{"_id":"6a7370240652ecc76d0a5313","slug":"high-court-strict-in-dhaani-bhojraj-case-called-vigilance-sp-and-investigation-officer-with-case-diary-next-hearing-on-august-17-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-158725-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: ढाणी भोजराज प्रकरण में हाईकोर्ट सख्त, विजिलेंस एसपी और जांच अधिकारी को केस डायरी सहित किया तलब, 17 अगस्त को अगली सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: ढाणी भोजराज प्रकरण में हाईकोर्ट सख्त, विजिलेंस एसपी और जांच अधिकारी को केस डायरी सहित किया तलब, 17 अगस्त को अगली सुनवाई
Wed, 05 Aug 2026 10:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 05 Aug 2026 10:47 PM IST
विज्ञापन
भूना। ढाणी भोजराज गांव से जुड़े कथित अवैध वसूली प्रकरण में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के संबंधित एसपी और जांच अधिकारी को अगली सुनवाई पर केस डायरी सहित व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
दर्शन कुमार बनाम हरियाणा सरकार मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रकरण को आवश्यक मामलों की सूची में शामिल किया है। अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी। तब तक अदालत का पूर्व अंतरिम आदेश जारी रहेगा। मामला अंतर्जातीय विवाह विवाद से जुड़े एससी/एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग और अवैध वसूली के आरोप से जुड़ा है।
आरोप है कि मामले का भय दिखाकर ग्रामीणों से रुपये लिए गए थे। इस संबंध में एंटी करप्शन ब्यूरो हिसार थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार प्रकरण में सामने आई कथित वॉयस रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच पूरी हो चुकी है।
विज्ञापन
रिपोर्ट में आवाज का मिलान होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है। शिकायतकर्ता नरेश सोनी ने मई 2025 में एसीबी को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि ग्रामीणों से एकत्र राशि में से कुछ हिस्सा अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कथित ऑडियो में कही गई थी।
वहीं संबंधित डीएसपी आरोपों को पहले ही खारिज कर चुके हैं। अब 17 अगस्त की सुनवाई को मामले की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण तारीख माना जा रहा है।
विज्ञापन
दर्शन कुमार बनाम हरियाणा सरकार मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रकरण को आवश्यक मामलों की सूची में शामिल किया है। अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी। तब तक अदालत का पूर्व अंतरिम आदेश जारी रहेगा। मामला अंतर्जातीय विवाह विवाद से जुड़े एससी/एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग और अवैध वसूली के आरोप से जुड़ा है।
विज्ञापन
आरोप है कि मामले का भय दिखाकर ग्रामीणों से रुपये लिए गए थे। इस संबंध में एंटी करप्शन ब्यूरो हिसार थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार प्रकरण में सामने आई कथित वॉयस रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच पूरी हो चुकी है।
विज्ञापन
रिपोर्ट में आवाज का मिलान होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है। शिकायतकर्ता नरेश सोनी ने मई 2025 में एसीबी को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि ग्रामीणों से एकत्र राशि में से कुछ हिस्सा अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कथित ऑडियो में कही गई थी।
वहीं संबंधित डीएसपी आरोपों को पहले ही खारिज कर चुके हैं। अब 17 अगस्त की सुनवाई को मामले की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण तारीख माना जा रहा है।