फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Government hospital doctors gave a new life to 800 grams girl, one and a half kg weight in 66 days

800 ग्राम की बच्ची को सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने दिया नया जीवनदान, 66 दिनों में डेढ़ किलो हुआ वजन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Dec 2021 12:51 AM IST
विज्ञापन
Government hospital doctors gave a new life to 800 grams girl, one and a half kg weight in 66 days
फतेहाबाद।
विज्ञापन

सरकारी अस्पताल का नाम आते ही लोग कतराने लगते है और गंभीर बीमारी के उपचार के लिए निजी अस्पतालों की तरफ दौड़ते है। लेकिन सरकारी अस्पताल के न्यू बोर्न केयर यूनिट यानि नर्सरी के डॉक्टरों और स्टाफ ने चमत्कार करके दिखाया है। 800 ग्राम की बच्ची को नया जीवनदान दिया है। करीब 66 दिनों तक नर्सरी में रही बच्ची का वजन बढ़कर डेढ़ किलो हुआ और वह स्वस्थ हुई तो मंगलवार को डॉक्टरों और स्टाफ ने केक काटकर डिस्चार्ज किया।
गांव बीराबदी निवासी किरणदीप पत्नी बूटासिंह की नागरिक अस्पताल में 8 अक्तूबर 2021 को डिलिवरी हुई थी। किरणदीप सात माह की गर्भवती थी और उसने बच्ची को जन्म दिया। बच्ची का वजन 800 ग्राम था। बच्ची का वजन कम होने के कारण स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट के बेबी करेडल में रखा गया। इसमें शिशु को ऑक्सीजन और तापमान स्थिर रखने की सुविधा होती है। शुरूआत में शिशु को सात दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया। एचएफएमसी (छोटा वेंटिलेटर) पर 30 दिन तक रखा गया। इसके बाद शिशु को नार्मल ऑक्सीजन पर रखा गया। ऑक्सीजन के साथ शिशु को मां से कंगारू मदर थरैपी दिलवाई गई। शिशु के उपचार को लेकर टीम जुटी रही। जिसमें शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.वरूण मुंजाल, स्टाफ नर्स, काउंसलर जितेंद्र भदौरिया ने अहम भूमिका निभाई। नागरिक अस्पताल की ही फीजियोथरेपिस्ट डॉ. हिमांशु ठकराल ने भी थरैपी दी। नतीजा यह निकला कि शिशु को नया जीवन मिला और वजन 800 ग्राम से बढ़कर डेढ़ किलो तक पहुंच गया।
विज्ञापन

----------
परिवार बोला, डॉक्टर और स्टाफ ने बच्ची को नया जीवनदान दिया :
बच्ची के स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज करने पर परिवार के सदस्य बोले डॉक्टर और स्टाफ ने योगदान दिया। उम्मीद नहीं थी कि बच्ची बच पाएगी और निजी अस्पताल में जाने को भी असमर्थ थे लेकिन सरकारी अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ ने पांच मिनट में दाखिल कर लिया और बेहतर उपचार देकर नया जीवनदान दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

------
नागरिक अस्पताल की नर्सरी की स्थिति :
- 17 बेड की नर्सरी
- 8 बेड की कंगारू मदर केयर
- 1 शिशु रोग विशेषज्ञ
- 3 मेडिकल ऑफिसर
- 10 स्टाफ नर्स
- 1 काउंसलर
- 1 डाटा एंट्री ऑपरेटर
- 1 शिशु रोग विशेषज्ञ
------
नर्सरी में शिशु को महंगी दवाइयां तक निशुल्क दी गई : डॉ.वरूण
नर्सरी मे जब बच्चा आया था तो वजन करीब 800 ग्राम था और इसके बाद 600 ग्राम तक आ गया। नर्सरी में शिशु को बेहतर उपचार दिया गया, महंगी दवाइयां स्वास्थ्य विभाग ने उपलब्ध करवाई जो कि शिशु को निशुल्क दी गई। शिशु को बचाने के लिए स्टाफ का भी योगदान रहा और परिवार ने भी साथ दिया। शिशु का वजन अब डेढ़ किलो तक हो गया है और वह स्वस्थ है।

- डॉ.वरूण मुंजाल, शिशु रोग विशेषज्ञ
-----
नागरिक अस्पताल की नर्सरी में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.वरूण और अन्य स्टाफ बढिय़ा काम कर रहे है। स्पेशलिस्ट के ज्वाइन करने के बाद लोगों को अपने बच्चों के उपचार के लिए दूसरे जिलों या फिर निजी अस्पताल में जाने की जरूरत नहीं है, अस्पताल में स्पेशलिस्ट और नर्सरी की सुविधा है।
- डॉ.राजेश चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
--------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed