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Fatehabad News: हनुमान केवल शक्ति-पराक्रम के प्रतीक नहीं बल्कि सच्ची भक्ति, सेवा-समर्पण के आदर्श
Thu, 26 Mar 2026 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 26 Mar 2026 11:13 PM IST
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भूना। जय बाबा राणाधीर जी मंदिर में आयोजित श्री राम कथा के आठवें दिन पहुंचे श्रद्धालु । आयोजक
भूना। जय बाबा राणाधीर मंदिर चल रही श्रीराम कथा के आठवें दिन वीरवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ। साध्वी महामंडलेश्वर करुणा गिरि महाराज ने हनुमान चरित्र, श्रीराम राज्याभिषेक और रामकथा के महत्व के बारे में बताया। कथा का शुभारंभ भगवान श्रीराम और हनुमान के स्मरण के साथ हुआ।
कथा के दौरान श्रद्धालु जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयघोष करते हुए भावविभोर नजर आए। साध्वी करुणा गिरि महाराज ने हनुमान चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि हनुमान केवल शक्ति और पराक्रम के प्रतीक नहीं बल्कि सच्ची भक्ति, सेवा और समर्पण के आदर्श हैं। उनका जीवन अहंकार त्यागकर प्रभु भक्ति और मानव सेवा का संदेश देते हैं।
प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी अटूट निष्ठा ही उन्हें अमर बनाती है। इसके पश्चात श्रीराम राज्याभिषेक का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल सिंहासनारोहण नहीं बल्कि धर्म, न्याय, सत्य और आदर्श शासन की स्थापना का प्रतीक है। इस अवसर पर गर्गेश्वरानंद गिरि महाराज विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में मंदिर कमेटी के प्रधान ओमप्रकाश, अनिल सोनी, वीरेंद्र शर्मा, नंदलाल कंबोज, राजू गिरधर, मास्टर मंगलराम, हरविंदर बागड़ी आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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कथा के दौरान श्रद्धालु जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयघोष करते हुए भावविभोर नजर आए। साध्वी करुणा गिरि महाराज ने हनुमान चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि हनुमान केवल शक्ति और पराक्रम के प्रतीक नहीं बल्कि सच्ची भक्ति, सेवा और समर्पण के आदर्श हैं। उनका जीवन अहंकार त्यागकर प्रभु भक्ति और मानव सेवा का संदेश देते हैं।
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प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी अटूट निष्ठा ही उन्हें अमर बनाती है। इसके पश्चात श्रीराम राज्याभिषेक का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल सिंहासनारोहण नहीं बल्कि धर्म, न्याय, सत्य और आदर्श शासन की स्थापना का प्रतीक है। इस अवसर पर गर्गेश्वरानंद गिरि महाराज विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में मंदिर कमेटी के प्रधान ओमप्रकाश, अनिल सोनी, वीरेंद्र शर्मा, नंदलाल कंबोज, राजू गिरधर, मास्टर मंगलराम, हरविंदर बागड़ी आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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