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Fatehabad News: पराली जलाने से रोकने के लिए फ्लैग मार्च निकाला
Wed, 12 Nov 2025 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 12 Nov 2025 11:43 PM IST
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पराली जलाने की घटनाओं पर रोक के लिए गांवों में निकाला फ्लैग मार्च निकालते हुए एसडीएम व अन्य अधि
रतिया। उपमंडलाधीश सुरेन्द्र सिंह ने बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ धान की पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए उपमंडल के विभिन्न गांवों में फ्लैग मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च रतिया से शुरू होकर सहनाल, रायपुर, ढाणी रायपुर, सुखमनपुर, हंसगा, पालसर, अहरवां और हमजापुर गांवों से होकर गुजरा।
इस दौरान एसडीएम सुरेन्द्र सिंह ने किसानों को पराली न जलाने, सुपर सीडर एवं अन्य मशीनों के माध्यम से पराली प्रबंधन अपनाने के लिए जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि पराली न जलाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। जिन गांवों में पराली जलाने का कोई मामला दर्ज नहीं होगा, वहां की पंचायत को सम्मानित किया जाएगा। एसडीएम ने कहा कि पराली जलाने से प्रकृति, जमीन तथा मानव जीवन पर अत्यंत गंभीर व प्रतिकूल प्रभाव पड़ते हैं, इससे जमीन की उर्वरा शक्ति नष्ट होने के साथ-साथ प्राकृतिक प्रदूषण की वजह से मनुष्य भी अनेक जानलेवा बीमारियों का शिकार होता है। हमें प्रदूषण नियंत्रण उपायों को पूरी गंभीरता से अपनाना होगा। उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण हम सबके लिए चिंता का विषय है, जिसका हमारे स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
इस मौके पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी हनीश कुमार, विकास कुमार लंग्यान, एएससीओ सुरेश कुमार, बीएओ संदीप बिडलान, अग्निशमन इंचार्ज कृष्ण कुमार, सब इंस्पेक्टर कवर सिंह, विजय कुमार, सुरजीत कुमार आदि मौजूद रहे।
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फसल अवशेष जलाने से बचें, किया प्रेरित
संवाद न्यूज एजेंसी फतेहाबाद। एसडीएम राजेश कुमार ने बुधवार को क्षेत्र में फसल अवशेष प्रबंधन के तहत चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने गांव माजरा, भिरड़ाना, बहलभोमिया, नुरकी अहली, हिजरावा खुर्द व हिजरावा कलां का दौरा कर अधिकारियों को निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने किसानों और ग्रामीणों से अपील की कि फसल कटाई के बाद खेतों में अवशेषों को आग न लगाएं। उन्होंने बताया कि अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने किसानों को कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सरकार 1200 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है और इसका लाभ सभी को लेना चाहिए।एसडीएम ने पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि कोई किसान अपने खेत में फसल अवशेष जला रहा है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कृषि विभाग से कहा कि अधिकारी अपने क्षेत्र में ग्राम और ब्लॉक स्तरीय टीमों के साथ फील्ड में मौजूद रहें। इस अवसर पर तहसीलदार विकास, खंड कृषि अधिकारी डॉ. जय कुमार और अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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इस दौरान एसडीएम सुरेन्द्र सिंह ने किसानों को पराली न जलाने, सुपर सीडर एवं अन्य मशीनों के माध्यम से पराली प्रबंधन अपनाने के लिए जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि पराली न जलाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। जिन गांवों में पराली जलाने का कोई मामला दर्ज नहीं होगा, वहां की पंचायत को सम्मानित किया जाएगा। एसडीएम ने कहा कि पराली जलाने से प्रकृति, जमीन तथा मानव जीवन पर अत्यंत गंभीर व प्रतिकूल प्रभाव पड़ते हैं, इससे जमीन की उर्वरा शक्ति नष्ट होने के साथ-साथ प्राकृतिक प्रदूषण की वजह से मनुष्य भी अनेक जानलेवा बीमारियों का शिकार होता है। हमें प्रदूषण नियंत्रण उपायों को पूरी गंभीरता से अपनाना होगा। उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण हम सबके लिए चिंता का विषय है, जिसका हमारे स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
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इस मौके पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी हनीश कुमार, विकास कुमार लंग्यान, एएससीओ सुरेश कुमार, बीएओ संदीप बिडलान, अग्निशमन इंचार्ज कृष्ण कुमार, सब इंस्पेक्टर कवर सिंह, विजय कुमार, सुरजीत कुमार आदि मौजूद रहे।
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फसल अवशेष जलाने से बचें, किया प्रेरित
संवाद न्यूज एजेंसी फतेहाबाद। एसडीएम राजेश कुमार ने बुधवार को क्षेत्र में फसल अवशेष प्रबंधन के तहत चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने गांव माजरा, भिरड़ाना, बहलभोमिया, नुरकी अहली, हिजरावा खुर्द व हिजरावा कलां का दौरा कर अधिकारियों को निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने किसानों और ग्रामीणों से अपील की कि फसल कटाई के बाद खेतों में अवशेषों को आग न लगाएं। उन्होंने बताया कि अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने किसानों को कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सरकार 1200 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है और इसका लाभ सभी को लेना चाहिए।एसडीएम ने पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि कोई किसान अपने खेत में फसल अवशेष जला रहा है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कृषि विभाग से कहा कि अधिकारी अपने क्षेत्र में ग्राम और ब्लॉक स्तरीय टीमों के साथ फील्ड में मौजूद रहें। इस अवसर पर तहसीलदार विकास, खंड कृषि अधिकारी डॉ. जय कुमार और अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।