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Fatehabad News: गलत खानपान और व्यायाम न करने से पांच फीसदी लोगों को मधुमेह, चिकित्सक बोले- दवाई छोड़ना खतरनाक
Thu, 14 Nov 2024 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 14 Nov 2024 01:09 AM IST
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फतेहाबाद। गलत खानपान, व्यायाम न करना और अनुवांशिक कारणों से पांच फीसदी लोग मधुमेह (डायबिटीज) का शिकार हो रहे हैं। यही नहीं कई मरीज ऐसे हैं जो कि दवाई शुरू करने के बाद बीच में ही छोड़ रहे हैं। दवा छोड़ना उनके लिए खतरनाक बन रहा है।
जिले में सरकारी अस्पतालों में बनाई गई एनसीडी क्लीनिक में इस साल 2.82 लाख मरीजों का स्वास्थ्य जांचा गया। इसमें 13,229 लोग मधुमेह (डायबिटीज) का शिकार मिले हैं। नागरिक अस्पताल की एनसीडी क्लीनिक में इस साल अप्रैल माह से अक्तूबर तक 8,690 मरीजों का स्वास्थ्य जांचा गया। इसमें से 900 मरीज मधुमेह के मिले हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि टाइप एक में मधुमेह के अनुवांशिक कारण रहते हैं और टाइप दो में खुद के गलत लाइफ स्टाइल जिम्मेदार रहता है। अगर किसी के परिवार में किसी को मधुमेह रह चुकी है तो बच्चों पर भी असर की आशंका ज्यादा रहती है।
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-- -- -- -
नागरिक अस्पताल में स्क्रीनिंग के दौरान मिले मधुमेह मरीज
माह स्क्रीनिंग हुई मधुमेह के मरीज मिले
अप्रैल 1250 29
मई 1446 25
जून 1086 24
जुलाई 1131 210
अगस्त 1052 118
सितंबर 1486 270
अक्टूबर 1238 223
-
ये लक्षण दिखें तो जरूर करवाएं जांच
- अधिक भूख एवं प्यास लगना
- बार-बार पेशाब आना
- खुद को थका हुआ महसूस करना
- वजन बढ़ना या कम होना
- त्वचा में खुजली होना या अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं होना
- उल्टी करने का जी करना
- मुंह सूखना
- बाहरी संक्रमण के प्रति शरीर संवेदनशील हो जाता है
- नेत्र संबंधी समस्याएं जैसे- धुंधला दिखना
-- -- --
एनसीडी क्लीनिक में 30 साल से ज्यादा के व्यक्ति को मधुमेह की जरूर जांच करवानी चाहिए। अगर किसी को मधुमेह है तो डॉक्टर से परामर्श लेकर दवा जरूर लें और बीच में न छोड़े। मोटापा भी मधुमेह का कारण है। खानपान पर नियंत्रण करके और नियमित व्यायाम करके मधुमेह से बचा जा सकता है।
- डॉ. सुनीता सोखी, कंसलटेंट एवं इंचार्ज एनसीडी क्लीनिक नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।
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जिले में सरकारी अस्पतालों में बनाई गई एनसीडी क्लीनिक में इस साल 2.82 लाख मरीजों का स्वास्थ्य जांचा गया। इसमें 13,229 लोग मधुमेह (डायबिटीज) का शिकार मिले हैं। नागरिक अस्पताल की एनसीडी क्लीनिक में इस साल अप्रैल माह से अक्तूबर तक 8,690 मरीजों का स्वास्थ्य जांचा गया। इसमें से 900 मरीज मधुमेह के मिले हैं।
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चिकित्सकों का कहना है कि टाइप एक में मधुमेह के अनुवांशिक कारण रहते हैं और टाइप दो में खुद के गलत लाइफ स्टाइल जिम्मेदार रहता है। अगर किसी के परिवार में किसी को मधुमेह रह चुकी है तो बच्चों पर भी असर की आशंका ज्यादा रहती है।
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नागरिक अस्पताल में स्क्रीनिंग के दौरान मिले मधुमेह मरीज
माह स्क्रीनिंग हुई मधुमेह के मरीज मिले
अप्रैल 1250 29
मई 1446 25
जून 1086 24
जुलाई 1131 210
अगस्त 1052 118
सितंबर 1486 270
अक्टूबर 1238 223
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ये लक्षण दिखें तो जरूर करवाएं जांच
- अधिक भूख एवं प्यास लगना
- बार-बार पेशाब आना
- खुद को थका हुआ महसूस करना
- वजन बढ़ना या कम होना
- त्वचा में खुजली होना या अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं होना
- उल्टी करने का जी करना
- मुंह सूखना
- बाहरी संक्रमण के प्रति शरीर संवेदनशील हो जाता है
- नेत्र संबंधी समस्याएं जैसे- धुंधला दिखना
एनसीडी क्लीनिक में 30 साल से ज्यादा के व्यक्ति को मधुमेह की जरूर जांच करवानी चाहिए। अगर किसी को मधुमेह है तो डॉक्टर से परामर्श लेकर दवा जरूर लें और बीच में न छोड़े। मोटापा भी मधुमेह का कारण है। खानपान पर नियंत्रण करके और नियमित व्यायाम करके मधुमेह से बचा जा सकता है।
- डॉ. सुनीता सोखी, कंसलटेंट एवं इंचार्ज एनसीडी क्लीनिक नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।