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Fatehabad News: विकास ग्रांट पर घमासान...सत्ता की छांव में फले-फूले 3 गांव, 12 के हिस्से फूटी कौड़ी भी नहीं, पंचायत समिति अध्यक्ष पर भेदभाव का आरोप
Wed, 05 Aug 2026 10:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 05 Aug 2026 10:46 PM IST
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फतेहाबाद। पंचायत समिति में ग्रामीण विकास पर एक नया विवाद सामने आया है। फतेहाबाद खंड के गांवों में विकास कार्यों के आवंटन में समिति अध्यक्ष पूजा रानी परभेदभाव के आरोप लगे हैं।
सत्ता की छांव में फले-फूले तीन गांवों को करीब 88 लाख रुपये मिले जबकि 12 गांवों में एक रुपये के विकास कार्य मंजूर नहीं हुए। आरोप है कि अध्यक्ष ने अपने गांव बरसीन में करीब 40 लाख रुपये के विकास कार्य मंजूर किए।
पूर्व विधायक दुड़ाराम के गांव एमपी रोही में लगभग 34 लाख रुपये के कार्य स्वीकृत हुए हैं। इसके विपरीत अध्यक्ष पूजा रानी का विरोध करने वाले कई समिति सदस्यों के क्षेत्रों में एक भी रुपये का कार्य मंजूर नहीं हुआ।
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कई सदस्यों ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पंचायत समिति की ओर से स्वीकृत कार्यों की सूची सामने आने पर सदस्यों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि विकास योजनाओं का लाभ सभी क्षेत्रों तक समान रूप से पहुंचना चाहिए था लेकिन स्वीकृत सूची देखने से ऐसा प्रतीत नहीं होता है।
समिति सदस्यों का आरोप है कि विकास कार्यों में प्राथमिकता केवल अध्यक्ष और उनके समर्थकों के क्षेत्रों को दी गई। अन्य पंचायतों की वास्तविक जरूरतों की अनदेखी कर दी गई है। इस असमान आवंटन से ग्रामीण विकास की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
समिति सदस्यों ने कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों और निष्पक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ है। पंचायत समिति की ओर से जारी विकास ग्रांट को लेकर कई सदस्यों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि गांवों में विकास कार्यों के लिए राशि आवंटित करने में राजनीतिक हस्तक्षेप हुआ है। पूर्व विधायक दुड़ाराम की ओर से प्रस्तावित गांवों के कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।
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सत्ता की छांव में फले-फूले तीन गांवों को करीब 88 लाख रुपये मिले जबकि 12 गांवों में एक रुपये के विकास कार्य मंजूर नहीं हुए। आरोप है कि अध्यक्ष ने अपने गांव बरसीन में करीब 40 लाख रुपये के विकास कार्य मंजूर किए।
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पूर्व विधायक दुड़ाराम के गांव एमपी रोही में लगभग 34 लाख रुपये के कार्य स्वीकृत हुए हैं। इसके विपरीत अध्यक्ष पूजा रानी का विरोध करने वाले कई समिति सदस्यों के क्षेत्रों में एक भी रुपये का कार्य मंजूर नहीं हुआ।
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कई सदस्यों ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पंचायत समिति की ओर से स्वीकृत कार्यों की सूची सामने आने पर सदस्यों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि विकास योजनाओं का लाभ सभी क्षेत्रों तक समान रूप से पहुंचना चाहिए था लेकिन स्वीकृत सूची देखने से ऐसा प्रतीत नहीं होता है।
समिति सदस्यों का आरोप है कि विकास कार्यों में प्राथमिकता केवल अध्यक्ष और उनके समर्थकों के क्षेत्रों को दी गई। अन्य पंचायतों की वास्तविक जरूरतों की अनदेखी कर दी गई है। इस असमान आवंटन से ग्रामीण विकास की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
समिति सदस्यों ने कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों और निष्पक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ है। पंचायत समिति की ओर से जारी विकास ग्रांट को लेकर कई सदस्यों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि गांवों में विकास कार्यों के लिए राशि आवंटित करने में राजनीतिक हस्तक्षेप हुआ है। पूर्व विधायक दुड़ाराम की ओर से प्रस्तावित गांवों के कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।