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Fatehabad News: विश्व टीबी दिवस पर सम्मानित नहीं हो पाएंगी ग्राम पंचायतें
Sat, 21 Mar 2026 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 21 Mar 2026 11:59 PM IST
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फतेहाबाद में टीबी को लेकर जांच करते हुए विशेषज्ञ स्त्रोत स्वास्थ्य विभाग
फतेहाबाद। जिले में इस बार 24 मार्च विश्व टीबी दिवस पर टीबी मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों का सम्मानित नहीं किया जा सकेगा। कारण सम्मान समारोह के लिए अब तक बजट जारी नहीं हुआ है। बजट मिलने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग इन पंचायतों को सम्मानित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने पिछले माह ही 116 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया था। सामान्यतः ऐसी पंचायतों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाता है लेकिन इस बार आर्थिक स्वीकृति न मिलने से कार्यक्रम टल गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बजट मिलते ही सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
पंचायतों को सम्मान देने का उद्देश्य टीबी उन्मूलन अभियान में उनकी भूमिका को पहचान देना और अन्य गांवों को प्रेरित करना है। जिले में पिछले वर्ष जांच के दौरान 2019 टीबी मरीज सामने आए थे। विभाग लगातार जांच, उपचार और जागरूकता अभियानों के जरिए टीबी नियंत्रण पर काम कर रहा है।
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पिछली बार मिले थे 2019 मरीज
अगर पंचायत लगातार तीसरी बार टीबी मुक्त घोषित हुई है तो उसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्वर्ण प्रतिमा और दूसरी बार हो रही है तो रजत और पहली बार टीबी मुक्त घोषित हुई है तो उसे कांस्य प्रतिमा देकर सम्मानित किया जाता है। जिले में पिछले साल स्क्रीनिंग के दौरान 2019 टीबी मरीज मिले। इसमें 56 बच्चे भी शामिल हैं। वर्ष 2024 में 2397 मरीज मिले थे।
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ये पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हुईं
अहलीसदर, हांसपुर, धारसूल कलां, भूंदड़वास, मूसाखेड़ा, धिड़, चौबारा, कलौठा, खूनन, भूथन खुर्द, ढाणी गोपाल, तामसपुरा, खासा पठाना, गदली, लठेरा, रोंझावाली, रहन खेड़ी, कमाना, डुल्ट, सलेमपुरी, शक्करपुरा, भट्टू भूना, तलवाड़ी, लोहा खेड़ा, चांदपुरा, भीमेवाला, बस्ती, फतेहपुरी, ललूवाल, भोड़िया खेड़ा, ढाणी भोजराज, मानावाली, हरिपुरा, ढाबी खुर्द, अकांवाली, रत्ताथेह, लहराथेह, चंद्रावल, मंघेड़ा, रसलपुर, घासवां, जापतेवाला, काना खेड़ा, बुवान, मामुपुर, बिछई खेड़ा, ठरवी, खैरपुर, मलवाला, कमालवाला, माधुआना, रहनवाली, साधनवास, चुहड़पुर, नथूवाल, पूर्ण माजरा, उदयपुर, लांबा, बलियाला, बादलगढ़, ढाणी दादुपुर, दादुपुर, दिगोह, ढाणी बबनपुर, निकुआना, भानी खेड़ा, घोटड़ू, भूंदड़ा, सोत्तर भट्टू, हुक्मावाली, चनकोठी, बहबलपुर, थेड़ी, नकटा, नखाटिया, मानकपुर, बनावाली सोत्तर, नूरकी अहली, सरवरपुर, बोदीवाली, ढाणी बिंजा लांबा, मिराना, मढ, ढाणी चानन, सालम खेड़ा, बहबलभोमिया, बोसवाल, काता खेड़ी, रजबाद, इंदाछुई, बुर्जु, चंदोकलां, हसंगा, महमदकी, एमपी सोत्तर, मुंशीवाली, सहनाल, शेखुपुर सोत्तर, पिलछियां, खनौरा, बलियावाला, नड़ेल, मोचीवाली, बिसला, फूलां, चितैन, गुरसर, नांगली, पालासर, बबनपुर, ब्राह्मणवाला और ढाणी ठोबा शामिल हैं।
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वर्ष 2025 में टीबी बीमारी की स्क्रीनिंग ओर उपचार की स्थिति
लोगों की टीबी की स्कीनिंग - 303851
जांच के दौरान मिले पॉजिटिव - 2019
0 से 14 साल के बच्चों में मिली टीबी - 56
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टीबी मुक्त पंचायतें घोषित हो चुकी हैं। विभाग की तरफ से जैसे ही बजट आएगा संबंधित पंचायतों को सम्मानित कर दिया जाएगा। जागरूकता को लेकर लगातार अभियान चल रहे हैं।
-डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन
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जिला स्वास्थ्य विभाग ने पिछले माह ही 116 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया था। सामान्यतः ऐसी पंचायतों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाता है लेकिन इस बार आर्थिक स्वीकृति न मिलने से कार्यक्रम टल गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बजट मिलते ही सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
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पंचायतों को सम्मान देने का उद्देश्य टीबी उन्मूलन अभियान में उनकी भूमिका को पहचान देना और अन्य गांवों को प्रेरित करना है। जिले में पिछले वर्ष जांच के दौरान 2019 टीबी मरीज सामने आए थे। विभाग लगातार जांच, उपचार और जागरूकता अभियानों के जरिए टीबी नियंत्रण पर काम कर रहा है।
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पिछली बार मिले थे 2019 मरीज
अगर पंचायत लगातार तीसरी बार टीबी मुक्त घोषित हुई है तो उसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्वर्ण प्रतिमा और दूसरी बार हो रही है तो रजत और पहली बार टीबी मुक्त घोषित हुई है तो उसे कांस्य प्रतिमा देकर सम्मानित किया जाता है। जिले में पिछले साल स्क्रीनिंग के दौरान 2019 टीबी मरीज मिले। इसमें 56 बच्चे भी शामिल हैं। वर्ष 2024 में 2397 मरीज मिले थे।
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ये पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हुईं
अहलीसदर, हांसपुर, धारसूल कलां, भूंदड़वास, मूसाखेड़ा, धिड़, चौबारा, कलौठा, खूनन, भूथन खुर्द, ढाणी गोपाल, तामसपुरा, खासा पठाना, गदली, लठेरा, रोंझावाली, रहन खेड़ी, कमाना, डुल्ट, सलेमपुरी, शक्करपुरा, भट्टू भूना, तलवाड़ी, लोहा खेड़ा, चांदपुरा, भीमेवाला, बस्ती, फतेहपुरी, ललूवाल, भोड़िया खेड़ा, ढाणी भोजराज, मानावाली, हरिपुरा, ढाबी खुर्द, अकांवाली, रत्ताथेह, लहराथेह, चंद्रावल, मंघेड़ा, रसलपुर, घासवां, जापतेवाला, काना खेड़ा, बुवान, मामुपुर, बिछई खेड़ा, ठरवी, खैरपुर, मलवाला, कमालवाला, माधुआना, रहनवाली, साधनवास, चुहड़पुर, नथूवाल, पूर्ण माजरा, उदयपुर, लांबा, बलियाला, बादलगढ़, ढाणी दादुपुर, दादुपुर, दिगोह, ढाणी बबनपुर, निकुआना, भानी खेड़ा, घोटड़ू, भूंदड़ा, सोत्तर भट्टू, हुक्मावाली, चनकोठी, बहबलपुर, थेड़ी, नकटा, नखाटिया, मानकपुर, बनावाली सोत्तर, नूरकी अहली, सरवरपुर, बोदीवाली, ढाणी बिंजा लांबा, मिराना, मढ, ढाणी चानन, सालम खेड़ा, बहबलभोमिया, बोसवाल, काता खेड़ी, रजबाद, इंदाछुई, बुर्जु, चंदोकलां, हसंगा, महमदकी, एमपी सोत्तर, मुंशीवाली, सहनाल, शेखुपुर सोत्तर, पिलछियां, खनौरा, बलियावाला, नड़ेल, मोचीवाली, बिसला, फूलां, चितैन, गुरसर, नांगली, पालासर, बबनपुर, ब्राह्मणवाला और ढाणी ठोबा शामिल हैं।
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वर्ष 2025 में टीबी बीमारी की स्क्रीनिंग ओर उपचार की स्थिति
लोगों की टीबी की स्कीनिंग - 303851
जांच के दौरान मिले पॉजिटिव - 2019
0 से 14 साल के बच्चों में मिली टीबी - 56
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टीबी मुक्त पंचायतें घोषित हो चुकी हैं। विभाग की तरफ से जैसे ही बजट आएगा संबंधित पंचायतों को सम्मानित कर दिया जाएगा। जागरूकता को लेकर लगातार अभियान चल रहे हैं।
-डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन