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Fatehabad News: सरकारी धर्मकांटे बंद, किसान व व्यापारियों की निजी पर जाना बना मजबूरी
Thu, 16 Jan 2025 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 16 Jan 2025 11:01 PM IST
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फतेहाबाद की नई सब्जी मंडी के बाहर लगा धर्मकांटा जो काफी सालों से बंद पड़ा है। संवाद
- फोटो : नितेश पाल। स्रोतः परिजन।
फतेहाबाद। सरकार के द्वारा किसानों और व्यापारियों को सुविधा देने के लिए अनाजमंडी व सब्जी मंडी के बाहर अपनी फसल, फल व सब्जी का वजन करने के लिए सरकारी कंप्यूटराइज्ड धर्मकांटा लगाए हुए हैं। फतेहाबाद के पुराना बस स्टैंड के सामने बना धर्मकांटा चलने से पहले ही बंद हो गया था।
अधिकारियों का कहना है कि इस धर्मकांटे का कोई फायदा नहीं है, क्योंकि जगह बहुत कम है, जिस कारण वाहन कांटे पर आने के बाद मुड़ नहीं सकते। जिस कारण इस धर्मकांटे को शुरू नहीं किया जा सकता। वहीं हिसार रोड पर स्थित नई सब्जी मंडी में लगाया हुआ धर्मकांटा भी बंद पड़ा। किसान व व्यापारियों को भी इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है। वहीं मार्केट कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि ये धर्मकांटों को नहीं चलाया जा सकता। मजबूर होकर व्यापारियों और किसानों को शहर के ही निजी धर्म कांटों का रुख करना पड़ता है।
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किसान और व्यापारी की जेब पर अतिरिक्त खर्च
- सब्जी मंडी में प्रतिदिन किसान अपना माल लेकर आते है। सरकारी धर्मकांटा खराब होने से व्यापारियों और किसानों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। बाहर धर्मकांटे पर एक वाहन के वजन पर डेढ़ सौ से दो सौ रुपये तक का शुल्क अदा करना पड़ता है। चूंकि मंडी में कांटा खराब है तो बाहर से आने वाला खाद्यान, अनाज, सब्जी और फल बाहर के कांटों पर तुलवाना कारोबारियों की मजबूरी है। इसका सीधा लाभ निजी धर्म कांटा संचालकों को हो रहा है। कारोबारियों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण सरकार के करोड़ों रुपये खराब हो चुके हैं। अगर अधिकारी समय पर इसकी मरम्मत करवाते तो चीज खराब नहीं होती।
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मार्केट कमेटी की ओर से लगाए गए धर्मकांटे अब चलने की हालात में नहीं है। पुराना बस स्टैंड व सब्जी मंडी वाले धर्मकांटे चलने की हालात में नहीं है, ना ही इसे मरम्मत करके चलाया जा सकता है।
- गौरव वधवा, एसडीओ, मार्केट कमेटी फतेहाबाद।
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अधिकारियों का कहना है कि इस धर्मकांटे का कोई फायदा नहीं है, क्योंकि जगह बहुत कम है, जिस कारण वाहन कांटे पर आने के बाद मुड़ नहीं सकते। जिस कारण इस धर्मकांटे को शुरू नहीं किया जा सकता। वहीं हिसार रोड पर स्थित नई सब्जी मंडी में लगाया हुआ धर्मकांटा भी बंद पड़ा। किसान व व्यापारियों को भी इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है। वहीं मार्केट कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि ये धर्मकांटों को नहीं चलाया जा सकता। मजबूर होकर व्यापारियों और किसानों को शहर के ही निजी धर्म कांटों का रुख करना पड़ता है।
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किसान और व्यापारी की जेब पर अतिरिक्त खर्च
- सब्जी मंडी में प्रतिदिन किसान अपना माल लेकर आते है। सरकारी धर्मकांटा खराब होने से व्यापारियों और किसानों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। बाहर धर्मकांटे पर एक वाहन के वजन पर डेढ़ सौ से दो सौ रुपये तक का शुल्क अदा करना पड़ता है। चूंकि मंडी में कांटा खराब है तो बाहर से आने वाला खाद्यान, अनाज, सब्जी और फल बाहर के कांटों पर तुलवाना कारोबारियों की मजबूरी है। इसका सीधा लाभ निजी धर्म कांटा संचालकों को हो रहा है। कारोबारियों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण सरकार के करोड़ों रुपये खराब हो चुके हैं। अगर अधिकारी समय पर इसकी मरम्मत करवाते तो चीज खराब नहीं होती।
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मार्केट कमेटी की ओर से लगाए गए धर्मकांटे अब चलने की हालात में नहीं है। पुराना बस स्टैंड व सब्जी मंडी वाले धर्मकांटे चलने की हालात में नहीं है, ना ही इसे मरम्मत करके चलाया जा सकता है।
- गौरव वधवा, एसडीओ, मार्केट कमेटी फतेहाबाद।