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Fatehabad News: पहली बार बिजली निगम ने एक्सईएन को बनाया सुरक्षा अधिकारी, नागरिक दे सकेंगे सीधी शिकायत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Aug 2024 04:05 AM IST
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For the first time, Electricity Corporation has made XEN a security officer, citizens will be able to give direct complaints
फतेहाबाद। बिजली निगम की लाइनों से किसी व्यक्ति एवं कर्मचारी को कोई नुकसान न हो, इसके लिए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने कार्यकारी अभियंता को सुरक्षा अधिकारी लगाया है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी कार्यकारी अभियंता को सुरक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।
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बिजली लाइनों से संबंधित किसी भी प्रकार के खतरे की सूचना सीधे मुख्यालय को दी जा सकेगी। कार्यकारी अभियंता (सुरक्षा) के व्हाट्सएप नंबर 9050960500 पर कोई भी नागरिक ऐसे स्थान का फोटो, वीडियो, गूगल लोकेशन या लैंडमार्क, उपमंडल क्षेत्र के नाम आदि के साथ जानकारी दे सकता है। जान माल के खतरे से बचाव करते हुए टूटे खंभे, बिजली की तारों, सपोर्ट वायर, अर्थ वायर, ट्रांसफार्मर, मीटर बॉक्स अथवा अन्य किसी में आने वाले करंट की सूचना भी उपभोक्ता इस व्हाट्सएप नंबर पर तुरंत दे सकते हैं। निगम द्वारा उसे तुरंत ही ठीक करवाया जाएगा।
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अगले 15 दिन चलेगा संपूर्ण सुरक्षा अभियान
एसडीओ स्तर पर फील्ड में कार्यरत स्टाफ कनिष्ठ अभियंता, फोरमैन, लाइनमैन, सहायक लाइन स्टाफ ने गहन सुरक्षा अभियान चलाना है। एसडीओ की भागीदारी से सभी क्षेत्र प्रभारी एएलएम, एलएम, एएफएम और जेई अपने क्षेत्र-वार जिम्मेदारियों के अनुसार सिस्टम की कमियों व दोषों को दूर करेंगे। अगले 15 दिनों के भीतर क्षेत्र में संपूर्ण सुरक्षा अभियान चला कर शुरुआत में ही सारे क्षेत्र में सुधार करेंगे। क्षेत्र प्रभारी को नियमित रूप से सभी विद्युत संपत्तियों की गश्त करनी है और नामित फीडर प्रभारी को विद्युत प्रणाली के नियमित रखरखाव और सुरक्षित स्थिति में रखरखाव के लिए एक निगरानी पुस्तिका बनाए रखनी है। इस पुस्तिका में सिस्टम में पाए जाने वाले सभी दोषों व कमियों को जीपीएस निर्देशांक सहित शामिल किया जाना है। इसमें फीडर का नाम, ट्रांसफार्मर का नाम, क्षेत्र, जीपीएस लोकेशन के साथ पाई गईं या देखी गईं कमियां एवं किए गए अनुरक्षण कार्य का विवरण दर्ज करना है।
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हर माह के अंत में जमा होगा रिकॉर्ड
प्रत्येक माह के अंत में एएलएम, एलएम, एएफएम, जेई और एसडीओ को संबंधित ऑपरेशन के कार्यकारी अभियंता के माध्यम से एसई को एक प्रमाण पत्र और गश्त रिकॉर्ड जमा करवाना होगा। प्रमाण पत्र में लिखा होना चाहिए कि उनके अधिकार क्षेत्र के तहत प्रणाली ठीक से बनी हुई है और संभावित खतरों से मुक्त है। एसडीओ को सिस्टम की खामियों व कमियों को दूर करने के लिए किए गए कार्यों का शत-प्रतिशत निरीक्षण व सत्यापन करना होगा। कार्यकारी अभियंता को कम से कम 25 प्रतिशत निरीक्षण व सत्यापन करना होगा। इसी तरह एसई ऑपरेशन को कम से कम 10 प्रतिशत कार्य का निरीक्षण एवं सत्यापन करना होगा। मुख्य अभियंता ऑपरेशन पूरे क्षेत्र के लिए एक समेकित रिपोर्ट तैयार करेगा। इस रिपोर्ट को घातक और गैर-घातक दुर्घटनाओं के लिए मासिक ऑल टाइम डायरेक्टर्स बैठक के एजेंडे में शामिल कर अपडेट करेंगे।

कोट
आम नागरिकों की सुरक्षा ही प्राथमिकता है। बिजली वितरण कंपनी के रूप में सुरक्षित और दुर्घटना-मुक्त प्रणाली बनाए रखना हमारा दायित्व है। हाल के अवलोकन ने विद्युत लाइनों, खंभों, ट्रांसफार्मर, फीडर खंभे जैसे उपभोक्ता आवासों की विद्युत संपत्तियों की खतरनाक स्थितियों को उजागर किया है। मीटर और मीटर बॉक्स खंभों पर स्थापित किए गए। यह गंभीर सुरक्षा चिंताएं पैदा करते हैं और कभी-कभी घातक और गैर-घातक दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। इसलिए नई व्यवस्था की जा रही है।
-पीसी मीणा, प्रबंध निदेशक, डीएचबीवीएन
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