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टायर फैक्टरी में लगी भीषण आग, एक घंटे बाद पहुंचीं छह दमकल गाड़ियां, चार सौ टन टायर जला
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बाबा राणाधीर टायर फैक्ट्री में लगी आग को काबू करते दमकल विभाग के कर्मी
- फोटो : Fatehabad
भूना। हिसार रोड पर इंडेन गैस एजेंसी के गोदाम के नजदीक बाबा राणाधीर रबड़ टायर फैक्टरी में रविवार की अलसुबह आग लग गई। इसके बाद फैक्टरी के मालिक ने दमकल विभाग को फोन पर सूचित किया लेकिन भूना में दमकल गाड़ी नहीं मिली। फतेहाबाद, टोहाना, रतिया तथा उकलाना की छह दमकल गाड़ियां धुंध के कारण एक घंटे बाद मौके पर पहुंचीं और चार घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक करीब चार सौ टन टायर और एक जेसीबी मशीन जल गई। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना के दौरान नायब तहसीलदार व एसएसओ ने मौके पर पहुंचकर पूरी घटना का जायजा लिया।
फैक्टरी में रविवार की अल सुबह तारों में फाल्ट आया और लाइट चली गई। फाल्ट से निकली चिंगारी के कारण फैक्टरी में केमिकल एवं टायरों में आग लग गई। फैक्टरी में कर्मचारी चमन लाल ने कमरे से बाहर निकल कर देखा तो टायरों में आग लगी हुई थी। इसकी सूचना उसने तुरंत अपने फैक्टरी मालिक मुकेश सिंगला को फोन पर दी। सूचना मिलते ही सिंगला ने दमकल विभाग व पुलिस कंट्रोल रूम में सूचित किया। इसके बाद फतेहाबाद, रतिया, टोहाना व धारसूल से गाड़ियां पहुंचीं। आग से कोई जनहानि नहीं हुई। मगर चार सौ टन टायर जलकर राख हो गए हैं। फैक्टरी में खड़ी एक जेसीबी मशीन भी आग की चपेट में आ गई। जिसके चारों टायर व इंजन इत्यादि जल गए। फैक्ट्री में लगी आग को काबू करने में 4 घंटे का समय लग गया।
टायरों से निकलने वाले तेल से फैली आग
फैक्टरी में पुराने टायरों से तेल व लोहे की तार निकालने का कार्य पिछले कई वर्षों से हो रहा है। टायरों से निकलने वाले तेल से आग फैल गई। रविवार की सुबह फैक्टरी में लाखों रुपये का स्टॉक टायर आग में धू-धू कर जल गया। जिसकी कीमत 60 लाख रुपये बताई गई है। एसएसओ ने मौके पर पहुंचकर घटनाक्रम का बारीकी से निरीक्षण किया। जिसमें बिजली की तारों से फाल्ट होना पाया गया है। वहीं नायब तहसीलदार मनोहरलाल भी घटनास्थल में पहुंचे।
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दमकल गाड़ी भूना होती तो बड़ा नुकसान न होता
फैक्टरी के मालिक मुकेश कुमार सिंगला ने बताया कि अगर मार्केट कमेटी भूना में फायर ब्रिगेड की गाड़ी होती तो बड़ा नुकसान होने से बच सकता था। लेकिन मौके पर छह दमकल गाड़ी आई। जिनमें से एक गाड़ी फैक्टरी में आते ही खराब हो गई। इसलिए आग बुझाने में पांच दमकल गाड़ियों ने भरसक प्रयास किया। जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद पूरी फैक्टरी को तबाह होने से बचा लिया। उन्होंने बताया कि फतेहाबाद से 25 व रतिया से 20 तथा टोहाना से 24 किलोमीटर सफर तय करके दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। धुंध होने के कारण इन गाड़ियों को पहुंचने में समय लगा। अगर भूना में फायर बिग्रेड होती तो बिजली की तारों से निकली चिंगारी के बाद लगी आग को काबू किया जा सकता था।
वर्जन
भूना की टायर फैक्टरी में सुबह आग लगने की सूचना आई थी। इसके बाद फतेहाबाद, टोहाना व धारसूल से गाड़ियां भेजी गई। धुंध होने के कारण पहुंचने में समय लगा। लेकिन फिर कर्मचारियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।
- राजेंद्र कुमार, लीडिंग फायर मैन
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फैक्टरी में रविवार की अल सुबह तारों में फाल्ट आया और लाइट चली गई। फाल्ट से निकली चिंगारी के कारण फैक्टरी में केमिकल एवं टायरों में आग लग गई। फैक्टरी में कर्मचारी चमन लाल ने कमरे से बाहर निकल कर देखा तो टायरों में आग लगी हुई थी। इसकी सूचना उसने तुरंत अपने फैक्टरी मालिक मुकेश सिंगला को फोन पर दी। सूचना मिलते ही सिंगला ने दमकल विभाग व पुलिस कंट्रोल रूम में सूचित किया। इसके बाद फतेहाबाद, रतिया, टोहाना व धारसूल से गाड़ियां पहुंचीं। आग से कोई जनहानि नहीं हुई। मगर चार सौ टन टायर जलकर राख हो गए हैं। फैक्टरी में खड़ी एक जेसीबी मशीन भी आग की चपेट में आ गई। जिसके चारों टायर व इंजन इत्यादि जल गए। फैक्ट्री में लगी आग को काबू करने में 4 घंटे का समय लग गया।
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टायरों से निकलने वाले तेल से फैली आग
फैक्टरी में पुराने टायरों से तेल व लोहे की तार निकालने का कार्य पिछले कई वर्षों से हो रहा है। टायरों से निकलने वाले तेल से आग फैल गई। रविवार की सुबह फैक्टरी में लाखों रुपये का स्टॉक टायर आग में धू-धू कर जल गया। जिसकी कीमत 60 लाख रुपये बताई गई है। एसएसओ ने मौके पर पहुंचकर घटनाक्रम का बारीकी से निरीक्षण किया। जिसमें बिजली की तारों से फाल्ट होना पाया गया है। वहीं नायब तहसीलदार मनोहरलाल भी घटनास्थल में पहुंचे।
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दमकल गाड़ी भूना होती तो बड़ा नुकसान न होता
फैक्टरी के मालिक मुकेश कुमार सिंगला ने बताया कि अगर मार्केट कमेटी भूना में फायर ब्रिगेड की गाड़ी होती तो बड़ा नुकसान होने से बच सकता था। लेकिन मौके पर छह दमकल गाड़ी आई। जिनमें से एक गाड़ी फैक्टरी में आते ही खराब हो गई। इसलिए आग बुझाने में पांच दमकल गाड़ियों ने भरसक प्रयास किया। जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद पूरी फैक्टरी को तबाह होने से बचा लिया। उन्होंने बताया कि फतेहाबाद से 25 व रतिया से 20 तथा टोहाना से 24 किलोमीटर सफर तय करके दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। धुंध होने के कारण इन गाड़ियों को पहुंचने में समय लगा। अगर भूना में फायर बिग्रेड होती तो बिजली की तारों से निकली चिंगारी के बाद लगी आग को काबू किया जा सकता था।
वर्जन
भूना की टायर फैक्टरी में सुबह आग लगने की सूचना आई थी। इसके बाद फतेहाबाद, टोहाना व धारसूल से गाड़ियां भेजी गई। धुंध होने के कारण पहुंचने में समय लगा। लेकिन फिर कर्मचारियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।
- राजेंद्र कुमार, लीडिंग फायर मैन