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यहां राम की रोटी बनी भूखों के लिए पेट भरने का सहारा
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राम की रोटी अन्न क्षेत्र में भोजन करते लोग
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। फतेहाबाद शहर के एसबीआई रोड पर बने राम पार्क में गरीब लोगों को प्रतिदिन एक समय का भरपेट भोजन मिलता है, जिसे राम की रोटी कहा जाता है। वर्ष 2011 से श्री रामदूत हनुमान सेवा समिति के प्रधान नंदपाल गोयल निर्बाध गति से दोपहर को लंगर चलाकर लोगों को भोजन करवा रहे हैं। यहां पर प्रतिदिन 40 से 50 लोग आकर भोजन करते हैं। यही नहीं नंदपाल गोयल ने दो पार्कों को भी गोद लिया हुआ है और समिति को जो भी आमदनी आती है, उससे वह पार्कों के सुंदरीकरण व लोगों को भरपेट भोजन देने के लिए लगाते हैं।
शहर के एसबीआई रोड पर अनाजमंडी के पास श्री रामदूत सेवा हनुमान सेवा समिति के प्रधान नंदपाल गोयल ने 2003 में इस समिति का गठन किया था। पहले यह समिति समाजसेवा के कामों के लगी रहती थी और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करवाती रहती थी। वर्ष 2011 में नंदपाल गोयल को महसूस हुआ कि क्यों ने गरीबों को भोजन आदि की व्यवस्था की जाए, क्योंकि शहर में अनेक ऐसे प्रवासी मजदूर व रिक्शा रेहड़ी चालक रहते थे, जो दूसरे प्रदेशों से आकर गुजर बसर कर रहे थे। बस इसी बात को ठानकर नंदपाल गोयल ने 2011 में राम की रोटी नाम से प्रतिदिन भंडारे का आयोजन करना आरंभ कर दिया। संवाद
प्रतिदिन आते हैं 40 से 50 लोग भोजन के लिए
नंदपाल गोयल की अनाजमंडी में ही दुकान है। इसके साथ ही रामपार्क का उन्होंने निर्माण करवाया और बाद में यहीं पर लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की। पहले लोगों को इसका कम ही पता था, लेकिन धीरे-धीरे लोग यहां पर भोजन के लिए आने लगे। दोपहर को यहां पर जितने भी लोग आते हैं, उनको भरपेट भोजन करवाया जाता है। वहीं महीने की पहली तारीख को यहां पर मेगा लंगर का आयोजन किया जाता है, जिसमें अनेक लोग भोजन के लिए आते हैं। यही नहीं कई दानी सज्जन भी इस मुहिम से जुड़े हुए हैं और वह स्वयं भी किसी विशेष दिवस पर रामपार्क में लंगर लगाते हैं। शहर में अनेक लोग ऐसे होते हैं, जिनको भरपेट भोजन नहीं मिल पाता। मेरी एक छोटी की कोशिश है कि उनको एक समय का भरपेट भोजन अवश्य मिले। इसलिए मैंने राम की रोटी का भंडारा चलाया हुआ है। इस भंडारे में प्रतिदिन लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था होती है। जो भी व्यक्ति यहां आता है, उनको भरपेट भोजन दिया जाता है। इसमें संस्था के अन्य सदस्यों का सहयोग भी मिलता है।
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शहर के एसबीआई रोड पर अनाजमंडी के पास श्री रामदूत सेवा हनुमान सेवा समिति के प्रधान नंदपाल गोयल ने 2003 में इस समिति का गठन किया था। पहले यह समिति समाजसेवा के कामों के लगी रहती थी और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करवाती रहती थी। वर्ष 2011 में नंदपाल गोयल को महसूस हुआ कि क्यों ने गरीबों को भोजन आदि की व्यवस्था की जाए, क्योंकि शहर में अनेक ऐसे प्रवासी मजदूर व रिक्शा रेहड़ी चालक रहते थे, जो दूसरे प्रदेशों से आकर गुजर बसर कर रहे थे। बस इसी बात को ठानकर नंदपाल गोयल ने 2011 में राम की रोटी नाम से प्रतिदिन भंडारे का आयोजन करना आरंभ कर दिया। संवाद
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प्रतिदिन आते हैं 40 से 50 लोग भोजन के लिए
नंदपाल गोयल की अनाजमंडी में ही दुकान है। इसके साथ ही रामपार्क का उन्होंने निर्माण करवाया और बाद में यहीं पर लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की। पहले लोगों को इसका कम ही पता था, लेकिन धीरे-धीरे लोग यहां पर भोजन के लिए आने लगे। दोपहर को यहां पर जितने भी लोग आते हैं, उनको भरपेट भोजन करवाया जाता है। वहीं महीने की पहली तारीख को यहां पर मेगा लंगर का आयोजन किया जाता है, जिसमें अनेक लोग भोजन के लिए आते हैं। यही नहीं कई दानी सज्जन भी इस मुहिम से जुड़े हुए हैं और वह स्वयं भी किसी विशेष दिवस पर रामपार्क में लंगर लगाते हैं। शहर में अनेक लोग ऐसे होते हैं, जिनको भरपेट भोजन नहीं मिल पाता। मेरी एक छोटी की कोशिश है कि उनको एक समय का भरपेट भोजन अवश्य मिले। इसलिए मैंने राम की रोटी का भंडारा चलाया हुआ है। इस भंडारे में प्रतिदिन लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था होती है। जो भी व्यक्ति यहां आता है, उनको भरपेट भोजन दिया जाता है। इसमें संस्था के अन्य सदस्यों का सहयोग भी मिलता है।
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