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Fatehabad News: धान खरीद में फर्जीवाड़ा... 200 रुपये क्विंटल तक बिक रहा फसल पंजीकरण, मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पीआर धान दर्ज, खेतों में दूसरी किस्म की बिजाई के आरोप
Fri, 30 Oct 2026 10:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 30 Oct 2026 10:46 PM IST
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भूना। धान खरीद में गड़बड़ियों के आरोपों के बीच अब मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि पोर्टल पर दर्ज पीआर धान का पंजीकरण 150 से 200 रुपये प्रति क्विंटल तक में आढ़तियों को उपलब्ध करवाया जा रहा है। जबकि संबंधित खेतों में पीआर की जगह वनस्पति किस्म की धान बोई गई होती है।
किसान संगठन के रामकिशन, जयकिशन और ईश्वर सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ किसान पोर्टल पर पीआर धान का पंजीकरण करवाकर इसका लाभ उठाते हैं जबकि खेतों में दूसरी किस्म की फसल तैयार करते हैं। इस फसल को निजी राइस मिलों में बेच दिया जाता है।
पीआर धान के पंजीकरण का इस्तेमाल दूसरे राज्यों से आने वाली हाइब्रिड धान को स्थानीय उपज दर्शाकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खपाने में किए जाने की आशंका है।
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पटवारी की सत्यापन प्रक्रिया पर उठे सवाल : पोर्टल पर दर्ज फसल और खेत में खड़ी फसल के बीच अंतर सामने आने से सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि इसी खामी का फायदा उठाकर पंजीकरण का कथित कारोबार चल रहा है। नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार ने बताया कि किसान मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण करवाता है।
सेटेलाइट के माध्यम से गड़बड़ी सामने आने पर पटवारी मौके पर जाकर फसल की तस्दीक करता है। उन्होंने किसानों से वास्तविक फसल के अनुसार पंजीकरण करवाने की अपील की।
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किसान संगठन के रामकिशन, जयकिशन और ईश्वर सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ किसान पोर्टल पर पीआर धान का पंजीकरण करवाकर इसका लाभ उठाते हैं जबकि खेतों में दूसरी किस्म की फसल तैयार करते हैं। इस फसल को निजी राइस मिलों में बेच दिया जाता है।
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पीआर धान के पंजीकरण का इस्तेमाल दूसरे राज्यों से आने वाली हाइब्रिड धान को स्थानीय उपज दर्शाकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खपाने में किए जाने की आशंका है।
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पटवारी की सत्यापन प्रक्रिया पर उठे सवाल : पोर्टल पर दर्ज फसल और खेत में खड़ी फसल के बीच अंतर सामने आने से सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि इसी खामी का फायदा उठाकर पंजीकरण का कथित कारोबार चल रहा है। नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार ने बताया कि किसान मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण करवाता है।
सेटेलाइट के माध्यम से गड़बड़ी सामने आने पर पटवारी मौके पर जाकर फसल की तस्दीक करता है। उन्होंने किसानों से वास्तविक फसल के अनुसार पंजीकरण करवाने की अपील की।