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घग्गर का जलस्तर 72 घंटे में तीन फुट तक बढ़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jul 2021 11:03 PM IST
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Ghaggar's water level rose by three feet in 72 hours
घग्गर नदी में पानी का बहाव। - फोटो : Fatehabad
पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के कारण घग्गर नदी में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सहायक नदियों में भी पानी का बहाव तेज हो गया है। पिछले 72 घंटों में पानी का बहाव घग्गर नदी में दो से तीन फुट तक बढ़ गया है। शनिवार को बुढलाडा रोड स्थित घग्गर पुल पर पानी का स्तर 6 फुट तक था। इससे आसपास के ग्रामीणों को बाढ़ की आशंका भी सताने लगी है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से पांच फुट नीचे है।
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किनारे तक बह रही घग्गर नदी को देखकर आसपास के खेतों में खेती करने वाले किसानों और ढाणियां बनाकर रहने वालों की चिंताएं बढ़ गई हैं। जलस्तर बढ़ने से घग्गर नदी के किनारे के तटबंध टूटने का खतरा रहता है। लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि नदी के कच्चे तटबंध पक्के किए जाएं और जहां कहीं भी नदी के किनारे टूटने की संभावना है, वहां निगरानी करके मरम्मत का काम करवाया जाएगा ताकि किसानों की फसलें खराब होने से बचाई जा सकें।
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खेत में पानी घुसा तो होगा नुकसान : सचिन
घग्गर नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। ऐसे में नदी किनारे खेती करने वाले किसानों को फसल डूबने की चिंता सता रही है। नदी किनारे मेरी 10 एकड़ जमीन है, फिलहाल खेत में धान की रोपाई की गई है। चिंता है कि कहीं खेत में नदी का पानी न घुस जाएं। अगर नदी का पानी खेत में आता है तो 5 से 10 लाख रुपये का नुकसान हो जाएगा। मेरे जैसे दूसरे किसानों को भी लाखों रुपये का नुकसान होगा।
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सचिन ललित, किसान।
गांवों और ढाणियों को डूबने का खतरा
प्रशासन से बार-बार नदी के तटबंध व किनारे पक्के करने की मांग की जाती रही है। मगर प्रशासन नदी की मरम्मत का काम नहीं करवाता है। इस कारण किसानों को काफी नुकसान होता है। कई बार पानी अधिक आने के कारण आसपास के गांवों और ढाणियों में रहने वाले लोगों को भी डूबने का खतरा सताता रहता है। हर साल बरसात के मौसम में यही हाल रहता है।
सुरजीत सिंह, किसान।
प्रशासन को समाधान ढूंढना चाहिए
दो दिन पहले जलस्तर तीन फुट था, लेकिन आज छह फुट तक पहुंच गया है। जैसे ही जल स्तर 10 फुट तक पहुंचेगा, हमारे गांव के खेतों में पानी आ जाएगा। इससे पहले भी कई बार घग्गर में जलस्तर बढ़ने से फसलों को नुकसान हुआ है। इससे पूर्व आई बाढ़ के चलते तो पूरा गांव डूब गया था। इसलिए प्रशासन को समय रहते संभावित बाढ़ से बचने के लिए समाधान ढूंढना चाहिए।
केवल सिंह, किसान।
नदी के बांध कच्चे हैं, उन्हें पक्का किया जाए
नदी का जलस्तर टोहाना व जाखल क्षेत्र में काफी बढ़ गया है। रतिया क्षेत्र में 4 से 5 फुट तक ही कम रहा है। अगर 4 से 5 फुट पानी नदी में और आ जाता है तो पानी बाहर निकलेगा और खेतों में फसलें डूब जाएंगी। हमारी प्रशासन से अपील है कि नदी के पानी पर नजर रखें और जहां कहीं भी नदी के बांध कच्चे हैं, उन्हें पक्का किया जाए। पिछले वर्ष भी टोहाना व जाखल के काफी इलाके में नदी का पानी घुस गया था।

काशीराम, प्रधान, नंबरदार एसोसिएशन।
कोट
प्रशासन बाढ़ की संभावना को देखते हुए पूरी तरह सतर्क है। इसको लेकर मैं खुद और प्रशासनिक अमला लगातार घग्गर नदी पर निगाह बनाए हुए हैं। मेरे कार्यालय में कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जहां 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। मंगलवार को विशेष बैठक भी बुलाई गई है।
भारतभूषण कौशिक, एसडीएम, रतिया।
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