। जिसमें एचआईवी संक्रमित होने का पता चलता है। एचआईवी संक्रमित की काउंसलिंग की जाती है। नशा लेने वाले युवा सिरिंज शेयर करने के कारण एचआईवी संक्रमित हो रहे हैं। सावधानी बहुत जरूरी है।
- दिनेश ढाका, परामर्शदाता, एकीकृत सलाह एवं जांच केंद्र, जिला एड्स कंट्रोल सोसायटी फतेहाबाद।
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हालांकि ये आंकड़ा जांच में सामने आया है। नशे के कारण एचआईवी संक्रमित होने वाले युवाओं की संख्या इससे ज्यादा हो सकती है। 2015 में नशे के कारण एक मरीज एचआईवी संक्रमित मिला था, जो कि अब आंकड़ा बढ़कर 25 तक पहुंच गया है। एचआईवी को लेकर काउंसिलिंग करने वाले काउंसलरों का कहना है कि नशा लेने के लिए युवा बार-बार एक ही सिरिंज का प्रयोग करते हैं और ये ही सिरिंज अपने साथियों में बांट लेते है। इस कारण संक्रमण एक से दूसरे में पहुंच जाता है। संवाद
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नशे के कारण एचआईवी संक्रमित हुए
वर्ष संख्या
2015 1
2016 3
2017 4
2018 5
2019 8
2020 4
जिले में अब तक ये मिले एचआईवी संक्रमित
वर्ष मरीज मिले
2015-16 75
2016 -17 66
2017-18 73
2018 -19 126
2019 -20 120
2020 -21 77
नशा छोड़ने के लिए ओपीडी में पहुंचे मरीज
नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल हुए मरीज : 991
रोजाना ओपीडी : 60 से 70
पार्कों और सुनसान जगहों पर करते हैं नशा
नशेड़ी पार्कों और सुनसान जगहों पर बैठकर नशा करते हैं। यहां पर सिरिंज पड़ी मिलेगी। शहर के पार्कों, चार मरला कॉलोनी सुनसान पड़ी बिल्डिंगों, भट्टू रोड पर खाली प्लॉट में युवा बैठकर नशा करते हैं। ये लोग ग्रुप में बैठकर एक ही सिरिंज से नशा लेते हैं।
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18 माह से नशा मुक्ति केंद्र बंद
नागरिक अस्पताल में पिछले 18 माह से नशा मुक्ति केंद्र बंद है। कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान नशा मुक्ति केंद्र को बंद कर दिया गया था और यहां कोरोना वार्ड शुरू किया था। इसके बाद से अब तक नशा मुक्ति केंद्र बंद है। नशा मुक्ति केंद्र शुरू होने के बाद यहां पर 991 लोग दाखिल होकर उपचार भी ले चुके हैं।
कोट
नशा लेने वाले लोगों की एचआईवी जांच की जाती है। जिसमें एचआईवी संक्रमित होने का पता चलता है। एचआईवी संक्रमित की काउंसलिंग की जाती है। नशा लेने वाले युवा सिरिंज शेयर करने के कारण एचआईवी संक्रमित हो रहे हैं। सावधानी बहुत जरूरी है।
- दिनेश ढाका, परामर्शदाता, एकीकृत सलाह एवं जांच केंद्र, जिला एड्स कंट्रोल सोसायटी फतेहाबाद।