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Fatehabad News: हेपेटाइटिस मरीजों को परेशानी, सिरसा ने सैंपल लेने से किया मना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Aug 2024 03:42 AM IST
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Hepatitis patients facing problems, Sirsa refuses to take samples
फतेहाबाद। हेपेटाइटिस सी और बी का उपचार ले चुके और आशंकित मरीजों को झटका लगा है। सिरसा स्वास्थ्य विभाग ने एक माह बाद ही सैंपल लेने से मना कर दिया है। इसके चलते जिला मुख्यालय में हेपेटाइटिस सी और बी की जांच को लेकर प्रत्येक मंगलवार को लिए जाने वाले सैंपल नहीं लिए जाएंगे। जिले में करीब 750 हेपेटाइटिस सी के मरीज सैंपल देने को लेकर इंतजार कर रहे है।
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अंबाला में सैंपल लेने से इंकार होने के बाद करीब दो माह तक सैंपल नहीं लिए गए थे और बाद में सिरसा भेजने की अनुमति मिली थी। लेकिन सिरसा के नागरिक अस्पताल की लैब में स्टाफ की कमी के चलते सैंपल लेने से मना कर दिया गया है। यहां से भेजे गए करीब 80 सैंपलों की रिपोर्ट भी नहीं भेजी गई है। जिला मुख्यालय से प्रत्येक मंगलवार को हेपेटाइटिस सी के 20 और बी के 5 सैंपल लैब में भेजे जा रहे थे। हालात ये है कि मरीजों को निजी लैब में महंगे दामों पर जांच करवानी पड़ रही है।
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जिले में ये है हेपेटाइटिस मरीजों की स्थिति
जिला अस्पताल में शुरू हुआ उपचार : वर्ष 2017
हेपेटाइटिस सी के पॉजिटिव मिल चुके मरीज : 6050
हेपेटाइटिस बी के पॉजिटिव मिल चुके मरीज : 95
तीन से छह माह खानी होती है दवाई
डॉक्टरों के मुताबिक हेपेटाइटिस सी के मरीजों को तीन माह दवा खानी होती है। जिन मरीजों का लीवर खराब हो जाता है, उन मरीजों का 6 महीने दवाई दी जाती है। जिन मरीजों का उपचार पूरा हो गया है, उन्हें हेपेटाइटिस-सी का कार्ड टेस्ट दोबारा करवाने की जरूरत नहीं है, कार्ड टेस्ट 15 साल तक पॉजिटिव रह सकता है। हालांकि विभाग उपचार पूरा होने के बाद वायरल लोड टेस्ट करवाता है। इसके चलते नए रजिस्टर्ड 400 मरीजों और 350 उपचार पूरा करवा चुके मरीजों के सैंपल लिए जाने हैं।
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निजी लैब से अनुबंध खत्म होने बाद प्रभावित हुई जांच
हेपेटाइटिस सी का उपचार जिला मुख्यालय में वर्ष 2017 में शुरू हुआ था। मरीजों की जांच को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी लैब से अनुबंध किया गया। जुलाई 2022 में अनुबंध खत्म हो गया और आरटीपीसीआर लैब में जांच के निर्देश दिए गए। लेकिन यहां पर 6 माह ही हेपेटाइटिस सी और बी के सैंपलों की जांच हुई और फिर माइक्रोबायोलॉजिस्ट का पद खाली होने से जांच रोक दी गई और रोहतक पीजीआई सैंपल भेजने शुरू किए गए लेकिन वहां बंद होने के बाद अंबाला शुरू किए गए। लेकिन तीन माह पहले अंबाला ने भी जांच को लेकर सामान न होने का हवाला देकर सैंपल लेने से मना कर दिया। अब एक माह पहले ही सिरसा में सैंपल भेजने की अनुमति मिली थी।

कोट
हेपेटाइटिस सी और बी के सैंपल सिरसा भेजे जा रहे थे लेकिन वहां सैंपल लेने से मना कर दिया गया है। लैब में स्टाफ की कमी बताई जा रही है। पिछले सैंपलों की रिपोर्ट भी अभी तक नहीं आई है। उच्च अधिकारियों से इस संबंध में बात की जाएगी और व्यवस्था की जाएगी।
-डॉ. मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
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