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Fatehabad News: किसानों के खेतों में लगाए जाएंगे चार लाख पौधे, सबसे ज्यादा लगेगी नीलगिरी
Sun, 23 Jun 2024 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 23 Jun 2024 01:23 AM IST
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गांव मेहूवाला में लगाए गए नीलगिरी के पेड़।
फतेहाबाद। जिले में वन क्षेत्र बढ़ाने और पर्यावरण को बचाने के लिए वन विभाग बरसात में किसानों के खेतों में चार लाख पौधे लगाएगा। एक साल तक इन पौधों की देखरेख वन विभाग करेगा। उसके बाद किसानों को सौंप दिए जाएंगे। पिछले साल भी जिले में 4.50 लाख पौधे लगाए गए थे, जिनमें से 90 प्रतिशत पेड़ नीलगिरी के थे जबकि 10 प्रतिशत नीम, शीशम, जांटी और बबूल आदि के थे। वहीं, इस वित्त वर्ष में चार लाख पौधे लगाए जाएंगे, जिनमें से 3.60 लाख पौधे नीलगिरी के होंगे। 40,000 पौधे अन्य प्रजातियों के लगाए जाएंगे।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नीलगिरी के पौधे सेम को खत्म करने में सहायक होते हैं। नीलगिरी के पौधे को पानी की जरूरत अधिक होती है। यह तीन वर्षों में तैयार हो जाता है। ऐसे में सेम की समस्या से परेशान किसान नीलगिरी के पौधे लगाकर उन्हें पेड़ बना सकते हैं।
तीन साल बाद इन पेड़ों को काटकर बेचने पर जो कमाई होगी, वह किसान का शुद्ध मुनाफा होगा। इस तरह बंजर जमीन को फिर से उपजाऊ बनाने में मदद मिलेगी और आर्थिक फायदा भी हो सकेगा। वहीं, जहां पानी की कमी है, उन स्थानों पर किसान बरकेन, जांटी और शीशम के पौधे लगवाने के आवेदन कर सकते हैं।
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जिले में 40,000 एकड़ जमीन पर है सेम की समस्या
जिले में 40,000 एकड़ जमीन पर सेम की समस्या है। हालांकि, इनमें से 28,000 एकड़ में सेम की समस्या खत्म करने के लिए सिंचाई विभाग ने प्रोजेक्ट शुरू कर दिए हैं। इसके बावजूद 12,000 एकड़ में अब भी काम होना बाकी है। ऐसे में वहां के किसान वन विभाग से पौधे लगवा कर भी अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं।
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गांव मेहूवाला के खेत में लगाए थे 2,600 पौधे
गांव मेहूवाला के किसान विपिन सैनी ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में एक वर्ष पहले नीलगिरी के 2,600 पौधे लगवाए थे। इनको एक साल पूरा हो गया है। अब वन विभाग ने इन पौधों को उन्हें सौंप दिया है। उनके खेत में लगाए गए 2,600 पौधों में से 2,500 कामयाब हो गए हैं। दो साल बाद ये पौधे 10 फुट तक के पेड़ बन जाएंगे।
वन क्षेत्र को बढ़ाने और किसानों को अच्छा मुनाफा देने के लिए वन विभाग की ओर से जिले में इस साल चार लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए वन विभाग ने गड्ढे खोद दिए हैं। बारिश के बाद किसानों के खेतों में पौधे लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। एक साल तक इन पौधों की सुरक्षा वन विभाग करेगा।
- राजेश कुमार, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद।
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वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नीलगिरी के पौधे सेम को खत्म करने में सहायक होते हैं। नीलगिरी के पौधे को पानी की जरूरत अधिक होती है। यह तीन वर्षों में तैयार हो जाता है। ऐसे में सेम की समस्या से परेशान किसान नीलगिरी के पौधे लगाकर उन्हें पेड़ बना सकते हैं।
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तीन साल बाद इन पेड़ों को काटकर बेचने पर जो कमाई होगी, वह किसान का शुद्ध मुनाफा होगा। इस तरह बंजर जमीन को फिर से उपजाऊ बनाने में मदद मिलेगी और आर्थिक फायदा भी हो सकेगा। वहीं, जहां पानी की कमी है, उन स्थानों पर किसान बरकेन, जांटी और शीशम के पौधे लगवाने के आवेदन कर सकते हैं।
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जिले में 40,000 एकड़ जमीन पर है सेम की समस्या
जिले में 40,000 एकड़ जमीन पर सेम की समस्या है। हालांकि, इनमें से 28,000 एकड़ में सेम की समस्या खत्म करने के लिए सिंचाई विभाग ने प्रोजेक्ट शुरू कर दिए हैं। इसके बावजूद 12,000 एकड़ में अब भी काम होना बाकी है। ऐसे में वहां के किसान वन विभाग से पौधे लगवा कर भी अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं।
गांव मेहूवाला के खेत में लगाए थे 2,600 पौधे
गांव मेहूवाला के किसान विपिन सैनी ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में एक वर्ष पहले नीलगिरी के 2,600 पौधे लगवाए थे। इनको एक साल पूरा हो गया है। अब वन विभाग ने इन पौधों को उन्हें सौंप दिया है। उनके खेत में लगाए गए 2,600 पौधों में से 2,500 कामयाब हो गए हैं। दो साल बाद ये पौधे 10 फुट तक के पेड़ बन जाएंगे।
वन क्षेत्र को बढ़ाने और किसानों को अच्छा मुनाफा देने के लिए वन विभाग की ओर से जिले में इस साल चार लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए वन विभाग ने गड्ढे खोद दिए हैं। बारिश के बाद किसानों के खेतों में पौधे लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। एक साल तक इन पौधों की सुरक्षा वन विभाग करेगा।
- राजेश कुमार, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद।