Haryana: अलग-अलग जिलों में एनएचएम कर्मचारियों ने करवाया मुंडन, कल मांगेंगे भीख
प्रदेशभर में एनएचएम कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार लिखित मांगें नहीं मानती, एनएचएम कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे।
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हरियाणा के फतेहाबाद में एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। कर्मचारियों ने धरना स्थल पर मुंडन करवाया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक मांग नहीं मानी जाती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। मंगलवार को कर्मचारी सार्वजनिक स्थान पर भीख मांगेंगे।
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिले में स्वास्थ्य सेवाएं काफी प्रभावित हो रही है वहीं अस्पताल व स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपचार के लिए आने वाले लोगों को भी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
एनएचएम सांझा मोर्चा के नेता विपिन शर्मा ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों की 11 मांगों में से सेवा नियमों में संशोधन करना, सातवां वेतन आयोग लागू करना और नियमितिकरण की पॉलिसी बनाकर कर्मचारियों को नियमित करना मुख्य मांगे हैं। विपिन शर्मा ने कहा कि जब तक नियमितीकरण की पॉलिसी बने, तब तक उन्हें सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा और एक्सग्रेशिया हरियाणा सिविल सर्विस रूल के अनुसार प्रदान किया जाए।
नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर एनएचएम कर्मचारियों को भी कैशलेस मेडिक्लेम की सुविधा प्रदान की जाए। एनएचएम कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर समय अवधि में बढ़ी हुई सीएल, ईएल और सीसीएल प्रदान की जाए।
सोनीपत में पांच एनएचएम कर्मियों ने धरना स्थल पर मुंडन करा सरकार का किया विरोध
एनएचएम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल व सामूहिक उपवास सोमवार को भी जारी रहा। इस दौरान नागरिक अस्पताल परिसर में धरना स्थल में एनएचएम कर्मचारी साझा मोर्चा के प्रधान कप्तान राणा समेत पांच कर्मियों ने मुंडन कराया और सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया।
प्रधान कप्तान राणा ने कहा कि सरकार के साथ उनकी मांगों को लेकर कई दौर में वार्ता हो चुकी है, लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांगों को लागू नहीं किया जा रहा है। जिसकी वजह से एनएचएम कर्मचारी 18 दिन से हड़ताल पर है।
महासचिव शीला आंतिल ने कहा कि एनएचएम के तहत 27 वर्ष से कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे है। सरकार उनको नियमित नहीं करना चाहती और न ही सरकार उनकी वेतन विसंगतियों को दूर कर रही। उनकी मांग है कि सरकार उनके सर्विस बायलॉज से छेड़छाड़ न करें। सरकार उन्हें नियमित करने के साथ उनकी वेतन विसंगतियों को दूर करें। हड़ताल के कारण सभी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित है।
चरखी दादरी में एनएचएम कर्मचारियों ने किया रोष प्रदर्शन, मुंडन कराकर जताया विरोध चरखी दादरी
चरखी दादरी शहर के सिविल अस्पताल में हड़ताल कर रहे एनएचएम कर्मचारियों ने सोमवार को शहर में रोष प्रदर्शन किया और मुंडन कर सरकार का विरोध जताया। उन्होंने सरकार से जल्द मांगे पूरी करने की मांग की और ऐसा न होने पर हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी।
बता दें कि सुबह 10 बजे सभी कर्मचारी सिविल अस्पताल में इकट्ठा हुए और उन्होंने प्रदर्शन की रणनीति तैयार की। इसके बाद सभी ने अपने हाथ बैनर लेकर नारेबाजी की। करीब 11 बजे सभी कर्मचारियों ने प्रधान ओमबीर के नेतृत्व में रोष प्रदर्शन की शुरुआत की। कर्मचारियों ने सिविल अस्पताल से लेकर सांसद धर्मबीर सिंह के कार्यालय तक प्रदर्शन किया।
इसके बाद सभी कर्मचारी मांगों के संबंध में नारेबाजी करते हुए मेजबान चौक पर पहुंचे। यहां उन्होंने सीएम नायब सैनी का पुतला फूंककर अपना गुस्सा निकाला। बाद में चार कर्मचारियों ने सिर मुंडन करवाकर सरकार की अनदेखी और कार्यशैली का भी विरोध किया।
उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगे मानने की बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है। इस दौरान संजय कुमार, ओमप्रकाश, प्रवीण कुमार, सुशीला देवी, कृष्णा देवी, कमला देवी, मीना आदि सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।
कुरुक्षेत्र में भी एनएचएम कर्मियों ने मुंडन करा सरकार के खिलाफ जताया रोष
कुरुक्षेत्र में नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में सोमवार को काला दिवस मनाया। इस दौरान उन्होंने सीएमओ कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
साझा मोर्चा के आह्वान पर धरना स्थल पर पांच पुरुष कर्मियों ने मुंडन कराया, वहीं महिला कर्मियों ने काले कपड़ो में रोष व्यक्त किया। गौर हो कर्मी पिछले 16 दिन से धरने पर बैठे हैं।
साझा मोर्चा के राज्य कोषाध्यक्ष पंकज आत्रेय ने बताया कि उनकी मांगों पर सरकार ने कोई सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया है।
कई बैठक के भी सरकार अपनी जिद्द पर अड़ी है। इसलिए आज उन्होंने मुंडन कराकर अपना रोष प्रकट किया। मुंडन तभी कराया जाता है, जब घर के किसी बड़े सदस्य का निधन हो जाए। उन्होंने भी इसलिए मुंडन कराया, क्योंकि उनके लिए सरकार मर गई है।
यमुनानगर में भी एनएचएम कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर कराया मुंडन
यमुनानगर जिले में 18 दिन से एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं। सरकार से बातचीत हुई लेकिन कुछ मांगों पर सहमति नहीं बनी। मांगे नहीं माने जाने के विरोध में एनएचएम कर्मचारियों ने आज सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर मुंडन करवा दिया।
धरने पर बैठे एनएचएम कर्मचारी गुलफाम, बांकेलाल, सतपाल, सतबीर, अनिल ने अपने सिर का मुंडन कराया। मंगलवार को भी कर्मचारियों ने अन्य कर्मचारियों का मुंडन कराने की बात कही है। कर्मचारियों ने नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। सरकार से सभी एनएचएम कर्मचारियों को पक्का करने की मांग की। वहीं धरने पर बैठे कर्मचारियों को आम आदमी पार्टी के नेताओं व उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मौके पर जाकर अपना समर्थन दिया और सरकार से उन्हें पक्का करने की मांग की।
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल सांझा मोर्चा के बैनर तले रोजाना चल रही है। एक दिन पहले रविवार को कर्मचारियों ने बारिश में प्रदर्शन करते हुए सिविल अस्पताल के सामने सड़क पर जाम लगा दिया था। आज इसी कड़ी में कर्मचारियों ने अपना मुंडन कराया। सांझा मोर्चा के जिला प्रधान अमित गुर्जर ने कहा कि सरकार सर्विस रूल्स के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करे। एनएचएम कर्मचारियों की मांगों पर जल्द विचार किया जाए अन्यथा वो दिन दूर नहीं जब हरियाणा प्रदेश के कर्मचारी एक ठोस निर्णय लेने को मजबूर हो जाएंगे। कर्मचारियों का आंदोलन एक बहुत बड़ा रूप ले जाएगा जिसकी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं पर हड़ताल का असर
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल का जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। इससे गर्भवतियों व छोटे बच्चों का टीकाकरण प्रभावित हो रहा है। इन कर्मचारियों की जगह स्वास्थ्य विभाग को दूसरे कर्मचारियों से काम लेना पड़ रहा है। लोगों के काम तो हो रहे हैं लेकिन उसमें समय लग रहा है। इसी तरह रेफरल ट्रांसपोर्ट यानि एंबुलेंस भी हरियाणा कौशल रोजगार निगम व डेलीवेज पर रखे गए कर्मचारियों से चलवानी पड़ रही है। ऑनलाइन रिपोर्टिंग का कार्य भी हड़ताल से प्रभावित हो रहा है। टीबी के टेस्ट नहीं हो रहे। मेंटल हेल्थ के तहत कार्य ठप है।